कट गया इंदौर सांसद शंकर लालवानी का टिकट, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने किया खुलासा, पीएम चाहते हैं महिला सांसद
Pratibha Rana | Mar 06, 2024, 14:13 IST
कैलाश विजयवर्गीय
इंदौर में 35 साल से बीजेपी के पास ही सांसद सीट है। इसमें 30 साल 1989 से 2019 तक तो सुमित्रा महाजन ही लगातार आठ बार चुनाव जीतीं और सांसद व फिर स्पीकर तक बनीं। साल 2019 में शंकर लालवानी को टिकट मिला और चुनाव जीता।
संजय गुप्ता @ INDORE
इंदौर से लोकसभा सीट के लिए सांसद शंकर लालवानी ( MP Shankar Lalwani ) का टिकट कट गया है। यह खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ही किया है। मंगलवार को शक्ति वंदन अभियान कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने हंसते हुए कहा कि मुझे तो उड़ते-उड़ते हुए खबर यह भी मिली है कि शंकर लालवानी का टिकट इसलिए कटा, क्योंकि किसी महिला को टिकट देना है। ऐसा उड़ते- उड़ते हुए खबर मिली है, पता नहीं मुझे। महिला सासंद होना चाहिए। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि किसी महिला को लड़ाओ और सेफ सीट से लड़ाओ।
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हंसी-मजाक के मूड में नजर आए विजयवर्गीय ने फिर पूछा कि कौन महिला लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि कविता यादव जी। वहीं हॉल में बैठी सभी महिलाओं ने कहा कि हम लड़ना चाहते हैं। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि सभी महिलाएं चुनाव लड़ना चाहती है, यह सभी विधानसभा और लोकसभा लडेंगी तो हम क्या करेंगे? जयपाल चावड़ा जी सोचिए, आप क्या करेंगे। आपने तो आईडीए छोड़ दिया, कुकिंग क्लास ज्वाइन करें अब।
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इंदौर में 35 साल से बीजेपी के पास ही सांसद सीट है। इसमें 30 साल 1989 से 2019 तक तो सुमित्रा महाजन ही लगातार आठ बार चुनाव जीती और सांसद व फिर स्पीकर तक बनी। साल 2019 में शंकर लालवानी को टिकट मिला और चुनाव जीता। यह मप्र में सबसे सुरक्षित सीट बीजेपी के लिए मानी जाती है।
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सांई यानि शंकर लालवानी और भाई यानि कैलाश विजयवर्गीय के बीच में खासा तालमेल कभी नहीं रहा। खासकर जिस तरह लालवानी, तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान के करीबी रहे और विजयवर्गीय उस दौर में अलग रहे, उसने दोनों के बीच में दूरियां ही रखी। चौहान के समय लालवानी को खासी तवज्जो मिली। ताई यानि महाजन के हटने के बाद उनका गुट साइड हो गया और फिर लालवानी का एक तरह से सांई गुट तैयार होने लगा था, जो भाई गुट के समर्थकों को अलग रख रहा था। इसी के चलते संबंधों में खटास बनी रही।
बीजेपी ने हाल ही में 195 टिकट की सूची जारी की थी, इसमें मप्र की 29 में से 25 जारी की लेकिन पांच सीट होल्ड कर दी, इसमें इंदौर भी एक है। बाकी उज्जैन, बालाघाट, छिंदवाड़ा और धार है। इस सीट के होल्ड होने के बाद ही यह बात चल रही है कि यहां से टिकट कटेगा और किसी अन्य को दिया जाएगा। इसमें मुख्य तौर पर महिला दावेदारों की ही बात चल रही है। अब विजयवर्गीय के बोलने के बाद इस बात में और दम नजर आया है।
इंदौर से लोकसभा सीट के लिए सांसद शंकर लालवानी ( MP Shankar Lalwani ) का टिकट कट गया है। यह खुलासा किसी और ने नहीं बल्कि खुद नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ही किया है। मंगलवार को शक्ति वंदन अभियान कार्यक्रम के दौरान विजयवर्गीय ने हंसते हुए कहा कि मुझे तो उड़ते-उड़ते हुए खबर यह भी मिली है कि शंकर लालवानी का टिकट इसलिए कटा, क्योंकि किसी महिला को टिकट देना है। ऐसा उड़ते- उड़ते हुए खबर मिली है, पता नहीं मुझे। महिला सासंद होना चाहिए। प्रधानमंत्री जी ने कहा कि किसी महिला को लड़ाओ और सेफ सीट से लड़ाओ।
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चावडा जी आप कुकिंग क्लास ज्वाइन करो
हंसी-मजाक के मूड में नजर आए विजयवर्गीय ने फिर पूछा कि कौन महिला लोकसभा चुनाव लड़ना चाहती है। इस दौरान महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि कविता यादव जी। वहीं हॉल में बैठी सभी महिलाओं ने कहा कि हम लड़ना चाहते हैं। इस पर विजयवर्गीय ने कहा कि सभी महिलाएं चुनाव लड़ना चाहती है, यह सभी विधानसभा और लोकसभा लडेंगी तो हम क्या करेंगे? जयपाल चावड़ा जी सोचिए, आप क्या करेंगे। आपने तो आईडीए छोड़ दिया, कुकिंग क्लास ज्वाइन करें अब।
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30 साल महिला सांसद ही रही इंदौर में
इंदौर में 35 साल से बीजेपी के पास ही सांसद सीट है। इसमें 30 साल 1989 से 2019 तक तो सुमित्रा महाजन ही लगातार आठ बार चुनाव जीती और सांसद व फिर स्पीकर तक बनी। साल 2019 में शंकर लालवानी को टिकट मिला और चुनाव जीता। यह मप्र में सबसे सुरक्षित सीट बीजेपी के लिए मानी जाती है।
ये खबर भी पढ़िए...One Nation One Election विधि आयोग की सिफारिशें बढ़ाएंगी राजनीतिक हलचल
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सांई और भाई में अच्छा नहीं है तालमेल
सांई यानि शंकर लालवानी और भाई यानि कैलाश विजयवर्गीय के बीच में खासा तालमेल कभी नहीं रहा। खासकर जिस तरह लालवानी, तत्कालीन सीएम शिवराज सिंह चौहान के करीबी रहे और विजयवर्गीय उस दौर में अलग रहे, उसने दोनों के बीच में दूरियां ही रखी। चौहान के समय लालवानी को खासी तवज्जो मिली। ताई यानि महाजन के हटने के बाद उनका गुट साइड हो गया और फिर लालवानी का एक तरह से सांई गुट तैयार होने लगा था, जो भाई गुट के समर्थकों को अलग रख रहा था। इसी के चलते संबंधों में खटास बनी रही।
पहले दौर में सीट होल्ड हुई इंदौर की
बीजेपी ने हाल ही में 195 टिकट की सूची जारी की थी, इसमें मप्र की 29 में से 25 जारी की लेकिन पांच सीट होल्ड कर दी, इसमें इंदौर भी एक है। बाकी उज्जैन, बालाघाट, छिंदवाड़ा और धार है। इस सीट के होल्ड होने के बाद ही यह बात चल रही है कि यहां से टिकट कटेगा और किसी अन्य को दिया जाएगा। इसमें मुख्य तौर पर महिला दावेदारों की ही बात चल रही है। अब विजयवर्गीय के बोलने के बाद इस बात में और दम नजर आया है।
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