कांग्रेस का प्रत्याशी बनने के लिए मोती सिंह केस मे सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित, लेकिन राहत मिलने की उम्मीद नहीं

Pratibha ranaa | May 03, 2024, 13:28 IST
Share
k;.
k;.

अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल ने मोती सिंह की ओर से पक्ष रखा था कि मोती सिंह ने बम के साथ सब्सीट्यूट कैंडीडेट के रूप में फार्म भरा था। क्योंकि राजनीतिक दल की ओर से नाम था इसलिए प्रस्तावक दस की जगह केवल एक के हस्ताक्षर थे।

संजय गुप्ता, INDORE. इंदौर लोकसभा सीट से कांग्रेस का औपचारिक प्रत्याशी बनाए जाने की मांग को लेकर मोती सिंह ( Moti Singh ) की हाईकोर्ट डिवीजन बैंच में लगी याचिका पर सुनवाई शुक्रवार को एक घंटे की लंबी बहस के साथ पूरी हो गई। फैसला सुरक्षित रखा गया है लेकिन राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। सुनवाई के दौरान मोटे तौर पर बैंच ने माना कि इसमें चुनाव याचिका ही लगना चाहिए थी और फार्म जिंदा ही नहीं तो फिर इसे आगे कैसे मान्य किया जाए।

बैंच ने यह बातें कहीं


बैंच ने कहा कि फार्म यदि 29 अप्रैल तक जिंदा होता तो फिर सब्सीट्यूट (अक्षय बम के नाम वापस लेने पर मोती सिंह का) कैंडीडेट के तौर पर विचार किया जाता। लेकिन याचिकाकर्ता का फार्म 26 अप्रैल को रिजेक्ट हो गया, क्योंकि बम का राजनीतिक दल की ओर से फार्म मान्य हुआ था। वहीं उनके फार्म पर दस प्रस्तावक के हस्ताक्षर नहीं थे ऐसे में चुनाव अधिकारी ने फार्म 26 अप्रैल को रिजेक्ट कर दिया। जब फार्म ही नहीं तो फिर सब्सीट्यूट कैंडीडेट की बात कैसे हो सकती है? बैंच ने कहा कि इस मामले को चुनाव के बाद चुनाव याचिका के तौर पर ला सकते हैं। सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा गया। जस्टिस एसए धर्माधिकारी और जस्टिस गजेंद्र सिंह ने सुनवाई की।

ये खबर भी पढ़िए...इमरती का रस अब खत्म बोलकर जीतू पटवारी ने दिया नए विवाद को जन्म,सुबह मांगी माफी, बोले- वो मेरी बड़ी बहन समान

मोतीसिंह की ओर से यह रखा गया पक्ष


अधिवक्ता विभोर खंडेलवाल ने मोती सिंह की ओर से पक्ष रखा था कि सिंह ने बम के साथ सब्सीट्यूट कैंडीडेट के रूप में फार्म भरा था। क्योंकि राजनीतिक दल की ओर से नाम था इसलिए प्रस्तावक दस की जगह केवल एक के हस्ताक्षर थे। लेकिन मेरा फार्म 26 अप्रैल को स्क्रूटनी कमेटी ने रिजेक्ट कर दिया क्योंकि इसमें दस प्रस्तावक के हस्ताक्षर नहीं थे। लेकिन जब 29 अप्रैल को बम ने फार्म वापस ले लिया तो तो मेरा नाम जिंदा होता है और मुझे जो दस नाम नहीं होने के चलते रिजेक्ट किया गया था वह आधार खत्म हो गया और मैं फिर 29 को सब्सीट्यूट प्रत्याशी के तौर पर आ जाता हूं, मेरा नाम मान्य किया जाए और कांग्रेस का चिन्ह दिया जाए।

हाईकोर्ट सिंगल बैंच कर चुकी है खारिज


हाईकोर्ट जस्टिस विवेक रूसिया की बेंच में इस ममले में सिंह की याचिका पहले खारिज हो चुकी है, उन्होंने इस आधार पर मामला खारिज कर दिया कि यदि आप दस प्रस्तावक के हस्ताक्षर रखते हुए फार्म को 29 अप्रैल तक नाम वापसी तक जिंदा रखते तो फिर मूल प्रत्याशी के नाम वापस लेने पर आपका अधिकार पैदा होता। लेकिन चुनाव में कोई भी आर्डर बैक नहीं होता है, इसलिए स्क्रूटनी कमेटी ने जब आपका फार्म ही 26 को रिजेक्ट कर दिया तो फिर 29 अप्रैल को आपका अधिकार ही जिंदा नहीं होता है। आपको 29 अप्रैल तक अपने आपकी स्थिति को बनाए रखना था, दस प्रस्तावक के हस्ताक्षर होते और फार्म रिजेक्ट नहीं होता तो फिर मूल प्रत्याशी के फार्म के विड्राल होने के बाद आप राजनीतिक दल के प्रत्याशी बनने और चुनाव चिन्ह पाने का दावा कर सकते थे।



SANJAY GUPTA
SANJAY GUPTA




Tags:
  • मोती सिंह
  • Moti Singh
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा