इंदौर नायब तहसीलदार, पटवारी, मध्यस्थ ने मांगी 50 लाख की रिश्वत, कलेक्टोरेट में खुल्ला खेल

Sanjay Gupta | May 04, 2025, 12:25 IST
Share
indore collectorate
indore collectorate

इंदौर कलेक्टोरेट में रिश्वत का खुला खेल उजागर हुआ है। मल्हारगंज के नायब तहसीलदार नागेंद्र त्रिपाठी, विवादित परीक्षा से चयनित पटवारी ओम त्रिपेश और उनके मध्यस्थ शान पटेल ने मिलकर फौती नामांतरण के एक केस में 50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी।

इंदौर कलेक्टोरेट में रिश्वत का खुल्ला खेल सामने आया है। द सूत्र को मिली विश्वनीय सूत्रों की खबर के अनुसार इंदौर में नायब तहसीलदार और पटवारी के गठजोड़ के साथ मध्यस्थ के बने गठबंधन ने एक-दो लाख नहीं पूरे 50 लाख की रिश्वत मांगी। वह भी केवल फौती नामांतरण केस के लिए। पटवारी सस्पेंड हो चुके हैं और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी हो चुका है।

यह है अधिकारी और यह हुआ कांड़

यह कांड किया है इंदौर मल्हारगंज के नायब तहसीलदार नागेंद्र त्रिपाठी ने और साथ ही विवादित पटवारी परीक्षा में पास होकर पटवारी बने ओम त्रिपेश ने। इनके साथ त्रिपाठी का मध्यस्थ शान पटेल भी है। इन तीनो ने मिलकर रिश्वत की मांग की थी।

रिश्वत में किसका कितना हिस्सा

इस मामले में रिश्वत की राशि में से 10 लाख पटवारी को मिलना थे बाकी त्रिपाठी रखते और इसमें से कुछ हिस्सा मध्यस्थ को दिया जाता। यह मध्यस्थ नया नहीं है यह लगातार त्रिपाठी के चेंबर में ही बैठकर पूरी डील किया करता था। इस मामले में बताया जाता है कि पुख्त सबूत, आड़ियो भी उच्च अधिकारियों को मिल चुके हैं। इसके आधार पर ही पटवारी को सस्पेंड किया गया और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी हो चुके हैं।
यह भी पढे़,,,मथुरा में रोड एक्सीडेंट में इंदौर के तीन सगे भाईयों की मौत, रिश्तेदार की शादी में गए थे

आप तो साहब से मिल लो, मेरा हिस्सा मुझे दे दो

फरियादी को फौती नामांतरण कराना था लेकिन इसमें कुछ तकनीकी बाधा थी। इस मामले में मध्यस्थ ने पहले फरियादी के अधिवक्ता राहुल दवे से बात की और रिश्वत मांगी, जिसे उन्होंने सिरे से मना कर दिया। इसके बाद त्रिपाठी ने मध्यस्थ शान पटेल से कहा कि सीधे पार्टी से बात करो, इसके बाद पटवारी और मध्यस्थ ने पार्टी यानी पक्षकार को घेरा। फिर एक-दो मुलाकात की और फोन पर बात की।

इसके बाद पक्षकार ने भी इस राशि पर आपत्ति ली और मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंच गया। इसमें सभी को बुलाकार मामले की जानकारी ली और इसमें मामला नायब तहसीलदार से डिमांड का निकला, जिसमें सभी का हिस्सा था। यह भी सामने आया कि मध्यस्थ के जरिए त्रिपाठी लगातार कलेक्टोरेट में रिश्वत की डील कर रहे थे।

यह भी पढ़ें..इंदौर ACP क्राइम सौम्या अग्रवाल के कारण हो गई एजी आफिस की जांच, फिर खुला झूठ

द सूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट के साथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें


इंदौर में नायब तहसीलदार पटवारी की शिकायत | इंदौर कलेक्टोरेट बाबू | पटवारी तहसीलदार रिश्वत | MP Newspatwari bribe case | Indore Naib Tehsildar

Tags:
  • MP News
  • Indore
  • इंदौर कलेक्टोरेट
  • इंदौर में नायब तहसीलदार पटवारी की शिकायत
  • इंदौर कलेक्टोरेट बाबू
  • पटवारी तहसीलदार रिश्वत
  • तहसीलदार
  • patwari bribe case
  • Indore Naib Tehsildar
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा