IDA स्कीम 171 को मुक्त करने का लाएगा प्रस्ताव, ACS की नसीहत- भूमाफियाओं से निपट लेगा प्रशासन

Sanjay Gupta | Feb 05, 2026, 13:28 IST
Share
ida scheme 171 release proposal indore development authority
ida scheme 171 release proposal indore development authority

इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) जल्द ही स्कीम 171 को मुक्त करने का प्रस्ताव लाने वाला है। एसीएस संजय दुबे के कड़े निर्देशों के बाद हजारों प्लॉटधारकों को 35 साल के लंबे इंतजार से राहत मिलने की उम्मीद है।

INDORE. इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) आखिरकार स्कीम 171 को मुक्त करने के लिए अगली बोर्ड बैठक में प्रस्ताव ला रहा है। इसकी बड़ी वजह नगरीय प्रशासन विभाग एसीएस संजय दुबे की सीधी नसीहत है।

दो फरवरी को आईडीए सीईओ परीक्षित झाड़े भोपाल में जाकर एससीएस दुबे से मिले थे। इसमें इस स्कीम को लेकर भी अहम निर्देश दिए गए थे।

स्कीम के पीड़ितों से सीईओ ने की मुलाकात

बुधवार, 4 फरवरी को स्कीम से प्रभावित पीड़ित एक बार फिर आईडीए दफ्तर पहुंचे थे। यहां बंद कमरे में प्लॉटधारकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई थी।

इसमें सीईओ ने कहा था कि नियमानुसार अगली बोर्ड बैठक में इस स्कीम को लेकर प्रस्ताव आएगा। साथ ही, सभी की सहमति से नियम से फैसला होगा।

भूमाफियाओं से निपट लेगा प्रशासन

इस स्कीम को मुक्त करने का इंतजार हजारों प्लॉटधारक करीब 35 साल से कर रहे हैं। इसके लिए 5.90 करोड़ की राशि भी आईडीए जमा करा चुका है। वहीं, इसके बाद भी स्कीम मुक्त नहीं की।

अगस्त 2025 की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव आया लेकिन इसमें एक नया पेंच फंस गया था। यह पेंच स्कीम से मुक्ति के बाद भूमाफियाओं के जरिए जमीन के खेल से बचने के लिए रखा गया था। वहीं, इससे आम प्लॉटधारक परेशान हो गए थे।

इसी बात को लेकर एसीएस दुबे ने सीईओ को दो फरवरी को भोपाल में साफ नसीहत दी कि भूमाफियाओं के खेल की चिंता बिल्कुल मत करो। नियम से राशि जमा कराई है और जब वहां काम नहीं हो सकता है और ना ही नई स्कीम लाने की गुंजाइश है तो मुक्त करो।

भूमाफियाओं से निपटने में शासन, इंदौर प्रशासन और पुलिस सब सक्षम है। नियम से आगे बढ़ो और बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास कर फैसला लो।

इंदौर कलेक्टर लंबे समय से प्रयास में हैं

इस स्कीम की जमीन पर पहले भूमाफियाओं का भारी खेल था। वहीं, तत्कालीन कलेक्टर मनीष सिंह ने यहां भू-माफियाओं के खिलाफ अभियान चलाकर प्लॉटधारकों को कब्जे दिलवाए थे। इसके बाद से ही स्कीम मुक्त होने की बात चलती रही, लेकिन हुआ नहीं।

कलेक्टर रहते हुए आईएएस आशीष सिंह ने भी काफी प्रयास किए थे। इसके बाद प्लॉटधारकों से विकास शुल्क भी भरवाया गया था। वहीं, अगस्त 2025 के बोर्ड प्रस्ताव में घुमावदार फैसला हो गया और फिर मामला अटक गया था।

इसके बाद कलेक्टर शिवम वर्मा भी लगातार इसके लिए प्रयास करते रहे हैं। अब जाकर सभी के संयुक्त प्रयास से इसमें प्लाटधारकों को राहत मिलते दिख रही है।

