हल्दी की रस्म के बाद अस्पताल पहुंच रहे दूल्हा-दुल्हन, एक वेंटीलेटर पर, जानें पूरा मामला
Anjali Dwivedi | May 11, 2026, 14:49 IST
indore-adulterated-turmeric
इंदौर के एमवाई अस्पताल में मिलावटी हल्दी के कारण कई गंभीर मामले सामने आए हैं। शादी की रस्म में जहरीली हल्दी लगने से लोग आईसीयू तक पहुंच रहे हैं। एक्सपर्ट्स ने मेटानिल यलो जैसे घातक केमिकल से बचने की सलाह दी है।
इंदौर. बाजार में बिक रही मिलावटी हल्दी शादियों की खुशियों में अब जहर घोल रही है। इंदौर के सरकारी एमवाई अस्पताल में हाल ही में चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं। यहां हल्दी की रस्म के दौरान दूल्हा और दुल्हन गंभीर रूप से बीमार पड़ गए। एक मरीज को वेंटिलेटर और अन्य को आईसीयू में भर्ती करना पड़ा है।
खरगोन जिले की 21 वर्षीय राखी की शादी की खुशियां चिंता में बदल गईं। हल्दी लगाने के कुछ ही देर बाद उनके शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए। जल्द ही उनके चेहरे और होंठों पर भारी सूजन आने लगी। राखी को सांस लेने में भी बहुत ज्यादा तकलीफ महसूस होने लगी थी।
राखी के परिजनों ने बताया कि उन्होंने बाजार से सस्ती हल्दी खरीदी थी। उन्होंने रस्म के लिए खुली हल्दी लेना ही बेहतर समझा था। इसी तरह दूधिया निवासी 35 साल के गोलू को भी अस्पताल जाना पड़ा। उन्हें भी रस्म के बाद बहुत गंभीर एलर्जी रिएक्शन हुआ था। इस एलर्जी से उनके फेफड़ों पर दबाव बढ़ा और जान तक जोखिम में आ गई।
पिछले एक हफ्ते में एमवाई अस्पताल में ऐसे पांच मामले आए हैं। इनमें से एक मरीज की हालत इतनी खराब थी कि वेंटिलेटर लगाना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार मिलावटी हल्दी जानलेवा साबित हो रही है।
शादियों के सीजन में मांग बढ़ने पर मिलावटखोर केमिकल वाली हल्दी बेच रहे हैं। छोटे व्यापारी ज्यादा मुनाफे के लिए जहरीले रंगों का इस्तेमाल करते हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हल्दी चमकाने के लिए मेटानिल यलो डाई मिलाई जा रही है।
यह सिंथेटिक डाई शरीर के अंगों के लिए बहुत खतरनाक होती है। यह औद्योगिक रंग त्वचा के संपर्क में आते ही तीव्र रिएक्शन करता है। इससे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और इम्यूनिटी बहुत गिर जाती है। मरीज एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम का शिकार भी हो सकता है। इसमें फेफड़ों में पानी भर सकता है या वे काम बंद कर सकते हैं।
मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. धर्मेंद्र झंवर ने इसे गंभीर मामला बताया है। इन मरीजों को बचाने के लिए हैवी स्टेरॉयड देने पड़ते हैं। उन्होंने कहा कि लापरवाही बरतने पर मरीजों की मौत भी हो सकती है। लोग अक्सर रस्म के लिए भारी मात्रा में खुली हल्दी खरीदते हैं।
आयुर्वेद में हल्दी को वरदान कहते हैं पर केमिकल इसे अभिशाप बना रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा साबुत हल्दी खरीदकर खुद पिसवाएं। शादी जैसे बड़े आयोजनों में केवल भरोसेमंद ब्रांड का ही उपयोग करें। हल्दी लगाने पर खुजली या जलन हो तो तुरंत त्वचा धो लें।
