इंदौर में फिर कोचिंग वॉर, IIT-JEE के रिजल्ट में कल्पवृक्ष ने दिया विवादित विज्ञापन, कोचिंग संस्थानों पर मारा ताना

Vishwanath Singh | Jun 06, 2025, 11:32 IST
Share
The Sootr
The Sootr

क्या यह मिसगाइड करने की हद नहीं? : आज कुछ कोचिंग संस्थान स्वयं को नंबर 1 बताने की होड़ में इतने आगे निकल गए हैं कि बच्चों और अभिभावकों को गुमराह करने की हदें पार कर रहे हैं।

इंदौर में कोचिंग संस्थानों के बीच में एक बार फिर कोचिंग वॉर शुरू हो गया है। हाल ही में जब आईआईटी–जेईई के रिजल्ट आए तो उसके बाद कल्पवृक्ष के विजित जैन ने एक विवादित विज्ञापन दे डाला। इसके बाद कोचिंग संस्थानों में हड़कंप मच गया। इसके पलटवार में एलन ने भी दो दिन तक रिजल्ट को लेकर विज्ञापन दिए। हालांकि उसने कोई टिप्पणी तो नहीं की, लेकिन छात्रों को लुभाने के लिए ढ़ाई करोड़ रुपए के कैश प्राइज की घोषणा जरूर कर दी। इन कोचिंग संस्थानों द्वारा विज्ञापन वॉर इसलिए किया गया, क्योंकि इन्हीं को दिखाकर ये कोचिंग संस्थान हजारों बच्चों को अपने यहां एडमिशन करवाते हैं। इस विज्ञापन से संबंधित जानकारी लेने के लिए कल्पवृक्ष के विजित जैन से संपर्क कर सवाल किए, लेकिन उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया।

विज्ञापन वॉर इसलिए क्योंकि 200 करोड़ से ज्यादा का है खेल

इंदौर में काेचिंग माफिया प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने को लेकर सालाना लगभग 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का खेल कर रहे हैं। इन कोचिंगों के बीच यह विज्ञापन वॉर केवल इसलिए हो रहा ताकि ये कोचिंग संस्थान 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का खेल कर सकें। इसमें शहर के 20 से ज्यादा कोचिंग संस्थान ही अकेले 150 करोड़ रुपए से ज्यादा कमा रहे हैं। इन्हीं स्कूलों के बच्चे एलन, कल्पवृक्ष, कैटेलाइजर, अनएकेडमी और मेडिमेथ में पढ़ते हैं। वहां पर कम से कम एक बच्चे की जेईई की फीस 1 लाख 40 हजार रुपए है। ऐसे में अगर केवल 3000 बच्चों से ही कोचिंग वालों को सालाना मिली फीस की बात करें तो यह 42 करोड़ रुपए हो रही है।

the sootr
the sootr


कल्पवृक्ष ने यह दिया है विवादित विज्ञापन

क्या यह मिसगाइड करने की हद नहीं? : आज कुछ कोचिंग संस्थान स्वयं को नंबर 1 बताने की होड़ में इतने आगे निकल गए हैं कि बच्चों और अभिभावकों को गुमराह करने की हदें पार कर रहे हैं। JEE जैसी प्रतियोगी परीक्षा के लिए 2 Year Classroom program पूरी तरह उपयुक्त है, लेकिन बाजार में कुछ कोचिंग्स द्वारा नया और बड़ा दिखने की होड़ में अब 7 Year Classroom program तक शुरू कर दिए गए हैं और फिर दावा करते हैं कि, "हमने 7 साल की क्लासरूम ट्रेनिंग से टॉपर्स बनाए हैं। मतलब ये हुआ कि इन कोचिंग संस्थानों ने बच्चों से उनका बचपन ही छीन लिया है और बचपन को किताबों के बोझ तले दबा दिया है। क्या आप सच में एक 6 वीं क्लास के बच्चे को IIT की रेस में धकेलना चाहते हैं, जबकि वह अभी तक ठीक से पढ़ना सीख ही रहा होता है? क्यों आप उससे उसका बचपन छीनना चाहते हैं?

अपने विज्ञापन में फिर लिखा हम 13 घंटे पढ़ाते हैं

कल्पवृक्ष ने जो विवादित विज्ञापन दिया है, उसमें एक बार फिर 13 घंटे पढ़ाई कराने का उल्लेख किया है। इसी 13 घंटे पढ़ाई करने के दावे को लेकर पूर्व में भी कल्पवृक्ष को शहर के शिक्षाविदों और नामी स्कूलों के प्रिंसीपलों ने आलोचना की थी। उसके बाद एक बार फिर कल्पवृक्ष ने अपने विज्ञापन में 13 घंटे पढ़ाई कराने की बात लिखी है।