अगस्त 2025 में बोर्ड में यह प्रस्ताव पास हुआ था

8 अगस्त 2025 को हुई अहम बोर्ड बैठक में लिखित संकल्प पास हुआ था। इसमें लिखा गया कि प्राधिकारी की योजना 171 के आपत्तियों के संबंध में गठित समिति की रिपोर्ट प्राप्त हुई थी। इसमें विचार करने के बाद यह फैसला लिया जाता है-

  1. स्कीम 171 में शामिल कुल 151.33 हेक्टेयर भूमि से रकबा 115.828 हेक्टेयर निजी भूमि स्वामियों की है और 35.725 हेक्टेयर सरकारी भूमि है। कुल भूधारकों की संख्या 221 है। इसमें से 13 सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं की कुल 78.443 हेक्टेयर भूमि है।
  2. प्राधिकारी बोर्ड का मत है कि योजना के तहत स्थित निजी भूमि (संस्थाओं की भूमि छोड़कर) व शासकीय भूमियों का सर्वेक्षण कराकर नियोजन किया जाना उचित होगा। इससे क्षेत्र का नियोजित विकास किया जा सकेगा व प्राधिकारी के भी हित संरक्षित रहेंगे।
  3. योजना के तहत सहकारी गृह निर्माण संस्थाओं की भूमियों की स्थिति स्पष्ट की जाए। संस्थाओं की भूमियों को योजना से मुक्त करने पर रिपोर्ट भू अर्जन, नियोजन और तकनीकी शाखा से ली जाए। रिपोर्ट में वैधानिक स्थिति और प्राधिकरण के हित को ध्यान में रखते हुए विचार किया जाए।
(उपरोक्तानुसार योजना क्रमांक 171 की भूमियों के संबंध में ऊपर वर्णित स्थितियों के अनुसार आगामी बोर्ड बैठक में रखा जाए)

इस संकल्प के क्या मायने हैं

इस संकल्प से तय किया गया था कि इसमें से निजी भूस्वामियों की जमीन और सरकारी जमीन को स्कीम से मुक्त नहीं किया जाएगा। केवल 13 सहकारी संस्थाओं के पीड़ितों को ही इसका लाभ मिलेगा। उनकी जमीन को स्कीम से मुक्त किया जाएगा।

स्कीम में 13 सोसायटी में 6 हजार प्लॉटधारक हैं

इस स्कीम के चलते 35 साल से परेशान 13 सोसायटी के करीब 6 हजार भूखंड धारक परेशान हैं। इन सोसायटी में देवी अहिल्या श्रमिक कामगार सहकारी संस्था, इंदौर विकास गृह निर्माण संस्था, मजदूर पंचायत गृह निर्माण संस्था, मारूति गृह निर्माण संस्था, सन्नी को ऑपरेटिव हाउसिंग सोसायटी, रजत गृह निर्माण संस्था, संजना गृह निर्माण संस्था, अप्सरा गृह निर्माण संस्था, न्याय विभाग कर्मचारी गृह निर्माण सहकारी संस्था और श्रीकृपा गृह निर्माण सहकारी संस्था के प्लाटधारक शामिल हैं।

ये खबर भी पढ़िए...

भूमाफियाओं से घिरी इंदौर की अयोध्यापुरी में पूर्व सचिव लखोटिया को ही संस्था से नोटिस

इंदौर लव जिहाद फंडिंग के आरोपी अनवर कादरी को थाने में लगानी होगी हाजिरी, ऐसे मिली जमानत

इन्फ्लुएंसर जतिन शुक्ला ने इंदौर सांसद शंकर लालवानी से मांगी माफी, FIR के बाद ठंडे पड़े तेवर

इंदौर न्यूज: लव जिहाद की फंडिंग और 26 अपराधों के आरोपी अनवर कादरी को हाईकोर्ट से जमानत

Tags:
  • इंदौर न्यूज
  • IDA
  • इंदौर विकास प्राधिकरण
  • कलेक्टर शिवम वर्मा
  • आशीष सिंह
  • आईएएस आशीष सिंह
  • एसीएस संजय दुबे
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि

By Neel Tiwari

20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें

By Arun Tiwari

छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी

By Sandeep Kumar

मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी

By VINAY VERMA

IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं

By Ashish Bhardwaj

राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई

By Arun Tiwari

पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच

By Jitendra Shrivastava

भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच