एक बार फिर चर्चा में हर्षा रिछारिया, कहा-महिलाओं के लिए कोई आश्रम सुरक्षित नहीं
Aman Vaishnav | Jul 30, 2026, 15:17 IST
हर्षा रिछारिया, साध्वी हर्षा रिछारिया
पूर्व मॉडल और इंफ्लुएंसर से साध्वी बनीं हर्षानंद गिरि (हर्षा रिछारिया) ने एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के लिए कोई आश्रम सुरक्षित नहीं है।
समझें क्या है पूरा मामला...
- साध्वी हर्षानंद गिरि गुरु पूर्णिमा पर उज्जैन पहुंचीं थीं।
- उन्होंने अपने गुरु महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि से आशीर्वाद लिया।
- उन्होंने कहा कि कोई भी आश्रम महिलाओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं है।
- उनका कहना है कि जो संत बेटी मानकर सुरक्षा की गारंटी दे, वे उसी आश्रम में रहेंगी।
- पार्लर जाने की आलोचना पर उन्होंने भी अपनी बात रखी।
यहां उन्होंने अपने गुरु महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि महाराज से आशीर्वाद लिया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में हर्षा रिछारिया ने कई अहम बातें कहीं।
बता दें कि गुरु पूर्णिमा का दिन संतों और शिष्यों के लिए खास माना जाता है। इसी मौके पर साध्वी हर्षानंद ने अपने गुरु के प्रति आभार जताया।
साथ ही हर्षा रिछारिया ने अपने जीवन और संन्यास से जुड़े कई सवालों के जवाब भी दिए। उनकी बातचीत का बड़ा हिस्सा महिलाओं की सुरक्षा और आश्रम व्यवस्था पर केंद्रित रहा।
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आश्रम पूरी तरह सुरक्षित नहीं
हर्षा रिछारिया का कहना है कि अगर कोई संत यह भरोसा दिलाए कि वे उन्हें बेटी की तरह मानते हैं और जीवनभर सुरक्षा की जिम्मेदारी लेते हैं, तो वे उसी आश्रम को अपना स्थायी ठिकाना बना लेंगी।
आश्रम में रहने को लेकर कही ये बात
हर्षा रिछारियाने कहा कि उनके पास फिलहाल केवल दो ठिकाने हैं। एक गुरु का आश्रम और दूसरा माता-पिता का घर। जब तक उनका खुद का सुरक्षित ठिकाना नहीं बनता, तब तक वे माता-पिता के साथ रहना ही सही मानती हैं।
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महिला सुरक्षा पर सख्त रुख
पार्लर जाने को लेकर जानें क्या कुछ कहा
साध्वी हर्षानंद का कहना है कि जो साधु-संत उन पर सवाल उठाते हैं, वे खुद आश्रमों में पार्लर बुलाकर मेनिक्योर और पेडिक्योर करवाते हैं। लेकिन वे खुद ऐसा कभी नहीं करतीं।
हर्षा रिछारियाने अपनी बात एक उदाहरण से समझाई। उनका मानना है कि माता लक्ष्मी और भगवान नारायण सौंदर्य और स्वच्छता के प्रतीक माने जाते हैं। ऐसे में उनकी भक्ति करने वाला व्यक्ति भी सुंदर और व्यवस्थित रह सकता है। उनके अनुसार यह सिर्फ सोच का फर्क है।
पहले भी बयानों को लेकर रही हैं चर्चा में
प्रवचन के समापन पर हर्षा रिछारियाने एक बड़ा आरोप लगाया था। उनका कहना था कि कुछ संतों ने उनका प्रवचन रोकने की कोशिश की। साथ ही उनका समय भी कम करवाने का प्रयास किया गया था।
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