the sootr
the sootr


द सूत्र की खबर के बाद विज्ञपन में से हटाए स्कूलों के नाम

कल्पवृक्ष ने जो विज्ञापन हालही में दिए हैं, उनमें बच्चों के फोटो और नाम तो दिए हैं, लेकिन स्कूलों के नाम हटा लिए हैं। इस बार केवल दो साल की क्लासरुम में की गई पढ़ाई का ही उल्लेख किया है। असल में इसके पूर्व में जो कल्पवृक्ष ने विज्ञापन दिए थे। उनमें छात्रों के नाम के साथ शहर के नामचीन स्कूलों के नाम भी छाप दिए थे। इसका खुलासा द दूत्र ने अपनी खबर में प्रमुखता से किया था। उसके बाद शहर के स्कूल मैनेजमेंट ने आपत्ति दर्ज कराई थी और नोटिस देने की बात भी कही थी। उससे कल्पवृक्ष के विजित जैन के होश उड़ गए थे और फिर अब जो विज्ञापन जारी किया है उसमें स्कूलों के नाम हटा दिए गए हैं।

कल्पवृक्ष ने छाप दिए थे इन स्कूलों के नाम

यह खबर भी पढ़ें...एडमिशन स्कूल में, पढाई कोचिंग में, डमी स्कूलों की व्यवस्था ने बढ़ा दिया छोटे बच्चों की कोचिंग का मर्ज

कल्पवृक्ष बताए किन स्कूलों में पढ़ते हैं उसके बच्चे

कल्पवृक्ष की इस गंदी मार्केटिंग से नाराज शहर के ख्यात स्कूलों के मैनेजमेंट ने कोचिंग संस्थान के खिलाफ कड़ा कदम उठाए थे। उनका कहना था कि कोचिंग की इस हरकत से उनके स्कूलों का नाम खराब हो रहा है। पालकों के मन में यह संदेश जा रहा है कि हम कोचिंग संस्थान को प्रमोट कर रहे हैं। स्कूल संचालकों ने यह भी आरोप लगाया है कि खुद कल्पवृक्ष के संचालक बताएं कि अगर बच्चा उनकी कोचिंग में 13 घंटे पढ़ाई कर रहा है तो फिर वह स्कूल की पढ़ाई कब व कैसे कर रहा है। इस विज्ञापन में छपे बच्चे वर्तमान में किन स्कूलों में पढ़ रहे हैं उनके नामाें का खुलासा भी होना चाहिए।

यह खबर भी पढ़ें...इंदौर में कोचिंग और स्कूल माफिया का खेल, मंत्री के करीबी, विधायक के डमी स्कूल

पूर्व में भी रैली निकालकर विवादों में आया था कल्पवृक्ष

कल्पवृक्ष मैनेजमेंट का यह विज्ञापन वॉर का कारनामा नया नहीं है। इसके पूर्व में भी जब आईआईटी–जेईई के रिजल्ट आए थे तब बच्चों को साथ लेकर एक रैली निकाली थी। उस दौरान रैली के जरिए एलन कोचिंग वालों को चिढ़ाने के लिए उसकी बिल्डिंग के सामने काफी देर तक रोका गया था और ढ़ोल–ढमाके भी बजाए गए थे। उस दौरान भी कल्पवृक्ष का यह कारनामा काफी चर्चित रहा था।

यह खबर भी पढ़ें...IIT JEE के बहाने कल्पवृक्ष कोचिंग ने साधा निशाना | 200 करोड़ का बाजार नजर में ?

एलन में फैकल्टी की सैलरी को लेकर पहले से ही है विवाद

एलन कोचिंग क्लास को लेकर सूत्र बताते हैं कि पिछले कुछ समय से यहां पर एडमिशन लेने वाले छात्रों की संख्या में कुछ कमी आई है। मैंनेजमेंट जिस हिसाब से एडमिशन की उम्मीद कर रहा था उसके मुताबिक एडमिशन नहीं हो रहे हैं। इसकी गाज एलन की फैकल्टी पर गिरी है। एलन की फैकल्टी ने ही नाम ना छापने के आग्रह पर बताया है कि फैकल्टी के वेतन और पदोन्नति को यहां से सिलेक्ट होने वाले बच्चों से जोड़ दिया है। जिस फैकल्टी के बच्चे प्रतियोगी परीक्षाओं में ज्यादा सिलेक्ट होंगे। उसको उतना ज्यादा वेतन और प्रमोशन मिलेगा। इसको लेकर भी फैकल्टी और मैनेजमेंट के बीच विवाद चल रहा है।

यह खबर भी पढ़ें...इंदौर के सत्यसांई, DPS, शिशुकुंज, एमराल्ड और चोईथराम स्कूल में क्या डमी पढ़ रहे कल्पवृक्ष कोचिंग के बच्चे?

Tags:
  • इंदौर
  • कोचिंग
  • विज्ञापन
  • प्रतियोगी
  • आईआईटी
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा