इंदौर नगर निगम में सरकार ने फिर IAS पर जताया भरोसा, सिसोनिया को हटाकर आकाश सिंह, प्रखर और पाठक आए
Sanjay Gupta | Jan 02, 2026, 17:05 IST
Bhagirathapura incident
भागीरथपुरा कांड के बाद इंदौर नगर निगम में तीन नए IAS अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। सिसोनिया को हटाकर आकाश सिंह, प्रखर सिंह और आशीष पाठक को जिम्मेदारी दी गई।
Indore. इंदौर के भागीरथपुरा कांड में 15 मौत के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने बड़ों को भी रडार पर लिया है। अपर आयुक्त आईएएस रोहित सिसोनिया को हटाने के आदेश दिए थे। वहीं अब मप्र शासन ने तीन अपर आयुक्तों की भी नियुक्ति के आदेश दिए हैं। सीएस अनुराग जैन की पसंद आईएएस अधिकारियों की ही तरजीह दी गई है। तीनों अधिकारी आईएएस है। नए पदस्थ तीन आईएएस अधिकारियों में दो डायरेक्ट है तो वहीं पाठक प्रमोटी आईएएस है।
सीईओ खरगोन 2019 बैच के आईएएस आकाश सिंह को अपर आयुक्त इंदौर नगर निगम किया है।
सीईओ अलीराजपुर 2020 बैच के आईएएस प्रखर सिंह को अपर आयुक्त इंदौर निगम पदस्थ किया है।
उप परिवहन आयुक्त इंदौर 2020 बैच के आशीष पाठक को भी अपर आयुक्त इंदौर निगम किया है।
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अपर आयुक्त निगम के पद से रोहित सिसोनिया को हटाया गया। उन्हें अब उप सचिव, मप्र शासन, किसान कल्याण व कृषि विकास विभाग में पदस्थ किया गया है।
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सीएम मोहन यादव ने ट्वीट करके सुबह ही कहा कि- आज सुबह मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों के साथ इंदौर के दूषित पेयजल प्रकरण में राज्य शासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की। आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर भी चर्चा की।
इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने का आदेश दिया गया। प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य का प्रभार वापस लिया जाएगा। नगर निगम में आवश्यक पदों पर तुरंत भर्ती के निर्देश भी दिए गए।
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इस मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने रोहित सिसोनिया को घेरा था। उन्होंने लगातार कहा था कि एक ही चेहते व्यक्ति को निगमायुक्त ने सारे काम दे रखे हैं। इसके चलते सारे काम ठप हो गए हैं। अधिकारियों की कमी से ज्यादा सही तरीके से कार्य विभाजन की बात है, जो नहीं की गई है।
इसके बाद एसीएस ने एक दिन इंदौर में रहकर सभी हालातों को समझा और फिर सीएम को रिपोर्ट दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सीएम ने यह निर्देश दिए हैं। जल्द ही दो-तीन नए अधिकारियों की नियुक्ति इंदौर में होगी। श्रीवास्तव भी साल 2007-08 से प्रतिनियुक्ति पर इंदौर नगर निगम में जल प्रदाय शाखा देख रहे हैं। केवल बीच में तीन-चार माह के लिए हटे थे बाकी फिर वहीं जमा हो गए थे।
वहीं सीएम ने सभी नगर निगम को लेकर जरूरी बैठक बुलाई है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल से हुई घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की गई। प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं।
सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष, आयुक्त, जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और अन्य अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
वहीं इन नियुक्ति से भी प्रशासनिक गलियारों में चर्चा चल पड़ी है तो इन गैर अनुभवी आईएस क्या नगर निगम इंदौर को संभाल सकेंगे। इन्हें इंदौर में काम करने का भी अनुभव नहीं है। वहीं इसमें आईएएस आकाश सिंह की सेवाओं को केवल 6 साल हुए हैं। वहीं प्रखर सिंह की सेवा को पांच साल हुए हैं। इसमें प्रमोटी पाठक ही जो SAS से पदोन्नत होने के कारण अनुभवी है।
