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Photograph: (the sootr)
Ashoknagar. मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जिले की चंदेरी तहसील के ग्राम कड़राना में मौत का सामान बन रहा था। इंदौर नारकोटिक्स विंग ने छापा मारकर एक अवैध एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
नारकोटिक्स टीम ने मौके से सवा किलो तैयार सॉलिड एमडी ड्रग्स जब्त की। इसके साथ ही ढाई किलो लिक्विड एमडी ड्रग्स भी बरामद की गई है। पुलिस को वहां से 45 किलो ऐसा केमिकल मिला जिससे ड्रग्स बनती थी। यह पूरा खेल एक शांत गांव के साधारण से घर में चल रहा था।
कर्ज के दलदल से ड्रग्स के कारोबार तक का सफर
इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड प्रियांशु जैन और राघवेंद्र सिंह पंवार बताए जा रहे हैं। प्रियांशु पहले गेहूं का सॉल्वेंट प्लांट और मैदा बनाने की फैक्ट्री चलाता था। व्यापार में बड़ा घाटा होने के कारण वह काफी कर्ज में डूब गया था। उसने जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में इंटरनेट का सहारा लेना शुरू किया।
प्रियांशु ने इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए एमडी ड्रग्स बनाने का तरीका सीखा। उसने इंदौर से कच्चा केमिकल खरीदा और गांव में लैब सेटअप कर ली। राघवेंद्र सिंह ने अपने घर में लैब बनाने के लिए जगह मुहैया कराई थी। दोनों मिलकर बड़े पैमाने पर जहर बनाने की तैयारी में जुटे हुए थे।
पिस्तौल, कारतूस और लग्जरी कार भी जब्त
नारकोटिक्स विंग के डीआईजी महेश चंद्र जैन ने बताया कि टीम काफी सतर्क थी। पुलिस ने मौके से एक होंडा कार और दो महंगे मोबाइल फोन जब्त किए। आरोपियों के पास से एक लाइसेंसी पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस भी मिले हैं।
पुलिस को अंदेशा है कि यह माल केवल लोकल सप्लाई के लिए नहीं था। आरोपियों के तार दूसरे राज्यों और बड़े शहरों के तस्करों से जुड़े हो सकते हैं। जब्त की गई ड्रग्स और केमिकल की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों में है। पुलिस अब उनके मोबाइल कॉल डिटेल्स और व्हाट्सएप चैट खंगाल रही है।
नारकोटिक्स विंग की प्लानिंग ने किया खेल खत्म
नारकोटिक्स विभाग इंदौर को काफी समय से अवैध सप्लाई की इनपुट मिल रही थी। टीम ने पूरी योजना बनाई और कड़राना गांव में राघवेंद्र के ठिकाने पर छापा मारा। वहां का नजारा देखकर पुलिस अधिकारी भी हैरान रह गए क्योंकि लैब आधुनिक थी। ड्रग्स बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कई बड़े उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन की ड्रग्स के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति का यह असर है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इंदौर से केमिकल किसने सप्लाई किया। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में कई बड़े सफेदपोशों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल दोनों आरोपी पुलिस की रिमांड पर हैं और जांच जारी है।
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