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नेपाल में हुए युवाओं के जेन-Z आंदोलन की तरह इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी के आईईटी (इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी) संस्थान में हो रही तैयारी का मामला तूल पकड़ गया है। इस मामले में यूनिवर्सिटी ने थाने पर शिकायत दे दी है। उधर एबीवीपी के ही पदाधिकारी के इसमें इनवाल्व होने के बाद मामले में दबाव-प्रभाव का दौर भी तेज हो चुका है।
उधर एबीवीपी ने इस मामले में विवादों के बाद प्रेस नोट जारी कर कहा कि इसकी निष्पक्ष जांच हो और कसूरवारों पर कार्रवाई की जाए। उधऱ कुलपति डॉ. राकेश सिंघई ने इस आंदोलन की वजह बताई है। उधर आईईटी डायेरक्टर प्रत्योष बंसल विवाद के बाद अजीबोगरीब सफाई दे रहे हैं।
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इंदौर DAVV में नेपाल की तरह जेन-Z आंदोलन की थी तैयारी, एंटी रैगिंग कमेटी की चौंकाने वाली रिपोर्ट
जेन जी आंदोलन इसलिए करना चाहते थे
कुलपति डॉ. राकेश सिंघई ने पहले तो कहा कि इसे नेपाल जैसे जेन जी आंदोलन से जोड़ना ठीक नहीं है, इसकी विस्तृत जांच होना चाहिए, किसी छात्र ने जेन जी शब्द का इस्तेमाल किया है। हाल ही में रैगिंग मामले में कुछ छात्रों पर कार्रवाई की गई थी, कुछ पर दंड लगा, कुछ को होस्टल से बाहर किया गया और सेमेस्टर से डिबार किया गया। इससे उनमें आक्रोश था, ऐसा लगता है कि वह इस तरह वह यूनिवर्सिटी के छात्रों को भड़काना चाहते थे। इसलिए उन्होंने जूनियर को धमकाने का काम किया और यूनिवर्सिटी के बाहर रेस्टारेंट में बुलाकर उन्हें निर्देश दिए गए। उनके ईमेल व टिव्टर एकाउंट बनवाए गए।
आईईटी डायरेक्टर ने एबीवीपी की ओर से दी सफाई
वहीं इस मामले में एबीवीपी से जुड़े अमन पटेल जो आईईटी में थर्ड ईयर छात्र भी है उनकी अहम भूमिका सामने आने के बाद आईईटी के डायरेक्टर प्रत्योष बंसल ने अजीब सफाई दी और कहा कि इस मामले में एबीवीपी का नाम आना गलत है और इसमें एबीवीपी या अन्य किसी छात्र संगठन का कार्यकर्ता नहीं है। एबीवीपी का इसमें कोई लेना-देना नहीं है।
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उधर एबीवीपी ने की कार्रवाई की मांग
वहीं इसमें एबीवीपी इंदौर द्वारा एक पत्र जारी किया गया है। इंदौर महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने कहा कि रैगिंग का मामला काफी गंभीर है और इसमें निष्पक्ष तरीके से जांच होना चाहिए और कसूरवारों पर कार्रवाई भी होना चाहिए। साथ ही इस तरह की घटनाएं ना हो ऐसी व्यवस्था हो और होस्टल की सुरक्षा भी देखी जाना चाहिए। एबीवीपी छात्रहित को सर्वोपरि रखता है।
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एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट में यह है
एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट में है कि संस्थान के सीनियर छात्रों ने फर्स्ट ईयर के स्टूडेंट्स पर दबाव डालकर उनसे फेक आईडी बनवाने, सोशल मीडिया पोस्ट वायरल करने के लिए कहा था। साथ ही कहा था कि नेपाल में हुए जेन-जी स्टाइल प्रोटेस्ट की तर्ज पर विरोध की तैयारी करना है। सभी से कम से कम दो टिव्टर एकउंट बनाने और सभी सीनियर्स के होने वाले मैसेज को रिटिव्ट करने के लिए आदेश दिया गया था। साथ ही चेतावनी थी कि ऐसा नहीं करने पर बाहर करा देंगे। सभी के फेक ई मेल आईडी भी बनवाए गए।
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थाने में यूनिवर्सिटी ने बताया नेपाल जैसा माहौल की कोशिश हुई
वहीं इस मामले में कुलपति ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस मामले में एफआईआर के लिए पुलिस थाने में आवेदन दे दिया है। इसमें एंटी रैगिंग कमेटी की अनुशंसा दी गई है। इसके तहत अमन पटेल पिता अशोक पटेल, आदर्श मकवाना, आदित्य शर्मा, अनुज पटेल व उमंग अग्रवाल पर केस दर्ज करने के लिए कहा गया है। इसके लिए कारण बताया गया है कि रैगिंग की गई, छात्रों को धमकाया गया, फेक जीमेल आईडी व टिव्टर एकाउंट बनाने के लिए मजबूर किया गया, एंटी इस्टेबिलिसमेंट जैसा नेपाल में हुआ माहौल पैदा करने की कोशिश की गई। आईईटी में सीसीटीवी और डीवीआर भी चुराए गए हैं।
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एंटी रैगिंग कनेटी ने यह दी है रिपोर्ट
एंटी रैगिंग कमेटी ने कहा है कि कि IET में मामला सिर्फ रैगिंग का नहीं बल्कि सीनियर्स की संगठित प्लानिंग हो रही है। इसके लिए यह बकायदा नियमित मीटिंग करते थे।
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रेस्टारेंट में हुई मीटिंग में जेन जी आंदोलन की बात
एंटी रैगिंग कमेटी ने बताया कि शिवसागर रेस्टोरेंट में जाने के लिये अमन पटेल का मैसेज आया था। यहां प्रथम वर्ष के छात्रों से उनके पर्सनल जीमेल के अलावा अलग से फेक जीमेल और ट्विटर अकाउंट खुलवाए गए।
- सभी को ज्यादा से ज्यादा फेक आईडी बनाने के लिए कहा और सबको कम से कम दो ट्विटर अकाउंट बनाना है और जो भी हम मैसेज करेंगे उसको ज्यादा से ज्यादा रीट्वीट करना होगा, ऐसा करके हैशटैग को वायरल करना होगा।
- यह भी कहा गया कि जैसा नेपाल में जेन-जी जैसा प्रोटेस्ट हुआ है वैसा ही प्रोटेस्ट यहां भी करना है।
- अमन पटेल के कहने पर प्रथम वर्ष के छात्र विवेक शर्मा ने प्रथम वर्ष के सभी छात्रों के मोबाइल से इस संबंध में किए हुए सभी व्हाटसअप मैसेज भी डिलीट करवाए।
- प्रथम वर्ष के छात्र उमंग अग्रवाल ने फर्स्ट ईयर का ग्रुप भी बनाया था "सीनियर इंट्रोडक्शन" नाम से।
- जांच समिति ने तृतीय वर्ष के छात्र अमन पटेल से भी बात की। अमन पटेल और अन्य प्रथम वर्ष के छात्रों ने माना कि शिवसागर रेस्टोरेंट में प्रथम वर्ष के छात्रों से मीटिंग में अमन पटेल, आदर्श मकवाना, आदित्य शर्मा, सुनील अहिरवार, नमन पांडे, यशच्ची मिश्रा, धवल चौधरी, आदि सहित कई अन्य द्वितीय वर्ष, तृतीय वर्ष और चतुर्थ वर्ष के छात्र भी उपस्थित थे।
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