ऐसे में यह डायरेक्ट आईएएस क्या शहर में सीवेरज, ड्रेनेज लाइन में झांककर देखेंगे। क्या पेयजल की लाइन के गड्ढों में भी झाकेंगे, इसे लेकर शंकाएं हैं। इसके पहले जो आईएएस थे वह सीनियर थे जैसे सिद्धार्थ जैन 2016 बैच के थे। अभिलाष मिश्रा इंदौर में पहले भी रह चुके थे। वह 2017 बैच के थे, लेकिन अब जूनियर, कम अनुभवी आईएएस है। इसमें प्रखर सिंह तो खजुराहो में एक जमीन के राजस्व रिकार्ड को लेकर विवादों में आ चुके हैं। वह जमीन वन विभाग के दावे की थी।
इस मामले में द सूत्र ने स्पष्ट किया था कि वही पुराना खेल खेला जा रहा है। छोटे कर्मियों पर कार्रवाई हो रही है, लेकिन बड़े अधिकारियों को बचाया जा रहा है। अपर आयुक्त रोहित सिसोनिया की लापरवाही, फाइल दबाए रखने और अन्य मनमानी को सबसे पहले उजागर किया था।
इनकी हुई नियुक्ति
सीईओ अलीराजपुर 2020 बैच के आईएएस प्रखर सिंह को अपर आयुक्त इंदौर निगम पदस्थ किया है।
उप परिवहन आयुक्त इंदौर 2020 बैच के आशीष पाठक को भी अपर आयुक्त इंदौर निगम किया है।
इंदौर में दूषित पेयजल प्रदाय से हुई दुखद घटना के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई करने के उपरांत प्रदेश के अन्य स्थानों के लिए भी हम सुधारात्मक कदम उठा रहे हैं। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम बनाने के निर्देश दिए हैं।
इस दृष्टि से सभी 16 नगर…
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 2, 2026
सिसोनिया को भोपाल भेजा
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सीएम ने दिए थे आदेश
इंदौर नगर निगम आयुक्त और अपर आयुक्त को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। अपर आयुक्त को तत्काल इंदौर से हटाने का आदेश दिया गया। प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण कार्य का प्रभार वापस लिया जाएगा। नगर निगम में आवश्यक पदों पर तुरंत भर्ती के निर्देश भी दिए गए।
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महापौर ने घेरा था सिसोनिया को
इसके बाद एसीएस ने एक दिन इंदौर में रहकर सभी हालातों को समझा और फिर सीएम को रिपोर्ट दी। इसी रिपोर्ट के आधार पर सीएम ने यह निर्देश दिए हैं। जल्द ही दो-तीन नए अधिकारियों की नियुक्ति इंदौर में होगी। श्रीवास्तव भी साल 2007-08 से प्रतिनियुक्ति पर इंदौर नगर निगम में जल प्रदाय शाखा देख रहे हैं। केवल बीच में तीन-चार माह के लिए हटे थे बाकी फिर वहीं जमा हो गए थे।
सीएम ने बुलाई सभी निगमों की बैठक
सभी 16 नगर निगमों के महापौर, अध्यक्ष, आयुक्त, जिला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग, नगरीय विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग और अन्य अधिकारियों की आज सायं वर्चुअल बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में प्रदेश की समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
नए आईएएस से क्या होगा ?
ऐसे में यह डायरेक्ट आईएएस क्या शहर में सीवेरज, ड्रेनेज लाइन में झांककर देखेंगे। क्या पेयजल की लाइन के गड्ढों में भी झाकेंगे, इसे लेकर शंकाएं हैं। इसके पहले जो आईएएस थे वह सीनियर थे जैसे सिद्धार्थ जैन 2016 बैच के थे। अभिलाष मिश्रा इंदौर में पहले भी रह चुके थे। वह 2017 बैच के थे, लेकिन अब जूनियर, कम अनुभवी आईएएस है। इसमें प्रखर सिंह तो खजुराहो में एक जमीन के राजस्व रिकार्ड को लेकर विवादों में आ चुके हैं। वह जमीन वन विभाग के दावे की थी।
द सूत्र ने दिखाई थी लापरवाही हकीकत
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