एमपी में अब गंभीर मरीजों को मिलेगा तुरंत इलाज, जानें सरकार का क्या है एक्शन प्लान

मध्य प्रदेश में 40 जिलों और 12 मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बन रहे हैं। इससे 2700 नए बेड बढ़ेंगे और गंभीर मरीजों को गोल्डन ऑवर में इलाज मिलेगा।

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Anjali Dwivedi
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News In Short 

  • मध्य प्रदेश के 40 जिलों और 12 मेडिकल कॉलेजों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं।
  • 2700 नए बेड जोड़ने से इलाज की सुविधाएं बढ़ेंगी।
  • डॉक्टरों और स्टाफ को क्रिटिकल केयर का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
  • प्रदेश के 52 जिलों में कुल 47 हजार 367 बेड की व्यवस्था की जाएगा।
  • साल 2025-26 के लिए 4,522 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है।

News In Detail

MP News. कोरोना महामारी से मिली सीख के आधार पर मध्य प्रदेश में अब क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। इन ब्लॉकों का निर्माण प्रदेश के 40 जिलों और 12 मेडिकल कॉलेजों में किया जा रहा है। 

इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों, महामारी के मरीजों और सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को समय पर अच्छा इलाज उपलब्ध कराना है। अब मरीजों को गोल्डन ऑवर में इलाज मिल सकेगा, जिससे उनकी जान बचाना आसान होगा।

क्यों बनाए जा रहे क्रिटिकल केयर ब्लॉक

राज्य के 49 जिलों में 50-50 बेड वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। वहीं, छतरपुर, इंदौर और धार जिलों में 100-100 बेड की सुविधा तैयार की जा रही है।

इन ब्लॉकों में ICU, वेंटिलेटर, इमरजेंसी, डायलिसिस जैसी सभी जरूरी सेवाएं एक ही छत के नीचे मिलेंगी। इससे मरीजों को हायर सेंटर भेजने की जरूरत कम होगी, और इलाज गोल्डन ऑवर में ही हो सकेगा।

डॉक्टरों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण भी 

इन ब्लॉकों में डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को खासतौर पर क्रिटिकल केयर का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसका मुख्य मकसद है कि जिला स्तर पर ही जटिल मरीजों का बेहतर इलाज किया जा सके।

इन ब्लॉकों का भौगोलिक कवरेज इस तरह से रखा गया है कि आसपास के 100 से 150 किलोमीटर तक के लोग भी इन सुविधाओं का फायदा उठा सकें।

बेहतर इलाज की दिशा में कदम

राजधानी सहित प्रदेश के 52 जिलों के जिला अस्पतालों में कुल 16 हजार 850 बेड उपलब्ध हैं। अगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी जोड़ें, तो यह संख्या 47 हजार 367 बेड तक पहुंच जाती है।

इन क्रिटिकल केयर ब्लॉक्स के शुरू होने के बाद जिला अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़कर 19 हजार 600 हो जाएगी, यानी 2700 नए बेड और बढ़ जाएंगे।

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नए अस्पतालों का स्ट्रक्चर कैसा होगा

इन नई इमारतों का निर्माण NABH(National Accreditation Board for Hospitals), NABL(National Accreditation Board for Testing and Calibration Laboratories) और JCI मानकों के अनुरूप किया जा रहा है। इसमें पोस्ट ऑपरेटिव वार्ड और आइसोलेशन वार्ड की व्यवस्था भी की गई है, जिससे इलाज की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

चार जिलों में शुरू हो चुका है संचालन

यह परियोजना प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत संचालित हो रही है। सीहोर, रायसेन, बैतूल और आगर मालवा जिलों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक (क्रिटिकल केयर ब्लॉक का शिलान्यास) का संचालन लगभग पूरा हो चुका है। जिला अस्पतालों को मरीजों की सुविधा के अनुसार बेड के उपयोग के निर्देश दिए गए हैं। 

4 हजार 522 करोड़ का बजट

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की MD डॉ. सलोनी सिडाना के मुताबिक, इस योजना के लिए 2024-25 में 2,655.64 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया है।

वहीं, 2025-26 के लिए 4,522 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इस पहल से मध्य प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार होगा और आपातकालीन सेवाओं में भी मदद मिलेगी।

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