हाइपोथर्मिया पर केंद्र की एडवाइजरी, मेडिकल इमरजेंसी के लिए अस्पतालों को किया अलर्ट
Amresh Kushwaha | Dec 18, 2025, 12:04 IST
hypothermia-advisory-hospitals-alerted-mp
मध्यप्रदेश में सर्दी के बढ़ने के साथ-साथ हाइपोथर्मिया जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। इस कारण स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को सतर्क कर दिया है।
BHOPAL. सर्दी का असर मध्यप्रदेश में तेज हो गया है। अब दिसंबर और जनवरी में शीतलहर की संभावना जताई जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने मध्यप्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी है। तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट का अनुमान है।
ऐसे में शीतलहर के दौरान हाइपोथर्मिया जैसी बीमारियां गंभीर और जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसको देखते हुए सरकार ने सभी शासकीय और निजी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों को अलर्ट मोड पर रखा है।
ये खबर भी पढ़िए...MP Weather Update: प्रदेश में ठंडी हवा और धुंध का असर, दृश्यता 100 मीटर रहने का अनुमान
हाइपोथर्मिया और
मध्यप्रदेश में शीतलहर के दौरान हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट जैसी बीमारियां गंभीर और जानलेवा हो सकती हैं। ऐसे में मध्यप्रदेश स्वास्थ्य विभाग ने जन-जागरूकता बढ़ाने और जोखिम वाले लोगों की सुरक्षा पर ध्यान देने की सलाह दी है।
जिन लोगों को अधिक खतरा है, उनमें 65 साल से ऊपर के बुजुर्ग, 5 साल से छोटे बच्चे, हृदय और सांस के मरीज, और बेघर लोग शामिल हैं।
ये खबर भी पढ़िए...लाड़ली बहना योजना की राशि को तीन नहीं, पांच हजार तक ले जाएंगे - सीएम मोहन यादव
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट रूप से कहा है कि हाइपोथर्मिया को एक मेडिकल इमरजेंसी माना जाए। यदि हाइपोथर्मिया के लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत मरीज को अस्पताल पहुंचाया जाए।
इसके अलावा, फ्रॉस्टबाइट के लक्षण जैसे सुन्नता या सफेद या काले छाले दिखें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
अस्पतालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इमरजेंसी सेवाएं, दवाइयां, कंबल और जरूरी सामान रखें। ताकि आपातकालीन स्थिति में जल्दी मदद दी जा सके।
ये खबर भी पढ़िए...प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पाबंदी से हजारों होम्योपैथिक क्लीनिकों को मिली राहत
स्वास्थ्य विभाग ने सर्दी से बचने के लिए कुछ सुझाव दिए हैं। ठंडी हवा से बचें और अनावश्यक यात्रा न करें। संतुलित आहार लें, विटामिन-सी युक्त फल और सब्जियां खाएं। गर्म तरल पदार्थों का सेवन करें।
भोपाल में बुधवार, 17 दिसंबर को दिन का तापमान 26.6 डिग्री और रात का 5.1 डिग्री था। दिन और रात के तापमान में 21.1 डिग्री का अंतर था, जो सेहत के लिए चिंताजनक है।
जेपी अस्पताल के रिटायर्ड सर्जन डॉ. आरके बड़वे के मुताबिक, इस अंतर से त्वचा संक्रमण बढ़ सकता है। खासकर, दिन की धूप और रात की ठंडी हवा से यह समस्या हो सकती है।
ये खबर भी पढ़िए...बिजली कंपनी को 8.50 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाला एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बर्खास्त
हाइपोथर्मिया तब होता है जब शरीर का तापमान बहुत ज्यादा गिर जाता है, यानी 35°C से नीचे चला जाता है। जब शरीर बहुत ठंडे मौसम में लंबे समय तक रहता है, तो शरीर अपना तापमान सही रखने में नाकाम हो जाता है और इससे शरीर के अंगों पर असर पड़ने लगता है।
हाइपोथर्मिया के लक्षणों में शरीर का कांपना, थकावट, सिर का चकराना, या शारीरिक गतिविधि में कमी आना शामिल होते हैं। अगर इसका इलाज समय पर न किया जाए, तो ये जानलेवा भी हो सकता है।
अगर सर्दी में बहुत ज्यादा ठंड लगे, खासकर जब आप गीले कपड़े पहनकर या बिना गर्म कपड़ों के बाहर ज्यादा समय तक रहते हैं, तो हाइपोथर्मिया हो सकता है। इसे बचने के लिए हमेशा गर्म कपड़े पहनें, थोड़ा-बहुत चलते-फिरते रहें और ज्यादा ठंडी जगहों पर समय न बिताएं।
ऐसे में शीतलहर के दौरान हाइपोथर्मिया जैसी बीमारियां गंभीर और जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसको देखते हुए सरकार ने सभी शासकीय और निजी अस्पतालों व मेडिकल कॉलेजों को अलर्ट मोड पर रखा है।
अधिकारियों को जारी किए गए दिशा-निर्देश
स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सा कॉलेजों के डीन, सिविल सर्जन और सीएमएचओ को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये दिशा-निर्देश एनडीएमए और भारत सरकार के एनसीडीसी के जरिए जारी पब्लिक हेल्थ एडवाइजरी पर आधारित हैं। इसका उद्देश्य इस दौरान कोई लापरवाही न होने देना है।
हाइपोथर्मिया और फ्रॉस्टबाइट हो सकती है जानलेवा
जिन लोगों को अधिक खतरा है, उनमें 65 साल से ऊपर के बुजुर्ग, 5 साल से छोटे बच्चे, हृदय और सांस के मरीज, और बेघर लोग शामिल हैं।
एमपी में हाइपोथर्मिया की खबर पर एक नजर...
|
मेडिकल इमरजेंसी में तुरंत अस्पताल जाएं
इसके अलावा, फ्रॉस्टबाइट के लक्षण जैसे सुन्नता या सफेद या काले छाले दिखें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।
अस्पतालों को ये निर्देश
ये खबर भी पढ़िए...प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की पाबंदी से हजारों होम्योपैथिक क्लीनिकों को मिली राहत
सर्दी से बचने के लिए कुछ अहम सुझाव
दिन-रात के तापमान में बड़ा फर्क
जेपी अस्पताल के रिटायर्ड सर्जन डॉ. आरके बड़वे के मुताबिक, इस अंतर से त्वचा संक्रमण बढ़ सकता है। खासकर, दिन की धूप और रात की ठंडी हवा से यह समस्या हो सकती है।
ये खबर भी पढ़िए...बिजली कंपनी को 8.50 करोड़ रुपए का चूना लगाने वाला एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बर्खास्त
जानें हाइपोथर्मिया क्या है...
हाइपोथर्मिया के लक्षणों में शरीर का कांपना, थकावट, सिर का चकराना, या शारीरिक गतिविधि में कमी आना शामिल होते हैं। अगर इसका इलाज समय पर न किया जाए, तो ये जानलेवा भी हो सकता है।
अगर सर्दी में बहुत ज्यादा ठंड लगे, खासकर जब आप गीले कपड़े पहनकर या बिना गर्म कपड़ों के बाहर ज्यादा समय तक रहते हैं, तो हाइपोथर्मिया हो सकता है। इसे बचने के लिए हमेशा गर्म कपड़े पहनें, थोड़ा-बहुत चलते-फिरते रहें और ज्यादा ठंडी जगहों पर समय न बिताएं।
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari