IPS Anu Beniwal: समाज की सोच से नहीं, अपने आत्मविश्वास से रास्ते बनते हैं
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह उस साहस, संघर्ष और आत्मविश्वास का सम्मान है, जो हर महिला अपने जीवन में दिखाती है। आज की महिलाएं अपने सपनों को साकार करने के लिए हर बाधा को पार करने का साहस रखती हैं। मेरी अपनी यात्रा भी इसी विश्वास की कहानी है।
मैं 2022 बैच से हूं और मेरी सिविल सर्विस की मुख्य तैयारी कोविड-19 के दौरान हुई। वह समय पूरी दुनिया के लिए चुनौतीपूर्ण था, लेकिन उसी दौर में पढ़ाई के तरीकों में भी बड़ा बदलाव आया। पहले हम अखबारों से खबरें पढ़ते थे। लाइब्रेरी में बैठकर नोट्स बनाते थे, लेकिन, कोविड के दौरान टेक्नोलॉजी ने पढ़ाई का स्वरूप बदल दिया।
एआई की मदद से सिविल सर्विस की तैयारी
हम ऑनलाइन न्यूज पढ़ने लगे। ऑनलाइन मॉक टेस्ट देने लगे और पढ़ाई की अधिकांश सामग्री डिजिटल माध्यम से उपलब्ध होने लगी। आज तो स्थिति और भी आगे बढ़ चुकी है।
कई परीक्षार्थी एआई की मदद से सिविल सर्विस की तैयारी कर रहे हैं। मॉक टेस्ट भी अब एआई आधारित टीचर जांच कर देते हैं और पढ़ाई का लगभग पूरा मटेरियल ऑनलाइन उपलब्ध है। अब किसी एक जवाब के लिए घंटों किताबों में खोजने की जरूरत नहीं पड़ती।
नौकरी या व्यवसाय केवल पुरुषों के लिए नहीं
मुझे लगता है कि यह बदलाव विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए बहुत फायदेमंद है। जो ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं या ऐसे राज्यों में रहते हैं, जहां अभी भी शैक्षणिक संसाधनों की कमी है। टेक्नोलॉजी ने पढ़ाई को अधिक सुलभ और लोकतांत्रिक बना दिया है।
जहां तक महिलाओं का सवाल है। मेरा मानना है कि उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में आगे आना चाहिए। किसी भी लड़की को यह नहीं सोचना चाहिए कि कोई नौकरी या व्यवसाय केवल पुरुषों के लिए बना है। हां, कुछ क्षेत्रों में चुनौतियां ज्यादा होती हैं. जैसे पुलिस सेवा। लेकिन हर चुनौती के भीतर एक अवसर भी छुपा होता है।
भ्रांतियों से दूर रहें
एक महिला होकर सिविल सर्विस की तैयारी करना और आईपीएस को अपनी पहली पसंद बनाना मेरे लिए आसान निर्णय नहीं था। समाज से कई तरह की बातें सुनने को मिलीं। जैसे यह नौकरी महिलाओं के लिए नहीं बनी है। घर कैसे बसाओगी। अच्छा लड़का नहीं मिलेगा। रात को बाहर जाना पड़ेगा, लेकिन मैंने इन बातों को अपने रास्ते की बाधा नहीं बनने दिया।
मैं ईश्वर की बहुत आभारी हूं कि उन्होंने मुझे इस रास्ते पर चलने की हिम्मत दी। जब मैंने इस सेवा में कदम रखा, तब मुझे एहसास हुआ कि जीवन इन तानों और संकीर्ण सोच से कहीं अधिक बड़ा और व्यापक है।
आज पुलिस सेवा में काम करते हुए मुझे संतोष मिलता है। हर दिन नया अनुभव, नई चुनौती और नया अवसर लेकर आता है। अपराधियों पर कानून का शिकंजा कसने पर जो संतुष्टि मिलती है, वह शब्दों में व्यक्त नहीं की जा सकती। वहीं, जब किसी आम नागरिक को न्याय दिलाने या उसकी कानूनी सहायता करने का अवसर मिलता है तो मन को अलग ही शांति और गर्व का अनुभव होता है।
लक्ष्य के प्रति ईमानदार रहें सफलता आएगी
मेरे लिए पुलिसिंग केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि समाज की सेवा का माध्यम है। यह जिम्मेदारी मुझे हर दिन यह याद दिलाती है कि एक महिला की शक्ति केवल उसके सपनों तक सीमित नहीं होती, वह पूरे समाज में बदलाव लाने की क्षमता भी रखती है।
इस महिला दिवस पर मैं हर लड़की और हर महिला से यही कहना चाहूंगी कि अपने सपनों पर विश्वास रखें। समाज क्या कहेगा, इस डर से अपने कदम पीछे न खींचें। चुनौतियां आएँगी, लेकिन वही चुनौतियां आपको और मजबूत बनाएंगी।
याद रखिए, साहस ही वह शक्ति है, जो असंभव को संभव बनाती है। अगर आप अपने लक्ष्य के प्रति ईमानदार हैं और मेहनत करने का साहस रखते हैं तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती।
आइए, इस महिला दिवस पर यह संकल्प लें कि हम अपने सपनों को सीमित नहीं करेंगे, बल्कि अपनी क्षमताओं और आत्मविश्वास से उन्हें नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। हर बेटी, हर बहन और हर महिला के भीतर अद्भुत शक्ति छिपी है। बस उसे पहचानने और उस पर विश्वास करने की जरूरत है।
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