दिग्विजय सिंह का नाम लिए बिना चिंटू ने समन्वय समिति का वीडियो फेसबुक पर डाला, महापौर बोले दिग्गी पर हो केस
Sanjay Gupta | Sept 29, 2025, 12:10 IST
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पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर कांग्रेस पार्टी में पैदा हुए विवाद और चिंटू चौकसे के फेसबुक पोस्ट के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने दिग्विजय सिंह पर केस की मांग की है।
INDORE. सीतलामाता बाजार को लेकर बीजेपी और विधायक पुत्र एकलव्य गौड़ को घेरने में जुटी कांग्रेस अब अपने घर में ही घिर गई है। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पर पहले तो कांग्रेस नेताओं ने ही जोर लगाया कि उन्हें सीतलामाता बाजार में जाने से रोका गया और जब नहीं रुके तो उनसे शहराध्यक्ष चिंटू चौकसे सहित सभी नेताओं ने दूरी बना ली।
फिर रविवार को हुई जिला स्तरीय समन्वय समिति में चिंटू ने नाम लिए बिना दिग्विजय सिंह के दौरे को लेकर जमकर खरी-खोटी सुना दी। एक तरह से उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं को चुनौती दे मारी। यह सब बंद कमरे में हुआ था लेकिन अब चिंटू चौकसे ने इस बैठक का अपना बोलने वाला वीडियो खुद ही सोशल मीडिया पर डाल दिया।
इंदौर शहर में कोई राष्ट्रीय नेता आए, बड़ा नेता आए, छोटा नेता आए, इंदौर के किसी मुद्दे को लेकर यदि कोई चर्चा करना है, किस मूवमेंट में हमें क्या एक्शन लेना है, किस जगह लेना है, किस तरह से लेना है, यह पहले तय होना चाहिए। (इसी बीच सज्जन सिंह वर्मा भी इसे जरूरी बताते हैं)।
फिर चिंटू कहते हैं- यह बहुत आवश्यक है कि इंदौर की क्या स्थिति है, कोई भी नेता आए और कहे कि यहां चलना, वहां चलना, यह करूंगा वह करूंगा। पहले शहर कांग्रेस से संबंधित विधानसभा प्रभारी से हम चर्चा करेंगे और इसके बाद ही उसे आगे बढ़ाएंगे। ना कि मेरी इच्छा हुई कि मुझे राजबाड़ा जाना है, मुझे परदेशीपुरा जाना है, तो मैं जाऊंगा। हमें लोकल स्थिति समझनी होगी, इस पर विचार होना चाहिए, यह गंभीर विषय है, इस पर विचार होना चाहिए।
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संगठन के लिए आवश्यक है कि बड़े नेता हो या छोटे नेता या कार्यकर्ता अगर किसी विषय/मुद्दे पर कोई भी स्टैंड लेना है तो संगठन की सहमति लेना जरूरी है। संगठन आवश्यक है, संगठन को मजबूत करने के लिए यही हम सबकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
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Chintu Choukse
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चिंटू को शहराध्यक्ष बनवाने में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारीकी अहम भूमिका रही है। अब इस पूरे मामले में पटवारी और चिंटू की राह दिग्गी से पूरी अलग दिख रही है और दूरी भी। दिग्विजय सिंह के कार्यक्रम की भनक लगते ही पटवारी और सज्जन सिंह वर्मा एक दिन पहले ही शुक्रवार शाम को संभागायुक्त से मिल आए। यह मुद्दा उठाते हुए एकलव्य गौड़ पर केस दर्ज करने की मांग की।
इसके बाद कोई भी नेता शनिवार को दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के साथ नहीं गया। उधर, चिंटू (Chintu Choukse) अपने करीबी मित्र राजू भदौरिया को डांट पड़ने से भी दिग्गी से नाराज है और उन्होंने यह तल्खी बिना उनका नाम लिए ही पहले शनिवार को कार्यक्रम से दूरी बनाकर और फिर रविवार को बैठक में खुलकर बोलकर दिखा दी।
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इधर
उधर इस मामले में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव ने भी बिना किसी का नाम लिए हुए प्रदेश कांग्रेस को नसीहत दे दी है। इसमें इंदौर कांग्रेस ही पर्दे के पीछे निशाना रही। उन्होंने जो ट्वीट किया, उसे बाद में दिग्गी ने भी रिट्वीट किया। यादव ने कहा कि- पार्टी एवं पार्टी की विचारधारा के लिए वैचारिक और सतही संघर्ष आज समय की मांग है, सिर्फ भाषणों एवं बयानों से जहरीली विचारधाराओं से संघर्ष कर पाना नामुमकिन है, सभी को साथ रखकर अपनी विचारधारा को लेकर समन्वय और एकजुटता से हम संघर्ष करेंगे, तभी प्रदेश में हमारी सरकार बनाने का सपना साकार होगा। जिस साहस और ईमानदारी के साथ हमारे नेता श्री राहुल गांधी जी संघर्ष कर रहे हैं, उसका एक प्रतिशत भी मध्यप्रदेश में हम अंगीकार कर लें तो संघर्ष की राह आसान हो जाएगी।