आप घर पर भी हल्दी की शुद्धता की आसान जांच कर सकते हैं। एक गिलास पानी में थोड़ी सी हल्दी डालकर कुछ देर छोड़ दें। अगर हल्दी तुरंत गहरा रंग छोड़े और ऊपर तैरे तो वह मिलावटी है। शुद्ध हल्दी धीरे-धीरे गिलास की तली में नीचे बैठ जाती है।
मिलावटी हल्दी में पानी का रंग बहुत गहरा और अप्राकृतिक दिखता है। शुद्ध हल्दी मिलने पर पानी का रंग हल्का पीला ही रहता है। घबराहट या सूजन होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वक्त पर सही इलाज न मिलना मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है।
एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी डालें। अगर हल्दी असली होगी, तो पानी का रंग हल्का पीला होगा और कुछ देर बाद हल्दी नीचे बैठ जाएगी। वहीं, अगर हल्दी में मिलावट होगी, तो पानी का रंग गाढ़ा पीला होगा और हल्दी देर तक पानी में घुली रहेगी।
इमरान उर्फ चिकना की रासुका खारिज, हाईकोर्ट ने इंदौर कलेक्टर के आदेश को बताया गलत
इंदौर न्यूज | इंदौर बेंच से छिपाया था 21 दिन पुराना फैसला, वकील पर 50 हजार का जुर्माना
इंदौर के नामी अस्पतालों में नहीं फायर सेफ्टी सिस्टम, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
एक बार फिर इंदौर पुलिस विवादों में, 64 साल के बुजुर्ग को प्रताड़ित करने का आरोप, HC पहुंची शिकायत
खरगोन जिले की 21 वर्षीय राखी की शादी की खुशियां चिंता में बदल गईं। हल्दी लगाने के कुछ ही देर बाद उनके शरीर पर लाल चकत्ते उभर आए। जल्द ही उनके चेहरे और होंठों पर भारी सूजन आने लगी। राखी को सांस लेने में भी बहुत ज्यादा तकलीफ महसूस होने लगी थी।
सस्ती और खुली हल्दी खरीदना पड़ा बहुत महंगा
पिछले एक हफ्ते में एमवाई अस्पताल में ऐसे पांच मामले आए हैं। इनमें से एक मरीज की हालत इतनी खराब थी कि वेंटिलेटर लगाना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार मिलावटी हल्दी जानलेवा साबित हो रही है।
राखी को हल्दी लगाने के बाद होंठों पर सूजन आ गई। सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी।
haldi
जहरीला मेटानिल यलो अंगों को कर रहा खराब
यह सिंथेटिक डाई शरीर के अंगों के लिए बहुत खतरनाक होती है। यह औद्योगिक रंग त्वचा के संपर्क में आते ही तीव्र रिएक्शन करता है। इससे शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है और इम्यूनिटी बहुत गिर जाती है। मरीज एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम का शिकार भी हो सकता है। इसमें फेफड़ों में पानी भर सकता है या वे काम बंद कर सकते हैं।
63257d48-c1f
डॉक्टरों ने दी मिलावट से बचने की खास सलाह
आयुर्वेद में हल्दी को वरदान कहते हैं पर केमिकल इसे अभिशाप बना रहे हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि हमेशा साबुत हल्दी खरीदकर खुद पिसवाएं। शादी जैसे बड़े आयोजनों में केवल भरोसेमंद ब्रांड का ही उपयोग करें। हल्दी लगाने पर खुजली या जलन हो तो तुरंत त्वचा धो लें।
4987cbe6-5ba
ऐसे करें मिलावटी और शुद्ध हल्दी की पहचान
मिलावटी हल्दी में पानी का रंग बहुत गहरा और अप्राकृतिक दिखता है। शुद्ध हल्दी मिलने पर पानी का रंग हल्का पीला ही रहता है। घबराहट या सूजन होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वक्त पर सही इलाज न मिलना मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है।
मिलावटी हल्दी की पहचान कैसे करें?
