इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी से आखिर कितनों की मौत, हाईकोर्ट में बताया 4, मुआवजा लिस्ट में 18, 5 माह का अव्ययान भी शामिल

भागीरथपुरा में गंदे पानी से अब तक 18 से 20 मौतें हो चुकी हैं। हालांकि आधिकारिक आंकड़े और मुआवजा लिस्ट में विवाद जारी है। हाईकोर्ट ने इसे हेल्थ इमरजेंसी बताया है।

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Sanjay Gupta
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इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी के कांड से आखिर कितनी मौते हुई हैं। अभी भी इसे लेकर जिला प्रशासन ने औपचारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है। इस मामले में अभी तक 18 से 20 मौतों की बात सामने आ चुकी है। वहीं हाईकोर्ट में मप्र शासन द्वारा दी गई स्टेटस रिपोर्ट में केवल चार मौतों की बात मानी गई थी। उधर मुआवजा लिस्ट में अभी भी दो नाम नहीं है। ऐसे में बात हो रही है क्या मौतों का आंकड़ा और अधिक है।

महापौर बोल चुके 6 मौत, पार्षद 15, ऐसे हो रही 20 

महापौर पुष्यमित्र भार्गव दो दिन पहले 6 मौत की बात कह चुके हैं वहीं पार्षद कमल वाघेला 15 मौत की बात कह चुके हैं। उधर प्रशासन की मुआवजा सूची में रामकली जगदीस और श्रवण दो नए नाम है, जो बताई जा रही 18 मौतों के सिवा है। इससे इन मौतों का आंकड़ा 20 तक पहुंच रहा है।

इधर मुआवजा लिस्ट में 18 नाम

उधर जिला प्रशासन ने 18 लोगों को मुआवजा राशि दे दी है। यह राशि रेडक्रास से 2-2 लाख रुपए की दी गई है। इसमें पांच माह का अव्यान साहू भी शामिल है। जिसे परिजन ने दूध को पतला करने के लिए हल्का पानी मिलाकर पिलाया था। 

Compensation list

हाईकोर्ट में इन चार की मौत बताई

हाईकोर्ट में जिला प्रशासन द्वारा दी गई लिस्ट में उर्मिला, तारा, नंदलाल और हीरालाल इन चार की ही मौत की जानकारी दी गई थी। 

high court

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मुआवजा लिस्ट में यह नाम शामिल

उधर मुआवजा लिस्ट में हीरालाल, उर्मिला, तारा, नंदलाल के साथ मांच माह के अव्यान साहू, अलगुराम यादव, अरविंद लिखार, श्रवण नत्थू, सीमा, उमा, मंजूला, गोमती, जीवनलाल, गीताबाई, अशोक पंवार, संतोष बिगोलिया, शंकर भाया, सुमित्राबाई, रामकली के नाम शामिल है। इसमें अभी गीताबाई और उमा की मौत पर उनके परिजन के खाते खुलवाकर राशि दी जा रही है। बाकी के परिजनों को दी दो-दो लाख की राशि दी जा चुकी है। 

इसमें अभी दो नाम शामिल नहीं

वहीं इसमें अभी 80 साल की हरकुंवर का ना नहीं है, जिनकी मौत दो जनवरी को हुई थी। वहीं इसमें धार के ओमप्रकाश शर्मा का भी नाम नहीं है, जिनकी मौत हो चुकी है। ऐसे में मौतों के असली आंकड़े अभी भी सामने नहीं है। इन दो को भी जोड़ लें तो मौत 20 हो चुकी है। 

उधर 3 वेंटीलेटर पर है

वहीं अभी तक कुल मरीज 429 भर्ती हो चुके हैं इसमें 330 डिस्चार्ज हो चुके हैं और सीएमएचओ के अनुसार इसमें 99 अभी भी भर्ती हैं। वहीं तीन मरीज गंभीर होकर वेंटीलेटर पर हैं। साथ ही 16 मरीज आईसीयू में हैं।

हाईकोर्ट कह चुका हेल्थ इमरजेंसी

इस पूरे मामले में जनहित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान 6 जनवरी को हाईकोर्ट इंदौर ने इसे हेल्थ इमरजेंसी माना है। साथ ही कहा कि यह स्वच्छ शहर में धब्बा है। वहीं मौतों के आंकड़े की स्थिति साफ नहीं होने पर भी इसे गंभीर लापरवाही और शासन की असंवेदनशीलता माना गया।

 डैथ ऑडिट की अभी तक रिपोर्ट नहीं

वहीं इस मामले में अभी भी हैल्थ टीम डैथ ऑडिट ही कर रही है। इसके लिए पांच सदस्यीय टीम काम कर रही है। इसमें एसोसिएट प्रोफेसर संजय दुबे, अखिलेख सिंह, सूरज सिरोही, धर्मांशु चौबे, और सुनील सोनी शामिल है। लेकिन अभी तक कमेटी ने रिपोर्ट नहीं दी है। हालांकि सूत्रों के अनुसार कमेटी सोमवार तक 14 मौतों को डायरिया से मौत मान चुकी थी लेकिन अभी औपचारिक रिपोर्ट बाकी है। भागीरथपुरा में दूषित पानी की सप्लाई | इंदौर हाईकोर्ट 

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