इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार की ईडी में एक करोड़ की संपत्ति अटैच

इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार की संपत्ति पर ईडी ने 1.06 करोड़ की कार्रवाई की। उन पर भ्रष्टाचार और मनी लाउंड्रिंग का आरोप है।

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Sanjay Gupta
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Assets worth Rs 1 crore attached in ED of Assistant Revenue Officer Rajesh Parmar

Photograph: (the sootr)

INDORE. इंदौर नगर निगम के सहायक राजस्व अधिकारी राजेश परमार पर ईओडब्ल्यू के बाद अब ईडी (ED) इंदौर का भी एक्शन हो गया है। ईडी ने परमार की एक करोड़ 6 लाख की संपत्ति को अटैच किया है। उन पर भ्रष्टाचार कर आय से अधिक कमाई के आरोप है। 

ईडी ने यह बताया

ईडी ने बताया कि इंदौर के सब रीजनल कार्यालय ने यह एक्शन लिया गया है। मनी लाण्ड्रिंग एक्ट के तहत परमार पर यह केस दर्ज किया गया था। परमार और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज 1.06 करोड़ की अचल संपत्ति अटैच की है। इसमे एक मकान, एक भूखंड, एक फ्लैट और कृषि भूमि शामिल है।

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ईओडब्ल्यू ने एक साल पहले किया था केस

ई़ओडब्ल्यू इंदौर ने एक साल पहले फरवरी 2025 में परमार पर भ्रष्टाचार निवारण एक्ट के तहत केस किया था। इसी एफआईआर के आधार पर ईडी ने केस मनी लाण्ड्रिंग के तहत लिया और कार्रवाई की। आरोप है कि साल 2007 से 2022 के बीच में 1.66 करोड़ की आय अर्जित की गई जो उनकी विधिक आय से 175 फीसदी से अधिक है। इस कमाई का उपयोग संपत्ति खरीदी में किया गया। 

ईओडब्ल्यू की जांच में यह आया था

परमार नगर निगम में बेलदार (मजदूर) में भर्ती होकर सहायक राजस्व अधिकारी बन थे। ईओडब्ल्यू को छापे में कैश, बैंक खाते, लॉकर सहित सोने-चांदी के जेवर मिले थे। लॉकर में 16 लाख रुपए के सोने और 25 हजार रुपए के चांदी के गहने मिले थे।  परमार नगर निगम के जोन-16 में एआरओ के पद पर थे।

आरोप है कि वह संपत्ति कर की बकाया राशि को कम दिखाकर बकाया खाता शून्य कर देते थे और इसके बदले कमाई करते थे। वेतन के अनुसार परमार की कुल कमाई 40 लाख रुपए ही होती है।

विदेश यात्राएं की, फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर भी रह चुके

जांच में खुलासा हुआ था कि परमार ने सरकारी नौकरी में रहते हुए पांच बार विदेश यात्रा की है। वो पहले फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर भी रह चुके हैं। वार्ड-39 की कांग्रेस पार्षद रुबीना खान ने 20 अक्टूबर 2024 को परमार के खिलाफ निगमायुक्त से शिकायत की थी। रुबीना के आरोप थे कि वह दरोगा है, लेकिन प्रभारी एआरओ बन गया है। वह लगातार भ्रष्टाचार कर रहे हैं।

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