बीमा कंपनी ने इलाज खर्च का पैसा देने से मना किया, अब देना पड़ेंगे 2.58 लाख रुपए
Jitendra Shrivastava | May 29, 2025, 22:22 IST
Photograph: (THESOOTR)
कई बार बीमा कंपनियां बहाने बनाकर क्लेम देने से इंकार कर देती हैं। ऐसा ही एक मामला भोपाल से सामने आया है, भोपाल में बीमा कंपनी ने इलाज का खर्च देने से इनकार किया, जिला उपभोक्ता आयोग ने 2.58 लाख रुपए का हर्जाना लगाया।
भोपाल के एक उपभोक्ता को इलाज का खर्च बीमा कंपनी ने देने से इनकार किया। उपभोक्ता ने जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। आयोग ने सुनवाई के बाद कंपनी पर 2.58 लाख रुपए का हर्जाना लगाया। मामले में बीमा कंपनी ने पुरानी बीमारियों की जानकारी छुपाने का आरोप लगाया। उपभोक्ता ने इसका खंडन करते हुए सभी दस्तावेज पेश किए। आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला दिया और कंपनी को हर्जाना देने को कहा। अस्पताल को इस मामले में दोषी नहीं माना गया।
संजय प्रकाश तिवारी ने इस मामले में जिला उपभोक्ता आयोग क्रमांक-2 में मैक्स बूपा हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड और बंसल अस्पताल के खिलाफ याचिका दाखिल की।
एमपी के इस जिले में नई तहसील के गठन को मिली सीएम मोहन यादव की मंजूरी
बीमा कंपनी ने आरोप लगाया कि तिवारी ने बीमा लेते समय 2012 में की गई बेरिएट्रिक सर्जरी और पांच साल से चल रहे हाईपरटेंशन की जानकारी छुपाई थी।
Weather Forecast दिल्ली में होगी तेज बारिश, राजस्थान में लू का प्रकोप रहेगा जारी
रिएजेंट्स ही नहीं, फिर डेढ़ करोड़ लोगों का कर दिए जांच, सिकल सेल को लेकर छत्तीसगढ़ का हाल
Top News : खबरें आपके काम की
भोपाल न्यूज
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃
🤝💬👩👦👨👩👧👧
जिला उपभोक्ता आयोग में याचिका और सुनवाई
- आयोग की अध्यक्ष गिरिबाला सिंह और सदस्य अंजुम फिरोज की बेंच ने सुनवाई की।
- बीमा कंपनी के दावों को खारिज करते हुए आयोग ने उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया।
एमपी के इस जिले में नई तहसील के गठन को मिली सीएम मोहन यादव की मंजूरी
बीमा कंपनी के बहाने और आयोग का फैसला
- उपभोक्ता ने साफ किया कि सभी बीमारी की जानकारी सही ढंग से दी गई थी और दस्तावेज जमा किए थे।
- आयोग ने कहा कि बीमा अवधि के दौरान कंपनी का दायित्व है कि इलाज का खर्च वहन करे।
- इसलिए बीमा कंपनी को 2.43 लाख रुपये इलाज के खर्च के साथ 15 हजार रुपये मानसिक क्षतिपूर्ति देना होगा।
Weather Forecast दिल्ली में होगी तेज बारिश, राजस्थान में लू का प्रकोप रहेगा जारी
अस्पताल को क्यों नहीं माना दोषी?
- याचिका में बंसल अस्पताल को भी पक्ष बनाया गया था।
- लेकिन आयोग ने अस्पताल को दोषी नहीं माना।
- केवल बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया गया।
रिएजेंट्स ही नहीं, फिर डेढ़ करोड़ लोगों का कर दिए जांच, सिकल सेल को लेकर छत्तीसगढ़ का हाल
बीमा के लिए क्या हैं आपके अधिकार?...
- बीमा लेने से पहले सभी मेडिकल विवरण सही और स्पष्ट बताएं।
- बीमा कंपनी क्लेम अस्वीकार करे तो जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत कर सकते हैं।
- क्लेम के नकारे जाने पर न्यायालय से भी राहत मिल सकती है।
- मानसिक और आर्थिक हर्जाने के लिए भी दावा किया जा सकता है।
Top News : खबरें आपके काम की
बीमा क्लेम करते समय ध्यान रखने योग्य बातें...
| सुझाव | विवरण |
|---|---|
| मेडिकल जानकारी पूरी दें | बीमा आवेदन में सभी बीमारियों और सर्जरी की जानकारी दें। |
| दस्तावेज संभाल कर रखें | इलाज और भुगतान के सभी बिल सुरक्षित रखें। |
| समय पर शिकायत करें | क्लेम अस्वीकार होने पर जल्दी उपभोक्ता आयोग से संपर्क करें। |
| मानसिक क्षतिपूर्ति मांगे | आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक हर्जाना भी मांग सकते हैं। |
अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃
🤝💬👩👦👨👩👧👧
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari