जीवाजी यूनिवर्सिटी में विकलांग भर्ती घोटाले का पर्दाफाश, नाबालिग को दे दी नौकरी
Sandeep Kumar | Feb 22, 2025, 08:50 IST
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जीवाजी विश्वविद्यालय में एक नाबालिग उम्मीदवार को चतुर्थ श्रेणी पद पर भर्ती किया गया, जो नियमों के खिलाफ है। ऑडिट विभाग ने वेतन भुगतान से पहले दस्तावेजों की जांच की और पाया कि उम्मीदवार की आयु भर्ती के लिए मान्य नहीं थी।
ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी (Jiwaji University) में विकलांग भर्ती प्रक्रिया में बड़ा घोटाला सामने आया है। प्रशासन ने नियमों को दरकिनार कर 17 वर्षीय नाबालिग (Minor) को चतुर्थ श्रेणी पद पर भर्ती कर लिया। इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही थी, लेकिन ऑडिट विभाग (Audit Department) ने वेतन भुगतान पर रोक लगा दी। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने जांच समिति गठित कर दी है।
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ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी में विकलांगों की भर्ती प्रक्रिया में बड़ी गड़बड़ी उजागर हुई है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने चतुर्थ श्रेणी (Fourth Class Post) के एक पद पर नियमों को तोड़ते हुए एक नाबालिग उम्मीदवार (Minor Candidate) की भर्ती कर दी।
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भर्ती प्रक्रिया में शामिल स्क्रूटनी कमेटी (Scrutiny Committee) और इंटरव्यू कमेटी (Interview Committee) ने इस गड़बड़ी पर ध्यान नहीं दिया। इससे यूनिवर्सिटी की भर्ती प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भी नए कुलगुरु (Vice Chancellor) प्रो. राजकुमार आचार्य को पूरी जानकारी नहीं दी गई। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस पूरे मामले को दबाने की कोशिश की, लेकिन ऑडिट विभाग ने घोटाले का पर्दाफाश कर दिया।
इस मामले के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अब जांच समिति (Inquiry Committee) गठित कर दी है। इसके साथ ही विधिक राय (Legal Opinion) मांगी गई है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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विवि में विकलांग भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
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ऑडिट विभाग ने पकड़ी गड़बड़ी
ऑडिट विभाग (Audit Department) ने जब दस्तावेजों की जांच की, तो घोटाले का खुलासा हुआ। भर्ती किए गए उम्मीदवार की उम्र 17 वर्ष 8 माह 16 दिन (17 Years 8 Months 16 Days) थी, जबकि न्यूनतम आयु 18 वर्ष (18 Years) होनी चाहिए थी। ऑडिट शाखा (Audit Branch) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वेतन जारी करने पर रोक लगा दी।
स्क्रूटनी और इंटरव्यू कमेटी ने नहीं दिया ध्यान
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कुलगुरु को नहीं दी गई जानकारी
जांच कमेटी गठित
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