रिटायरमेंट से एक दिन पहले AE रिश्वत लेते गिरफ्तार, ग्वालियर लोकायुक्त की कार्रवाई
Sanjay Dhiman | Jul 30, 2026, 18:28 IST
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ग्वालियर नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर सुशील कटारे को लोकायुक्त पुलिस ने 6 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ठेकेदार की शिकायत पर हुई कार्रवाई में 36 हजार की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया। गिरफ्तारी रिटायरमेंट से एक दिन पहले हुई।
ग्वालियर नगर निगम में रिश्वतखोरी का एक बड़ा मामला सामने आया है। नगर निगम के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (AE) सुशील कटारे को लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कार्रवाई उस समय हुई जब उनकी सेवानिवृत्ति में सिर्फ एक दिन बाकी था।
लोकायुक्त टीम ने AE सुशील कटारे को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई गुरुवार को नगर निगम कार्यालय में की गई। घटना के बाद निगम कार्यालय में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
इस पूरे मामले की शुरुआत ठेकेदार सचिन पचौरी की शिकायत से हुई थी। ठेकेदार ने लोकायुक्त पुलिस को बताया था कि उनकी फाइल आगे बढ़ाने के लिए AE सुशील कटारे रिश्वत मांग रहे हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार अधिकारी ने काम पूरा करने के बदले 36 हजार रुपए की मांग की थी। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पहले मामले की जांच कराई थी।
जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद रिश्वत की रकम देने के दौरान अधिकारी को पकड़ने की तैयारी की गई।
लोकायुक्त जांच में सामने आया कि आरोपी अधिकारी 36 हजार रुपए की मांग में से 30 हजार रुपए पहले ही ले चुका था। यह रकम 28 जुलाई को ली गई थी।
इसके बाद बाकी 6 हजार रुपए देने के लिए ठेकेदार सचिन पचौरी नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे। जैसे ही AE सुशील कटारे ने रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, लोकायुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई की।
टीम ने मौके पर पहुंचकर अधिकारी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने मौके पर जरूरी कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की।
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
लोकायुक्त अधिकारियों ने रिश्वत की रकम जब्त कर पंचनामा तैयार किया है। इसके साथ ही पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।
ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान AE सुशील कटारे को 6 हजार रुपए लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
AE सुशील कटारे की गिरफ्तारी इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि उनकी नौकरी का आखिरी दिन नजदीक था। रिटायरमेंट से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई ने नगर निगम कर्मचारियों के बीच भी हलचल बढ़ा दी है।
भ्रष्टाचार के मामलों में लोकायुक्त लगातार सरकारी विभागों में कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर जांच के बाद सख्त कदम उठाए जाते हैं।
यह मामला सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े करता है। लोकायुक्त की कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने की कोशिश की गई है।
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लोकायुक्त टीम ने AE सुशील कटारे को 6 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। यह कार्रवाई गुरुवार को नगर निगम कार्यालय में की गई। घटना के बाद निगम कार्यालय में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
ठेकेदार की शिकायत पर हुई लोकायुक्त कार्रवाई
शिकायतकर्ता के अनुसार अधिकारी ने काम पूरा करने के बदले 36 हजार रुपए की मांग की थी। लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद पहले मामले की जांच कराई थी।
जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त अधिकारियों ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद रिश्वत की रकम देने के दौरान अधिकारी को पकड़ने की तैयारी की गई।
36 हजार रुपए की मांग में 30 हजार पहले लिए
इसके बाद बाकी 6 हजार रुपए देने के लिए ठेकेदार सचिन पचौरी नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे। जैसे ही AE सुशील कटारे ने रिश्वत की रकम अपने हाथों में ली, लोकायुक्त टीम ने तुरंत कार्रवाई की।
टीम ने मौके पर पहुंचकर अधिकारी को रिश्वत की रकम के साथ गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने मौके पर जरूरी कानूनी प्रक्रिया भी पूरी की।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त अधिकारियों ने रिश्वत की रकम जब्त कर पंचनामा तैयार किया है। इसके साथ ही पूरे मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है।
ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक निरंजन शर्मा ने बताया कि अधिकारी के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद ट्रैप कार्रवाई की गई।
उन्होंने बताया कि कार्रवाई के दौरान AE सुशील कटारे को 6 हजार रुपए लेते हुए पकड़ा गया। आरोपी अधिकारी के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
रिटायरमेंट से पहले कार्रवाई बनी चर्चा का विषय
भ्रष्टाचार के मामलों में लोकायुक्त लगातार सरकारी विभागों में कार्रवाई कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि रिश्वतखोरी से जुड़े मामलों में शिकायत मिलने पर जांच के बाद सख्त कदम उठाए जाते हैं।
यह मामला सरकारी विभागों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े करता है। लोकायुक्त की कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश देने की कोशिश की गई है।
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78 हजार रुपए की रिश्वत लेते वनपाल गिरफ्तार, रीवा लोकायुक्त की कार्रवाई
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