इंदौर का सराफा चौपाटी विवाद: पारंपरिक 69 दुकानों की सूची जारी, व्यापारी आपस में भिड़े

इंदौर के सराफा चौपाटी में पारंपरिक दुकानों की सूची जारी होते ही दुकानदार आपस में भिड़ गए। नगर निगम की टीम द्वारा जारी 69 दुकानों की सूची पर विवाद हुआ। कई दुकानदारों ने लिस्ट में से बिना कारण नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।

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Rahul Dave
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Photograph: (The Sootr)

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Indore. प्रसिद्ध सराफा चौपाटी में गुरुवार देर रात उस समय हंगामा हो गया, जब नगर निगम की टीम ने यहां पारंपरिक 69 दुकानों की सूची सार्वजनिक की। सूची जारी होते ही दुकानदार आपस में भिड़ गए।

कइयों का कहना था कि मेरा नाम किसने हटाया। वहीं, कई ने कहा कि मेरी दुकान पारंपरिक है। निगम का अमला जब कार्रवाई के लिए पहुंचा, तो कुछ दुकानदार आपस में ही भिड़ गए। वहीं, कुछ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। 

इंदौर सराफा बाजार में गुरुवार को टीम के पहुंचते ही सूची में शामिल नहीं दुकानदार विरोध करने लगे। दुकानदारों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना कारण बाहर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई अनाधिकृत दुकानें वर्षों से चल रही हैं।

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अध्यक्ष पद को लेकर भी उठा सवाल

विरोध के दौरान कई ने आरोप लगाया कि राम गुप्ता के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि राम गुप्ता अध्यक्ष नहीं हैं, यह गलत जानकारी दी जा रही है।

रास्ता रोककर बैठ गए व्यापारी

इस दौरान प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया। विरोध करने वाले दुकानदार चौपाटी के मुख्य मार्ग पर ही बैठ गए। वे ठेलों को अंदर जाने से रोकने लगे। इससे चौपाटी के भीतर जाने की कोशिश कर रहे अन्य व्यापारियों की गाड़ियां भी रोक दी गईं।

नारे लगाए, नाराजगी जताई

लोगों ने जय जय सियाराम के नारे लगाते हुए अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारी व्यापारियों का कहना था कि उनका हक छीना जा रहा है और निगम मनमानी कर रहा है।

नई नीति के नाम पर हटाने की कोशिश

जिन दुकानदारों की दुकानें सूची में शामिल नहीं थीं, उन्होंने जोरदार नाराजगी जताई। उनका कहना था कि वर्षों से वे यहां व्यापार कर रहे हैं। नई नीति के नाम पर उन्हें अचानक हटाने की कोशिश की जा रही है। कई व्यापारियों ने आरोप लगाया कि सूची बनाने में पारदर्शिता नहीं रखी गई है। कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है।

अनाधिकृत दुकानें हटेंगी, मिलेगी शिफ्टिंग

इस पूरे विवाद के बीच इंदौर महापौर ने कहा कि केवल परंपरागत दुकानों को अनुमति दी जाएगी, अनाधिकृत दुकानों को हटाया जाएगा। अनाधिकृत दुकानदारों को वैकल्पिक स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। सराफा चौपाटी की परंपरा बनाए रखी जाएगी।

नाराजगी बरकरार

रात तक पुलिस और निगम अधिकारियों की मौजूदगी में स्थिति को नियंत्रित तो कर लिया गया। लेकिन, दुकानदारों में नाराजगी अभी भी बनी हुई है। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके मुद्दों का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे।

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