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News In Short
एसटीएफ ने ऋषिकेश राय को नोएडा से गिरफ्तार किया है।
गैंग का मुख्यालय दुबई से ऑपरेट हो रहा था।
इंदौर के ईशान सलूजा की शिकायत पर ठगी का खुलासा हुआ था।
ऋषिकेश राय का नाम रैनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा था।
एसटीएफ ने कई राज्यों में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।
News In Detail
मध्य प्रदेश और देशभर में 3200 करोड़ से ज्यादा की ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गैंग के मास्टरमाइंड ऋषिकेश राय को एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) ने गिरफ्तार कर लिया है। छह महीने की तलाशी के बाद टीम ने मंगलवार, 10 फरवरी की रात नोएडा से उसे दबोचा।
साथ ही ऋषिकेश राय को सात दिन की रिमांड पर लिया गया है। जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा लगभग 1000 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन रैनेट टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड ने किया था। इस कंपनी का डायरेक्टर भी ऋषिकेश राय ही है।
पूरा देश में काम कर रही गैंग
एसटीएफ के मुताबिक एमपी समेत पूरे देश में एक ऑनलाइन ठगों का गैंग काम कर रहा है। इस गैंग को ऋषिकेश ऑपरेट करता है जबकि इसका मुखिया लविश चौधरी है। जो दुबई से इस गैंग को चला रहा है। एसटीएफ ने ऋषिकेश पर 30 हजार रुपए का इनाम भी रखा था।
इस गैंग का खुलासा इंदौर के ईशान सलूजा की शिकायत से हुआ। ईशान ने पुलिस को बताया कि उसके साथ यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल में निवेश करने के नाम पर 20.18 लाख की ठगी हुई थी। एसटीएफ ने जांच शुरू की तो देशभर से ठगी के कई सारे मामले सामने आए।
छापेमारी से पहले भाग निकला था ऋषिकेश
एसटीएफ टीम ने दिल्ली, गुड़गांव, नोएडा और आसपास के इलाकों में कई दिन तक ऋषिकेश की छानबीन की थी। एसटीएफ ने दोनों फर्म, किन्डेंट बिजनेस सॉल्यूशन और रैनेट प्रालि पर भी छापेमारी की थी। इस दौरान किन्डेंट के डायरेक्टर राहुल यादव और पंकज गुंजन को गिरफ्तार किया लेकिन ऋषिकेश भागने में सफल हो गया था।
5 महीनों तक लोगों को दिया धोखा
जून 2025 में इस ठगी का खुलासा हुआ था। एसटीएफ ने ऋषिकेश के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। वह 5 महीनों तक लोगों को धोखा देता रहा। लविश चौधरी, कृष्ण मोहन, और महमूद आलम के खिलाफ भी लुकआउट सर्कुलर जारी है।
इतने गिरफ्तार हो चुके...
एसटीएफ ने आरोपियों को पकड़ने के लिए राजस्थान, दिल्ली, यूपी और अन्य राज्यों में दबिश दी है। इनमें तीन कंपनियों के डायरेक्टर शामिल हैं। साथ ही फर्जी कंपनी रैनेट टेक्नोलॉजी के डायरेक्टर मनोरंजन राय और किन्डेंट बिजनेस सॉल्यूशन के डायरेक्टर राहुल यादव, पंकज गुंजन भी गिरफ्तार हुए हैं।
दुबई से चल रहा गिरोह
जानकारी के अनुसार गिरोह का मुखिया लविश चौधरी अब भी गिरफ्त से बाहर है। वह दुबई से काम कर रहा है। एसटीएफ ने उसके ठगी वाले सभी प्लेटफॉर्म बंद कर दिए थे। इसके बाद भी अब उसने नया सिस्टम बना लिया है।
समझें, ठग कैसे लोगों को ठगते थे ?
ऐप के जरिए इन्वेस्ट: गैंग ने फर्जी कंपनी यॉर्कर एफएक्स और यॉर्कर कैपिटल का इस्तेमाल किया था। लोगों को ऐप के जरिए इन्वेस्ट के लिए बहलाया गया।
8% मुनाफे का लालच: इन लोगों ने टेलीग्राम पर 12 से ज्यादा ग्रुप बनाए थे। लोगों को ऐप की लिंक भेजते थे। कहते थे कि 18 हजार रुपए का रजिस्ट्रेशन करओ 8% मुनाफा मिलेगा।
दूसरे देशों में पैसे ट्रांसफर: जानकारी के अनुसार इन्वेस्टमेंट के नाम पर गिरोह फर्जी फर्मों के खातों में पैसे भेजते थे। फिर ये पैसे दुबई और दूसरे देशों में ट्रांसफर कर दिए जाते थे।
पैसे मांगे तो फरार हो गए: एक इन्वेस्टर ने 18 हजार रुपए ठगों को दिए। ठगों ने फर्जी ऐप पर 2-3 महीने में 1.50 लाख रुपए दिखा दिए। जब इन्वेस्टर्स ने पैसे मांगे तो ये ठग फरार हो गए।
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