/sootr/media/media_files/2026/01/02/rohit-khatwani-2026-01-02-18-40-49.jpg)
JABALPUR.अगर आपने जबलपुर के खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज से वाहन खरीदा है, तो अपना रजिस्ट्रेशन और इंश्योरेंस चेक करें। जबलपुर के किशोर नायडू की दुर्घटना में मौत के बाद पता चला कि शोरूम ने फर्जी बीमा कागज दिए थे। EOW की जांच में शोरूम मालिक रोहित खटवानी दोषी पाए गए हैं और फरार हैं।
फर्जी बीमा और रजिस्ट्रेशन के डॉक्यूमेंट
गाड़ियों के शोरूम से वाहन खरीदने के बाद भी फर्जी बीमा और रजिस्ट्रेशन के डॉक्यूमेंट मिल रहे हैं। फर्जीवाड़े की हद यह है कि इंश्योरेंस के पेपर भी फर्जी बनाए जा रहे हैं। यह खुलासा तब हुआ जब एक ग्राहक की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई। उसके परिजनों को पता चला कि शोरूम से मिला बीमा फर्जी था।
सीएम मोहन यादव का उज्जैन-जबलपुर दौरा, देंगे विकास की बड़ी सौगात
मौत के बाद खुला फर्जी बीमा का राज
जबलपुर के किशोर नायडू ने 23 अक्टूबर 2019 को खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज, राइट टाउन से सुजुकी एक्सिस 125 खरीदी। वाहन लेते समय उसे इनवॉइस, बीमा पॉलिसी और रजिस्ट्रेशन शुल्क की रसीद दी गई। परिवार को भरोसा था कि शोरूम से खरीदी गई गाड़ी पूरी तरह वैध कागजों के साथ है। लेकिन 30 अक्टूबर 2019 को किशोर नायडू की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। जब परिजनों ने बीमा क्लेम के लिए दस्तावेज खंगाले, तो पता चला कि बीमा दस्तावेज फर्जी थे।
मौत के बाद बदली गई बिक्री की तारीख
इस मामले की शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ से की गई। EOW की जांच में सामने आया कि वाहन की असली बिक्री 23 अक्टूबर 2019 को हुई थी। किशोर नायडू की मृत्यु के बाद खटवानी मोटर्स ने 4 नवंबर 2019 की फर्जी इनवॉइस तैयार की। इसी बदली हुई तारीख के आधार पर वाहन का रजिस्ट्रेशन कराया गया।
जांच एजेंसी के अनुसार, अगर बिक्री की असली तारीख पर रजिस्ट्रेशन और बीमा दर्ज होता, तो मृतक के परिवार को पूरा बीमा लाभ मिलता। तारीख बदलकर यह अधिकार छीन लिया गया।
जबलपुर से बांग्लादेशी घुसपैठियों को भेजा, कोलकाता बॉर्डर से किया डिपोर्ट
दो बीमा पॉलिसी और बदला हुआ रजिस्ट्रेशन
EOW कि जांच में सामने आया कि एक ही वाहन के लिए दो अलग-अलग इनवॉइस और दो बीमा पॉलिसी तैयार की गईं। रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों में भी जानबूझकर तारीखों में हेराफेरी की गई। जांच में यह साफ हो गया कि यह तकनीकी गलती नहीं, बल्कि सुनियोजित धोखाधड़ी है।
शोरूम से ही तैयार हो रहे थे फर्जी दस्तावेज
जांच के दौरान EOW ने खटवानी सेल्स एंड सर्विसेज के कंप्यूटर, हार्ड डिस्क और डीएमएस सॉफ्टवेयर की फॉरेंसिक जांच कराई। जांच में एक्सेल और वर्ड फाइलें मिलीं, जिनके जरिए इनवॉइस, बीमा और अन्य दस्तावेजों की तारीखें बदली जाती थीं। EOW के अनुसार, फर्जी दस्तावेज शोरूम के अंदर तैयार किए जा रहे थे। ग्राहकों को यह नहीं पता चलता था कि उनके वाहन के कागज बाद में बदले जा सकते हैं।
कई ग्राहक हो सकते हैं शिकार
जांच में यह भी सामने आया कि यह मामला केवल एक वाहन तक सीमित नहीं है। अन्य ग्राहकों की गाड़ियों के दस्तावेजों में भी बीमा और रजिस्ट्रेशन की तारीखों में अंतर पाया गया है। यह आशंका गहराती जा रही है कि शोरूम से खरीदी गई कई गाड़ियों के कागज फर्जी हो सकते हैं।
EOW ने दर्ज किया अपराध, चार साल चली जांच
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, भोपाल ने थाना EOW में अपराध दर्ज किया। मामला धोखाधड़ी, कूटरचना और कूटरचित दस्तावेजों के उपयोग से संबंधित है। लगभग चार साल की जांच के बाद EOW ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मध्यप्रदेश ED ने जबलपुर RTO संतोष पाल की 3.38 करोड़ की संपत्ति कुर्क की
जिला अदालत से अग्रिम जमानत खारिज
रोहित खटवानी ने जिला अदालत में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। अदालत ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए आवेदन खारिज कर दिया। अदालत ने माना कि मामला दस्तावेजी चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित आर्थिक अपराध है। इसके बाद आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत का आवेदन किया है, जिस पर सुनवाई बाकी है।
/filters:format(webp)/sootr/media/media_files/2026/01/02/rohit-khatwani-2026-01-02-19-58-38.jpeg)
दोषी पाए जाने के बाद फरार रोहित खटवानी
EOW की जांच में दोषी साबित होने और आरोप पत्र पेश होने के बावजूद रोहित खटवानी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ है। अब रोहित खटवानी फरार है और गिरफ्तारी से बचने के प्रयास कर रहा है।
यह मामला एक बड़े नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। जिसमें फर्जी बीमा और रजिस्ट्रेशन के जरिए वाहन बेचकर ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी की गई। आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और नामों के सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा।
/sootr/media/agency_attachments/dJb27ZM6lvzNPboAXq48.png)
Follow Us