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News in Short
- कटारे ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा, भाजपा और उनके भ्रष्टाचार पर सवाल पहले से ज्यादा उठेंगे।
- हेमंत कटारे ने विधानसभा के बजट सत्र के बीच उप नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा दिया है।
- कटारे ने इस्तीफा पत्र सीधे राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा था।
- वे सदन में गंभीर मुद्दों पर चर्चा न होने से नाराज हैं और दावा किया कि सरकार बहस से डरती है।
News In Detail
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के दौरान अचानक उप नेता प्रतिपक्ष के पद से इस्तीफा देने वाले अटेर के कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने अब अपने फैसले का खुलासा किया है। उन्होंने कहा, मैंने पद छोड़ा है, लेकिन आवाज नहीं…मेरी जुबान पहले से ज्यादा धार के साथ चलेगी।
सदन में चर्चा न होना बना कटारे का दर्द
इस्तीफा देने के बाद, जब हेमंत कटारे विधानसभा पहुंचे, तो सवाल था कि उन्होंने यह कदम क्यों उठाया? कटारे ने कहा कि उन्होंने इस्तीफा पत्र सीधे कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष को भेजा था, क्योंकि वह निर्णय लेने का अधिकार केवल उनके पास था। यह पत्र न तो बांटने के लिए था, न ही प्रचार के लिए।
कटारे का दर्द यह है कि वे सदन में जिन मुद्दों पर तैयारी करते थे, वे कभी चर्चा का हिस्सा नहीं बन पाते थे। उनका कहना था, भोपाल के गौमांस मामले से लेकर भागीरथपुरा में पानी से हुई मौतों तक- मैं फैक्ट जुटाता हूं, पूरी मेहनत करता हूं, लेकिन सदन में गंभीर चर्चा ही नहीं होती। सरकार बहस से घबराई हुई दिखती है।
निजी कारणों का भी दिया हवाला
कटारे ने यह भी बताया कि उनका इस्तीफा एक निजी एंगल से भी जुड़ा था। उन्होंने कहा कि समय न क्षेत्र को दे पा रहा था, न परिवार को, और विधानसभा में भी ठोस चर्चा नहीं हो रही थी, तो लगा कि अपनी भावना सही प्लेटफॉर्म पर रखनी चाहिए।
जब यह सवाल उठे कि इस्तीफा देकर क्या कटारे ने सरकार को फायदा पहुंचाया, तो उन्होंने इस धारणा को खारिज किया। कटारे का कहना था, मैं किसी पद की वजह से नहीं बोलता। मेरे अंदर जो दम है, वह मेरे स्वर्गीय पिता और जनता के आशीर्वाद से है। भाजपा खुश न हो, उनके भ्रष्टाचार पर सवाल पहले से ज्यादा ताकत से उठेंगे।
अब और बुलंद होगी विपक्षी आवाज
उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज मामलों के री-ओपन होने और बीजेपी में जाने की अटकलों पर चंबल स्टाइल में जवाब दिया, हम चंबल का खून हैं, FIR आती है तो पार्टी करते हैं। उन्होंने कहा कि वे बदले की भावना से काम नहीं करते, लेकिन हिसाब-किताब जरूर रखते हैं।
कटारे ने अपने कदम के बाद विपक्ष के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताते हुए कहा, जिसमें जितनी ताकत है, उतने दम से विरोध कर ले, लेकिन भविष्य में उसे झेलने की तैयारी भी रखे। उनका कहना था कि पद से हटने के बावजूद उनकी आवाज अब पहले से ज्यादा ऊंची और तेज होगी।
FAQ
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