एक और चौंकाने वाली जांच रिपोर्ट- नर्मदा जल, टैंकर और अब 516 बोरिंग में भी दूषित पानी
Rahul Dave | Jan 05, 2026, 16:10 IST
indore bhagirathpura contaminated water
भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों के बाद प्रशासन ने 516 बोरिंग बंद कराए। इनमें 400 निजी और 116 सरकारी बोरिंग शामिल हैं। जल संकट के कारण अब लोग RO लगवा रहे हैं।
Indore. भागीरथपुरा में नर्मदा जल जानलेवा निकलने और टैंकरों का पानी भी पीने योग्य नहीं है। अब इसके बाद एक और चौंकाने वाली जांच रिपोर्ट ने सबकी नींद उड़ा दी है। दरअसल जो जांच रिपोर्ट आई है उसमें 516 बोरिंग का पानी पीने योग्य नहीं है। इसके बाद इन बोरिंग का पानी उपयोग करने पर रोक लगा दी गई है।
भागीरथपुरा कांड के बाद जब प्रशासन ने बोरिंग के पानी की जांच करवाई, तो हालात और भयावह सामने आए। शहर के विभिन्न इलाकों से लिए गए सैंपल में 35 बोरिंग फेल हो गए।
जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने 516 बोरिंग के पानी के उपयोग पर रोक लगा दी है। इनमें 400 निजी और 116 सरकारी बोरिंग शामिल हैं। साफ शब्दों में कहें तो इनका पानी पीने योग्य नहीं माना गया है।
4 जनवरी रविवार को नगर निगम ने 112 पानी की टंकियों, नलों और बोरिंग के सैंपल एकत्र किए गए हैं। अब इन्हें निजी लैब में जांच के लिए भेजा गया है। निगम की अपनी लैब मौजूद होने के बावजूद वहां कर्मचारियों की कमी सामने आई है, जिस पर भी सवाल उठने लगे हैं।
आरओ सप्लायरों के अनुसार, भागीरथपुरा और आसपास के इलाकों से लगातार इन्क्वायरी कॉल आ रहे हैं। लोगों में यह डर बैठ गया है कि अगर अब भी सावधानी नहीं बरती, तो अगला नंबर किसी और का हो सकता है।
इंदौर में गंदा पानी कांड से 17वीं मौत, बेटे से मिलने आए रिटायर्ड पुलिसकर्मी की गई जान
इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई 17 मौतों ने शहर की जल-व्यवस्था पर गहरा सवाल खड़ा कर दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब लोग न तो नर्मदा जल पर भरोसा कर पा रहे हैं और न ही टैंकरों से आने वाले पानी पर।
डर का आलम यह है कि पूरे इलाके में आरओ लगाने की होड़ मच गई है। कई परिवार मजबूरी में किस्तों पर आरओ खरीद रहे हैं, ताकि अपने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित रख सकें।
दूषित जल से मौत के बाद भागीरथपुरा में हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। लोग नर्मदा जल भरने से बच रहे हैं। कई परिवारों ने बोरिंग का पानी तक इस्तेमाल करना बंद कर दिया है।
कुछ लोग मजबूरी में पानी लेते भी हैं, वे उसे छानकर और उबालकर उपयोग कर रहे हैं। चाय से लेकर नाश्ते तक, दुकानों पर बोतलबंद पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि हालात ने उन्हें आर्थिक रूप से भी तोड़ दिया है। कोई 10-12 हजार रुपए खर्च कर आरओ लगवा रहा है, तो कोई किस्तों का सहारा ले रहा है। कई परिवारों में बच्चे और बुजुर्ग बीमार पड़ चुके हैं, जिसके बाद आरओ लगवाना मजबूरी बन गया है।
जांच में मिला
अलग-अलग स्थानों पर बोरिंग के पानी से जो सैंपल लिए गए हैं। उन सैंपल की माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच कराई गई, जिसमें बोरिंग के पानी में कोलिफार्म बैक्टीरिया की मौजूदगी मिली है। यह एक हानिकारक बैक्टीरिया माना जाता है।
यह पानी के साथ शरीर के अंदर जाने पर जानलेवा साबित हो सकता है। कहीं पर बोरिंग के पानी में ई-कोलाई, शिगेला आदि बैक्टीरिया भी मिला है। भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई
बोरिंगों का पानी दूषित होने की पुष्टि के बाद इनके पानी का कोई उपयोग न करे। इसे लेकर इन पर रेड निशान यानि खतरे के निशान लगा दिए गए है। साथ ही रहवासियों को समझाइश दी जा ही है। ये पानी पीने में बिल्कुल भी उपयोग में न लें।
400 निजी, 116 सरकार बोरिंग
जांच रिपोर्ट के बाद प्रशासन ने 516 बोरिंग के पानी के उपयोग पर रोक लगा दी है। इनमें 400 निजी और 116 सरकारी बोरिंग शामिल हैं। साफ शब्दों में कहें तो इनका पानी पीने योग्य नहीं माना गया है।
कर्मचारियों की कमी, लैब पर सवाल
बढ़ी आरओ की डिमांड
भागीरथपुरा कांड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें....
आरओ लगवाने की मची होड़
डर का आलम यह है कि पूरे इलाके में आरओ लगाने की होड़ मच गई है। कई परिवार मजबूरी में किस्तों पर आरओ खरीद रहे हैं, ताकि अपने बच्चों और बुजुर्गों को सुरक्षित रख सकें।
इलाके में डर, पानी उबालकर भी नहीं पी रहे
कुछ लोग मजबूरी में पानी लेते भी हैं, वे उसे छानकर और उबालकर उपयोग कर रहे हैं। चाय से लेकर नाश्ते तक, दुकानों पर बोतलबंद पानी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
रहवासियों की मजबूरी
जांच में मिला कोलिफार्म बैक्टीरिया
यह पानी के साथ शरीर के अंदर जाने पर जानलेवा साबित हो सकता है। कहीं पर बोरिंग के पानी में ई-कोलाई, शिगेला आदि बैक्टीरिया भी मिला है। भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई
बोरिंगों पर लगाए रेड निशान
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari