हार्ट मरीजों को बड़ी राहत, हमीदिया अस्पताल में नई तकनीक शुरू, फ्री में होगी जांच
Aman Vaishnav | Feb 09, 2026, 13:24 IST
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भोपाल के हमीदिया अस्पताल में हार्ट के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। अस्पताल में दो नई जांच तकनीकें शुरू की गई हैं। इससे अब कई मरीज बिना किसी वजह के स्टेंट लगाने से बच सकेंगे।
News In Short
- हमीदिया अस्पताल में IVUS और FFR तकनीक शुरू हुई है।
- इन तकनीकों से स्टेंट की सही जरूरत पता चलेगी।
- निजी अस्पतालों में जांच का खर्च 80 हजार रुपए होता है।
- हमीदिया अस्पताल में यह सुविधा पूरी तरह मुफ्त है।
- अब तक तीन मरीजों का इलाज किया गया है।
News In Detail
ये तकनीकें यह पूरी तरह से बता देती हैं कि मरीज को स्टेंट की जरूरत है या नहीं। पहले एंजियोग्राफी के बाद थोड़ी सी भी आशंका होने पर स्टेंट लगा दिए जाते थे, लेकिन अब कई मरीज बिना किसी जरूरत के स्टेंट लगाने से बच सकेंगे।
अब ये मशीन यह भी पता करेगी कि स्टेंट सही जगह और सही तरीके से लगा है या नहीं। खास बात ये है कि निजी अस्पतालों में इसके लिए 80 हजार रुपए तक खर्च होते हैं, लेकिन हमीदिया अस्पताल में यह पूरी तरह से फ्री है।
कोविड के बाद बढ़ी दिल की बीमारी
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IVUS टेक्निक का फायदा
इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि स्टेंट लगाने के बाद उसकी पोजिशन और फैलाव को तुरंत चेक किया जा सकता है। इससे स्टेंट का गलत जगह पर लगने या पूरी तरह से न खुलने का खतरा लगभग खत्म हो जाता है।
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FFR जांच से मिलेगी ये जानकारी...
FFR जांच से यह पता चलता है कि ब्लॉकेज हार्ट की मसल्स तक खून पहुंचने में रुकावट डाल रहा है या नहीं। अगर FFR रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो मरीज को स्टेंट लगाने की जरूरत नहीं होती। इससे मरीज बेवजह सर्जरी और दवाइयों से बच जाता है।
अब तक तीन मरीजों का इलाज
वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. अजय शर्मा के मुताबिक कोविड के बाद युवाओं में दिल की बीमारियां (heart attack) बढ़ी हैं। अनियमित दिनचर्या, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और गलत खानपान इसके कारण हैं। इससे स्टेंट की जरूरत भी बढ़ी है। अब नई तकनीकों से यह तय होगा कि स्टेंट वाकई जरूरी है या नहीं।
2024 में जिलों के अनुसार केस की संख्या
| क्र. सं. | जिला (District) | केस संख्या (Number of Cases) |
| 1. | सागर | 4,967 |
| 2. | रीवा | 3,000 |
| 3. | जबलपुर | 2,196 |
| 4. | भिंड | 1,971 |
| 5. | शिवपुरी | 1,948 |
| 6. | ग्वालियर | 1,684 |
| 7. | भोपाल | 1,600 |
| 8. | इंदौर | 641 |
एमपी के डराने वाले आंकड़े
सबसे चौंकाने वाली बात ये है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों की दिल की बीमारी से मौतें हो रही हैं। इन मौतों का आंकड़ा 17 प्रतिशत तक बताया गया है। हाल ही में हमीदिया अस्पताल में एक नई तकनीक शुरू की गई है, जिसे दिल के इलाज में बड़ा और जरूरी बदलाव माना जा रहा है।
स्वास्थय के लिए स्पेसलिस्ट की राय
कम से कम 30 मिनट ब्रिस्क वॉकिंग करनी चाहिए। धीरे चलने से शरीर को खास फायदा नहीं मिलता। तेज चाल से चलना हार्ट के लिए ज्यादा फायदेमंद है। सीने में दर्द को कभी भी हल्के में न लें। इमोशनल स्ट्रेस से नसें सिकुड़ जाती हैं। इससे दर्द और हाई ब्लड प्रेशर बढ़ता है।
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