सोने के जेवर बदलने के मामले में हाईकोर्ट ने अधिकारियों पर उठाए सवाल
Ratan Kumar Mishra | Jul 04, 2026, 23:33 IST
सोने के जेवर बदलने के मामले में हाईकोर्ट सख्त
ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एक चौंकाने वाले मामले पर सख्त टिप्पणी की है। सरकारी कस्टडी से असली सोने के आभूषण नकली से बदल दिए गए थे। कोर्ट ने कहा कि अधिकारी या तो लापरवाह थे या मिलीभगत में थे।
समझें क्या है पूरा मामला...
- सरकारी कस्टडी में सोना बदलने का मामला सामने आया।
- असली आभूषणों को नकली से बदलने का आरोप है।
- हाईकोर्ट ने अफसरों पर कड़ी टिप्पणी की।
- सरकार ने एफआईआर और ट्रायल जानकारी छिपाई।
- अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय हुई।
मुरैना के जौरा से जुड़ा मामला
बाद में डबल बेंच ने भी इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने सीआईडी (CID – Crime Investigation Department) को एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश दिए थे। यह निर्देश मामले की गंभीरता को देखते हुए दिया गया था।
सरकार ने मांगी जांच वापस लेने की अनुमति
उनका तर्क था कि इस मामले में पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी थी। उन्होंने यह भी बताया कि जौरा की जेएमएफसी (JMFC – Judicial Magistrate First Class) अदालत ने आरोपियों को बरी कर दिया था। यह फैसला 12 अक्टूबर 2019 को आया था। यह जानकारी कोर्ट के लिए नई और चौंकाने वाली थी।
कोर्ट ने पूछा, पहले क्यों नहीं बताया
इस पर सरकारी वकील ने अहम बात स्वीकार की। उन्होंने कहा कि यह जानकारी न तो लिखित जवाब में दी गई थी और न ही मौखिक रूप से। इससे कोर्ट की नाराजगी और बढ़ गई।
अधिकारियों का रवैया शरारतपूर्ण
अदालत के अनुसार रिकॉर्ड से यही झलकता है कि अधिकारी या तो घोर लापरवाह थे। या फिर वे उन अज्ञात लोगों से मिले हुए थे, जिनकी असली सोने में गहरी रुचि थी। यह टिप्पणी मामले को और गंभीर बनाती है।
कलेक्टर से मांगा हलफनामा
मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को तय की गई है। तब तक अधिकारियों को अपना जवाब कोर्ट में पेश करना होगा। इस मामले पर आगे भी अदालत की सख्ती जारी रह सकती है।
FAQ
- गोल्ड बदलने का मामला कहां का है?
यह मामला मुरैना जिले के जौरा सब-ट्रेजरी से जुड़ा है। यहां असली सोना नकली आभूषणों से बदला गया था। - हाईकोर्ट ने क्या टिप्पणी की?
कोर्ट ने कहा कि अधिकारी लापरवाह थे या मिलीभगत में थे। कोर्ट ने इसे शरारतपूर्ण रवैया बताया। - मामले की अगली सुनवाई कब है?
मामले की अगली सुनवाई 20 जुलाई को होगी। कोर्ट ने कलेक्टर से हलफनामा भी मांगा है।
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