दो दिन पहले विधवा हुई महिला की अनोखी डिमांड से मचा हंगामा
Raj Singh | Dec 23, 2024, 10:16 IST
rewa
रीवा में सड़क हादसे में पति की मौत के दो दिन बाद ही पत्नी ने अनोखी मांग कर दी। मांग पूरी नहीं हुई तो महिला ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया।
मध्यप्रदेश के रीवा में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शादी के सात महीने बाद सड़क हादसे में पति की मौत हो गई। पति की मौत के दो दिन बाद पत्नी नेहा सिंह ने ऐसी मांग की जिससे पुलिस और डॉक्टर सभी हैरान रह गए। नेहा ने अपने पति जितेन्द्र सिंह गहरवार के स्पर्म को प्रिजर्व (Preserve) करने की मांग की, ताकि वह आधुनिक तकनीक से मां बन सके।
नेहा का कहना था कि पति की यादों को जीवित रखने का यह तरीका उसके लिए सबसे खास होगा। लेकिन मेडिकल विशेषज्ञों ने बताया कि किसी व्यक्ति की मौत के 24 घंटे के भीतर ही स्पर्म को सुरक्षित रखा जा सकता है। जितेन्द्र की मौत को 48 घंटे से अधिक समय बीत चुका था, जिससे यह प्रक्रिया संभव नहीं हो सकी।
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नेहा का आरोप है कि पति की मौत के कुछ ही घंटों बाद उसने पुलिस और डॉक्टर से यह मांग की थी, लेकिन उनकी लापरवाही के कारण समय पर यह कदम नहीं उठाया गया। इस पर नेहा ने रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा किया।
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रीवा एसपी विवेक सिंह ने कहा कि दुर्घटना में युवक की मौत हो गई थी। पत्नी ने पति का स्पर्म प्रिजर्व करने की मांग की थी, लेकिन तकनीकी कारणों से यह संभव नहीं हो पाया। दो दिन बाद पीएम (पोस्टमार्टम) के बाद शव को परिवार को सौंप दिया गया।
हालांकि, रीवा के मामले को देखें तो कुछ ऐसा ही लगता है। दरअसल, डॉक्टरों के मुताबिक, मृत व्यक्ति के स्पर्म को सिर्फ 24 घंटे तक ही सुरक्षित रखा जा सकता है। अगर यह तय समय बीत गया तो इसका कोई फायदा नहीं है। इसीलिए डॉक्टरों ने नेहा के पति का स्पर्म नहीं निकाला।
पत्नी की क्या थी मांग?
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मेडिकल कॉलेज में जमकर हंगामा
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रीवा एसपी ने क्या कहा?
क्या है स्पर्म प्रिजर्व?
स्पर्म प्रिजर्व का अर्थ शुक्राणु संरक्षण करना होता है। यह एक प्रक्रिया है, जिसमें पुरुष के शुक्राणुओं को संग्रहित किया जाता है ताकि उन्हें भविष्य में इस्तेमाल किया जा सके। यह प्रक्रिया विशेष रूप से उन पुरुषों के लिए उपयोगी होती है, जो चिकित्सा उपचार (जैसे कि कैंसर की कीमोथेरपी या सर्जरी) के कारण अपनी प्रजनन क्षमता खोने का खतरा महसूस करते हैं, या जो किसी कारणवश बच्चों का जन्म बाद में करना चाहते हैं। स्पर्म प्रिजर्वेशन में शुक्राणुओं को एक कूलिंग प्रक्रिया द्वारा ठंडा किया जाता है और फिर एक तरल नाइट्रोजन में संग्रहित किया जाता है, जिससे वे लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं। यह प्रक्रिया किसी पुरुष की प्रजनन क्षमता को सुरक्षित रखने में मदद करती है, ताकि भविष्य में जब वह चाहे, शुक्राणुओं का उपयोग करके कृत्रिम गर्भधारण या अन्य प्रजनन तकनीकों का सहारा लिया जा सके। स्पर्म प्रिजर्वेशन का उपयोग कई कारणों से किया जा सकता है
चिकित्सा उपचार (जैसे कि कीमोथेरेपी) के दौरान प्रजनन क्षमता को बचाना।
पेशेवर या व्यक्तिगत कारणों से प्रजनन का फैसला बाद में लेना।
प्रजनन क्षमता को जोखिम में डालने वाले किसी अन्य कारण के लिए।
यह प्रक्रिया मेडिकल सेंटर में विशेषज्ञों द्वारा की जाती है और इसमें कुछ समय और सही देखभाल की आवश्यकता होती है।
स्पर्म को 24 घंटे तक ही सुरक्षित रखा जा सकता
FAQ
- रीवा में यह मामला क्या है?
यह मामला सड़क हादसे में पति की मौत के बाद पत्नी द्वारा स्पर्म प्रिजर्व करने की मांग का है। - क्या पति का स्पर्म प्रिजर्व करना संभव था?
नहीं, विशेषज्ञों के अनुसार, किसी व्यक्ति की मौत के 24 घंटे के भीतर ही स्पर्म को सुरक्षित रखा जा सकता है। - पत्नी ने ऐसा क्यों मांगा?
पत्नी ने अपने पति की यादों को जीवित रखने और आधुनिक तकनीक से मां बनने के लिए यह मांग की। - डॉक्टरों ने इस मांग पर क्या कहा?
डॉक्टरों ने बताया कि समय बीत जाने के कारण यह प्रक्रिया संभव नहीं हो सकी। - रीवा एसपी ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
एसपी ने कहा कि तकनीकी कारणों से स्पर्म प्रिजर्व करना संभव नहीं था और शव को परिवार को सौंप दिया गया।
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