भागीरथपुरा में दूषित पानी से 32वीं मौत, कांग्रेस फिर 3 फरवरी को करेगी आंदोलन

भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण आज 32वीं मौत हो हुई है। कांग्रेस ने 3 फरवरी को आंदोलन की घोषणा की है। इसके साथ ही, मृतकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग की है। इस मुद्दे को लेकर हाईकोर्ट ने जांच समिति गठित की है।

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Sanjay Gupta
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INDORE. इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी के चलते अब 32वीं मौत हुई है। लंबे समय से अस्पताल में भर्ती 65 वर्षीय अनिता कुशवाह की मौत हो गई है। वहीं कांग्रेस ने 3 फरवरी को एक बार फिर आंदोलन की घोषणा कर दी है। अभी भी तीन मरीज भर्ती हैं, जिनमें दो आईसीयू में हैं।

अनिता वेंटिलेटर पर थीं

दूषित पानी से बीमार होने के बाद अनिता कुशवाह (65) का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। दूषित पानी से अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं। अनिता के पुत्र नीलेश ने बताया कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी।

उन्हें 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त के कारण पहले एक अन्य अस्पताल में भर्ती कराया और फिर घर ले गए थे। वहीं, तबीयत बिगड़ने पर उन्हें फिर अरविंदों अस्पताल में भर्ती कराया और तबीयत नहीं सुधरने पर उन्हें बॉम्बे अस्पताल ले जाया गया था। इस दौरान उनकी किडनी फेल हो गई थी, जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया।

सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि शासन ने उनका अच्छे से इलाज कराया, लेकिन दुर्भाग्यवश उनका निधन हो गया।

कांग्रेस ने फिर किया आंदोलन का ऐलान

उधर कांग्रेस ने 3 फरवरी को फिर इसी मामले में आंदोलन की घोषणा कर दी है। इससे पहले कांग्रेस इंदौर में न्याय यात्रा निकाल चुकी है। लोकसभा प्रतिपक्ष नेता राहुल गांधी भी 17 जनवरी को इंदौर आ चुके हैं।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि जहरीले पानी से लगातार मौत हो रही है। इन सभी परिवारों से हम मिले थे। ये मौतें नहीं, हत्याएं हैं और यह हत्याएं उन्हीं ने की, जिन्हें जल से जीवन देने की जिम्मेदारी थी।

यह बीजेपी के अहंकार का परिचायक है। जिन्हें इंदौर जिता रहा है, उनकी जिम्मेदारी क्या थी और उन्होंने क्या किया? ये उलटे गालियां देते हैं। इसका हिसाब लेना चाहिए।

कांग्रेस की प्रमुख मांग

कांग्रेस कह रही है कि इन नेताओं और जिम्मेदारों से इंदौर की जनता हिसाब ले। पीड़ितों को एक करोड़ का मुआवजा दिया जाए। गैर-इरादतन हत्या का केस हो और जिम्मेदार नेता व अधिकारी इस्तीफा दें, कार्रवाई हो।

हाईकोर्ट बना चुका है कमेटी

इस मामले में हाईकोर्ट में चल रही जनहित याचिकाओं पर बेंच ने पूर्व जज की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच कमीशन गठित कर दिया है। यह कमीशन एक माह में अंतरिम जांच रिपोर्ट देगा। इसमें मौत के कारण, कुल संख्या, जिम्मेदारों की जिम्मेदारी सभी तय करेगा।

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जानें क्या है इंदौर का भागीरथपुरा कांड?

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दिसंबर 2025 के आखिरी दिनों में दूषित पानी की वजह से एक बड़ा स्वास्थ्य संकट सामने आया। दरअसल, नर्मदा जल की पाइपलाइन में सीवेज और ड्रेनेज लाइन का पानी मिल गया था।

इससे फीकल कोलिफॉर्म और ई-कोलाई जैसे खतरनाक बैक्टीरिया फैल गए। इसके अलावा, इलाके के बोरवेल का गंदा पानी नर्मदा की पाइपलाइन में घुसकर पीने के पानी को जहरीला बना रहा था।

इस वजह से उल्टी और दस्त जैसी बीमारियां फैल गईं, और 3500 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए। इसे भागीरथपुरा में दूषित पानी की घटना के मुख्य कारण के तौर पर बताया जा रहा है।

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