FAQ
- मिलावटी हल्दी से शरीर पर किस तरह के गंभीर एलर्जी रिएक्शन होते हैं?
मिलावटी हल्दी में मौजूद केमिकल जैसे मेटानिल यलो त्वचा के संपर्क में आते ही खुजली, जलन और लाल चकत्ते पैदा करते हैं। गंभीर मामलों में चेहरे और होंठों पर सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेने की नली प्रभावित होती है। इससे फेफड़ों पर दबाव बढ़ता है और मरीज को सांस लेने में भारी तकलीफ होने लगती है, जिसे मेडिकल भाषा में 'एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम' कहा जाता है। - हल्दी में मिलाया जाने वाला मेटानिल यलो क्या है और यह कितना खतरनाक है?
मेटानिल यलो एक सिंथेटिक औद्योगिक डाई (रंग) है, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से कपड़ा उद्योग में होता है। मिलावटखोर हल्दी को अधिक पीला और चमकदार दिखाने के लिए इसे मिलाते हैं। यह शरीर के भीतर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करता है और धीरे-धीरे अंगों को नुकसान पहुंचाता है। त्वचा के जरिए सोख लिए जाने पर यह रक्त प्रवाह में मिलकर गंभीर टॉक्सिसिटी पैदा कर सकता है। - शादी-ब्याह के रस्मों के लिए सुरक्षित हल्दी का चुनाव कैसे करें?
सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि आप बाजार से साबुत हल्दी की गांठे खरीदें और उसे अपनी देखरेख में पिसवाएं। यदि आप पिसी हुई हल्दी खरीद रहे हैं, तो केवल प्रमाणित और भरोसेमंद ब्रांड का ही चयन करें। खुली और अत्यधिक सस्ती हल्दी खरीदने से बचें क्योंकि इनमें मिलावट की संभावना सबसे अधिक होती है। उपयोग से पहले पानी में डालकर उसकी शुद्धता की जांच अवश्य कर लें।
इमरान उर्फ चिकना की रासुका खारिज, हाईकोर्ट ने इंदौर कलेक्टर के आदेश को बताया गलत
इंदौर न्यूज | इंदौर बेंच से छिपाया था 21 दिन पुराना फैसला, वकील पर 50 हजार का जुर्माना
इंदौर के नामी अस्पतालों में नहीं फायर सेफ्टी सिस्टम, हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
एक बार फिर इंदौर पुलिस विवादों में, 64 साल के बुजुर्ग को प्रताड़ित करने का आरोप, HC पहुंची शिकायत
20 हजार करोड़ रुपए के बकाया चालान: सुप्रीम कोर्ट ने दिए अनोखे सुझाव: बिजली बिल में जुड़ सकती है चालान की राशि
By Neel Tiwari
छत्तीसगढ़ कांग्रेस का कलेक्ट्रेट घेराव, पुलिस से झूमाझटकी, भूपेश बघेल बोले ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें
By Arun Tiwari
मध्य प्रदेश में 1 अक्टूबर से राशन दुकानें बंद, राशन विक्रेता संघ ने 5 मांगों पर दी चेतावनी
By Sandeep Kumar
IAS आशीष टिकरिहा को जनसंपर्क संचालक का अतिरिक्त प्रभार, वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन के प्रबंध संचालक की जिम्मेदारी भी रहेगी
By VINAY VERMA
राजस्थान हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, तलाक के बाद पासपोर्ट पर पिता के नाम की कोई जरूरत नहीं
By Ashish Bhardwaj
पाटन चुनाव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, भूपेश बघेल की आपत्ति पर पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट करेगा सुनवाई
By Arun Tiwari
भोपाल की सेज यूनिवर्सिटी में छात्रों का हंगामा: हॉस्टल मेस के खाने में कीड़े मिलने का आरोप, अब खाद्य विभाग करेगा जांच
By Jitendra Shrivastava