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इस पूरे मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव का भी बयान आया है। उन्होंने सोमवार को कहा कि- दिग्गी और कांग्रेस के गर्त में जाने का कारण है मुस्लिम तुष्टीकरण। किसी ने लव जिहाद का प्रश्न उठाया है और समाज साथ में है तो वहां (सीतलामाता बाजार) जाने की जरूरत ही नहीं थी।
वह इंदौर के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने के लिए गए थे। मैं तो कहूंगा कि वैमनस्यता फैलाने के लिए दिग्विजय सिंह पर केस होना चाहिए। सज्जन सिंह वर्मा कहते हैं कि कांग्रेस जब अपने पर आएगी, तो विधायक पुत्र, विधायक भागते नजर आएंगे। यह नवजवानों की टोली है, जिसने कांग्रेस को मध्यप्रदेश से भगा दिया है, वह तो खुद ही चुनाव लड़ने के लिए इंदौर से बाहर भागते रहते हैं।
फिर रविवार को हुई जिला स्तरीय समन्वय समिति में चिंटू ने नाम लिए बिना दिग्विजय सिंह के दौरे को लेकर जमकर खरी-खोटी सुना दी। एक तरह से उन्होंने सभी वरिष्ठ नेताओं को चुनौती दे मारी। यह सब बंद कमरे में हुआ था लेकिन अब चिंटू चौकसे ने इस बैठक का अपना बोलने वाला वीडियो खुद ही सोशल मीडिया पर डाल दिया।
वीडियो में यह बोल रहे हैं चिंटू चौकसे
फिर चिंटू कहते हैं- यह बहुत आवश्यक है कि इंदौर की क्या स्थिति है, कोई भी नेता आए और कहे कि यहां चलना, वहां चलना, यह करूंगा वह करूंगा। पहले शहर कांग्रेस से संबंधित विधानसभा प्रभारी से हम चर्चा करेंगे और इसके बाद ही उसे आगे बढ़ाएंगे। ना कि मेरी इच्छा हुई कि मुझे राजबाड़ा जाना है, मुझे परदेशीपुरा जाना है, तो मैं जाऊंगा। हमें लोकल स्थिति समझनी होगी, इस पर विचार होना चाहिए, यह गंभीर विषय है, इस पर विचार होना चाहिए।
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वीडियो के साथ यह संदेश भी चिंटू ने सीधे लिखा-
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Chintu Choukse
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प्रदेश कांग्रेस पटवारी और चिंटू दोनों की दिग्गी से दूरी
इसके बाद कोई भी नेता शनिवार को दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के साथ नहीं गया। उधर, चिंटू (Chintu Choukse) अपने करीबी मित्र राजू भदौरिया को डांट पड़ने से भी दिग्गी से नाराज है और उन्होंने यह तल्खी बिना उनका नाम लिए ही पहले शनिवार को कार्यक्रम से दूरी बनाकर और फिर रविवार को बैठक में खुलकर बोलकर दिखा दी।
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इधर अरुण यादव ने किया ट्वीट, दिग्गी का रिट्वीट
पार्टी एवं पार्टी की विचारधारा के लिए वैचारिक और सतही संघर्ष आज समय की मांग है सिर्फ भाषणों एवं बयानों से जहरीली विचारधाराओं से संघर्ष कर पाना नामुमकिन है, सभी को साथ रख कर अपनी विचारधारा को लेकर समन्वय और एकजुटता से हम संघर्ष करेंगे, तभी प्रदेश में हमारी सरकार बनाने का सपना…
— Arun Subhashchandra Yadav (@MPArunYadav) September 28, 2025
इधर महापौर बोले, दिग्गी पर केस हो
वह इंदौर के शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने के लिए गए थे। मैं तो कहूंगा कि वैमनस्यता फैलाने के लिए दिग्विजय सिंह पर केस होना चाहिए। सज्जन सिंह वर्मा कहते हैं कि कांग्रेस जब अपने पर आएगी, तो विधायक पुत्र, विधायक भागते नजर आएंगे। यह नवजवानों की टोली है, जिसने कांग्रेस को मध्यप्रदेश से भगा दिया है, वह तो खुद ही चुनाव लड़ने के लिए इंदौर से बाहर भागते रहते हैं।
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