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Photograph: (the sootr)
Gwalior. कांग्रेस विधायक डॉ. सतीश सिकरवार ने ग्वालियर में SIR प्रक्रिया में बड़े फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि इस सुधार कार्यक्रम में सॉफ्टवेयर का गलत तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके माध्यम से विधानसभाओं और मतदाताओं के नाम बदल दिए जा रहे हैं। डॉ. सिकरवार ने अपना उदाहरण देते हुए कहा कि उनका नाम भी फर्जी तरीके से मतदाता सूची से हटा दिया गया था।
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क्या है पूरा मामला?
डॉ. सतीश सिकरवार, ग्वालियर पूर्व विधानसभा से कांग्रेस विधायक हैं। उनका कहना है कि उनके साथ एक बड़ी गड़बड़ी हुई है। उनका नाम मतदाता सूची से कट गया है और उसे गलत विधानसभा क्षेत्र में दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि उनका नाम 15 ग्वालियर विधानसभा के तहत दर्ज किया गया है। जबकि वह 16 ग्वालियर पूर्व विधानसभा के मतदाता हैं।
कांग्रेस विधायक के आरोप और बीएलओ पर कार्रवाई को ऐसे समझें
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BLO पर लगाया आरोप
डॉ. सिकरवार ने मीडिया को बताया कि वह असल में '16 ग्वालियर पूर्व विधानसभा' के मतदाता हैं। लेकिन, BLO कुणाल पवार ने उनका नाम गलत तरीके से '15 ग्वालियर विधानसभा' के 'भाग संख्या 227' में दर्ज कर दिया। उनका वोटर क्रमांक 460 (EPIC No. UYE4892253) दर्शाया गया। जब उन्होंने इस बारे में संबंधित BLO पूछा तो उसने बताया कि उनका नाम 2003 के रिकॉर्ड से मैप किया है।
डिजिटाइजेशन में लापरवाही
विधायक ने आरोप लगाया कि BLO द्वारा SIR फॉर्मों का डिजिटाइजेशन ठीक से नहीं किया जा रहा। उन्होंने खुद अपनी उपस्थिति में फॉर्म का डिजिटाइजेशन करवाया। इस दौरान उन्हें यह जानकारी मिली कि उनका नाम पहले ही बदल दिया गया था। इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ लोग इस प्रक्रिया में गड़बड़ी कर रहे हैं।
कार्रवाई की मांग
सिकरवार ने तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शीघ्र कदम नहीं उठाए गए, तो लाखों लोगों के नाम मतदाता सूची से कट सकते हैं। उन्होंने मांग की कि लापरवाह BLO और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
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निर्वाचन अधिकारी ने दिया नोटिस
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही सुधार कर दिया गया है। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले संबंधित BLO को कारण बताओ नोटिस भी जारी कर दिया गया है। इस पूरी घटना ने चुनाव आयोग और प्रशासन की पारदर्शिता पर एक सवालिया निशान लगा दिया है।
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