स्वामी प्रेमानंदपुरी का बड़ा बयान : हिंदू राष्ट्र के लिए चार बच्चे पैदा करें, वोट की ताकत बढ़ाएं

महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंदपुरी ने हिंदू राष्ट्र की कल्पना को साकार करने के लिए हिंदू परिवारों से चार बच्चे पैदा करने की अपील की है। उनका मानना है कि संतान की संख्या बढ़ाने से वोट की ताकत बढ़ेगी, जो हिंदू राष्ट्र की स्थापना में सहायक होगी।

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Jitendra Shrivastava
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Photograph: (THESOOTR)

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उज्जैन के निरंजनी अखाड़ा के महामंडलेश्वर स्वामी प्रेमानंदपुरी ने हाल ही में एक बड़ा बयान दिया, जिसमें उन्होंने हिंदू परिवारों से अपील की कि वे अपनी संतान की संख्या बढ़ाएं ताकि हिंदू राष्ट्र की कल्पना को साकार किया जा सके।

स्वामी प्रेमानंदपुरी ने यह विचार व्यक्त किया कि जब तक हिंदू समाज अपनी जनसंख्या को बढ़ाएगा नहीं, तब तक हिंदू राष्ट्र की स्थापना संभव नहीं हो सकती। उनका कहना था कि यदि हिंदू परिवार अधिक बच्चों को जन्म देंगे, तो उनकी वोट की ताकत बढ़ेगी, जो लोकतंत्र में अहम भूमिका निभाएगी।

चार बच्चे पैदा करने की अपील

स्वामी प्रेमानंदपुरी ने कहा कि हर हिंदू परिवार को कम से कम चार बच्चे पैदा करने चाहिए, ताकि उनकी जनसंख्या शक्ति मजबूत हो सके। उनका यह बयान समाज में एक बड़ी बहस का कारण बन सकता है, क्योंकि यह विचार जनसंख्या नीति से संबंधित है, और कई लोग इसे धर्मनिरपेक्ष दृष्टिकोण से भी देख सकते हैं।

स्वामी प्रेमानंदपुरी का मानना है कि वोट की ताकत से ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है और हिंदू राष्ट्र की स्थापना की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। उन्होंने माताओं और बहनों से अपील की कि वे अपने परिवार को बड़ा करें, ताकि एक मजबूत समाज का निर्माण हो सके।

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पिछले साल आया था RSS प्रमुख का समर्थन

स्वामी प्रेमानंदपुरी ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर पिछले वर्ष श्रावण मास में समाज से आह्वान किया था। उनका कहना था कि हिंदू समाज की संख्या को बढ़ाने से ही देश में हिंदू राष्ट्र की परिकल्पना को वास्तविकता में बदला जा सकता है।

इस विचार का समर्थन RSS प्रमुख मोहन भागवत ने भी किया है। मोहन भागवत ने कहा था कि हर हिंदू परिवार को कम से कम तीन बच्चे अवश्य पैदा करने चाहिए, ताकि हिंदू समाज की संख्या बढ़े और उनके अधिकारों का सम्मान हो।

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हिंदू राष्ट्र के लिए जनसंख्या शक्ति का महत्व

स्वामी प्रेमानंदपुरी का मानना है कि जनसंख्या शक्ति एक राजनीतिक और सामाजिक ताकत बन सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि हिंदू समाज इस दिशा में एकजुट होकर काम करता है, तो किसी भी राजनीति में उनका प्रभाव अधिक होगा।

यह विचार स्वामी प्रेमानंदपुरी का था, जो समाज में हिंदू धर्म को मजबूत करने के लिए अधिक संतान उत्पन्न करने की आवश्यकता को महसूस करते हैं।

स्वामी प्रेमानंदपुरी का यह बयान हिंदू राष्ट्र के समर्थकों के बीच एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। उनका कहना है कि हर हिंदू परिवार को अपने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए ज्यादा से ज्यादा बच्चे पैदा करने चाहिए।

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बयान का समाज पर असर

स्वामी प्रेमानंदपुरी का यह बयान समाज में जनसंख्या नीति पर गंभीर सवाल उठा सकता है। हालांकि, इसे लेकर विभिन्न दृष्टिकोण हो सकते हैं, क्योंकि भारतीय समाज में जनसंख्या नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं बनाई गई हैं।

इस बयान से यह भी सवाल उठ सकता है कि क्या जनसंख्या वृद्धि के कारण संसाधनों पर दबाव नहीं बढ़ेगा, और क्या यह विचार ज्यादा संख्या में बच्चों के जन्म के पीछे कोई गहरी राजनीतिक सोच है।

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