इंदौर नगर निगम 103 करोड़ घोटाले में ED कोर्ट से अभय राठौर, बड़ेरा की जमानत खारिज
Sanjay Gupta | Aug 19, 2026, 21:03 IST
अभय राठौर
इंदौर नगर निगम के फर्जी बिल से हुए 103 करोड़ के घोटाले में ईडी कोर्ट ने इंजीनियर अभय राठौर और ठेकेदार राहुल बड़ेरा की जमानत खारिज हो गई है। दोनों ने ईडी की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।
समझें क्या है पूरा मामला
- नगर निगम में 103.42 करोड़ रुपए निकालने का आरोप है।
- अभय राठौर और राहुल बड़ेरा ने जमानत मांगी थी।
- विशेष अदालत ने दोनों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
- प्रवर्तन निदेशालय ने आरोपों को गंभीर आर्थिक अपराध बताया।
- मामले में 32 लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत पेश हुई है।
ईडी ने क्या कार्रवाई की
फर्जी बिल घोटाला
कोर्ट में क्या बोले आरोपी
ईडी ने यह बात रखी
क्या है 103 करोड़ का मामला
ईडी का दावा 103.42 करोड़ रुपए की निकासी से जुड़ा है। यह आंकड़ा अभियोजन शिकायत में दर्ज बताया गया है। जांच के अलग चरणों में रकम के आंकड़े अलग रहे। नई अभियोजन शिकायत में 103.42 करोड़ रुपए बताए गए।
एजेंसी के अनुसार कई काम कभी किए ही नहीं गए। कुछ काम पहले ही पूरे हो चुके थे। इसके बावजूद उन्हीं कामों के नाम पर भुगतान हुआ। नगर निगम के खजाने से रकम निकालने का आरोप है।
कैसे शुरू हुई ईडी जांच
ईडी ने जून 2024 में अलग जांच दर्ज की। यह जांच धन शोधन से जुड़े आरोपों पर केंद्रित थी। मामला पीएमएलए (Prevention of Money Laundering Act) के तहत दर्ज हुआ। इसे धन शोधन निवारण अधिनियम भी कहा जाता है।
ईडी ने बैंक खातों और संपत्तियों की जांच शुरू की। कंपनियों के भुगतान रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में आए। एजेंसी ने नगर निगम के दस्तावेज भी जुटाए। इनमें बिल और भुगतान स्वीकृति से जुड़े रिकॉर्ड शामिल थे। डिजिटल दस्तावेजों और बैंक लेनदेन का मिलान किया गया। इसके बाद कई स्थानों पर छापे मारे गए।
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