दुबई में फंसे महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी, मीटिंग के दौरान हुआ धमाका, कर्फ्यू जैसे हालात

ईरान के दुबई पर हमला करने के कारण विमान सेवाएं पूरी तरह ठप हो गई हैं। दुबई में कई भरतीय यात्री फंसे हुए हैं। इन यात्रियों में उज्जैन महाकालेश्वर के पुजारी भी हैं। पुजारी 28 फरवरी को भारत लौटने वाले थे।

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Aman Vaishnav
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ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमलों के बाद खाड़ी देशों में हालात खराब हो गए हैं। दुबई, शारजाह और अबूधाबी एयरपोर्ट बंद हो गए हैं।

 इसी वजह से उज्जैन महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी विकास शर्मा वहां फंसे हुए हैं।

इसके अलावा, रतलाम के गौरव पारिख और बोहरा समाज के प्रवक्ता सलीम आरिफ भी दुबई में फंसे हैं। ड्रोन और मिसाइल हमलों के कारण उनके परिवार वाले काफी चिंतित हैं।

सभी को उम्मीद है कि जल्दी ही उड़ानें फिर से शुरू होंगी और वे अपने घर सुरक्षित लौट सकेंगे।

मीटिंग के लिए गए थे दुबई

दुबई के डाउन टाउन में गौरव पारिख सेलिब्रिटी मैनेजमेंट मीटिंग के लिए रुके हुए थे। गौरव ने बताया कि जहां वे ठहरे थे, वहां से सिर्फ 3 किमी दूर बुर्ज खलीफा के पास एक जोरदार धमाका हुआ था। धमाके के बाद लाइट चली गई थी।

कुवैत में फंसे सलीम आरिफ

बोहरा समाज के प्रवक्ता सलीम आरिफ इन दिनों कुवैत के खेतान में फंसे हुए हैं। वे 27 फरवरी को कुवैत घूमने पहुंचे थे। सलीम ने बताया कि 28 फरवरी को जब वे बाजार में थे, तो अचानक उन्होंने आसमान में दो मिसाइलें उड़ती हुई देखीं। जैसे ही हमले की खबर आई उन्होंने तुरंत अपने दोस्त के घर की तरफ रुख कर लिया था।

उज्जैन के पुजारी भी दुबई में फंसे

ईरान के कथित तौर पर दुबई पर किए गए हमले के बाद, संयुक्त अरब अमीरात में हवाई सेवाएं बंद हो गई हैं। इस वजह से उज्जैन के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पुजारी पं. विकास शर्मा भी दुबई में फंसे हुए हैं।

पं. शर्मा 28 फरवरी की रात भारत लौटने के लिए विमान में बैठ गए थे। लगभग ढाई घंटे तक सभी यात्री विमान में बैठे रहे थे। बाद में एयरपोर्ट अथॉरिटी ने हमले की जानकारी दी और उड़ान रद्द कर दी। 

सम्मेलन में भाग लेने गए थे दुबई

पुजारी के भाई आशीष ने बताया कि दुबई के बुर्ज खलीफा इलाके में धमाका हुआ था। इस वजह से विकास को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया है। अब वहां कर्फ्यू जैसे हालात हो गए हैं एयरपोर्ट कब खुलेगा, इसकी जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।

जब कार्यक्रम खत्म हुआ और वे वापस उज्जैन लौट रहे थे, तो उन्हें यह खबर मिली कि युद्ध की वजह से उनकी फ्लाइट कैंसिल कर दी गई है। इसके बाद फ्लाइट से उतरने का ऐलान हुआ था। पंडित विकास शर्मा समेत बाकी सभी यात्री फ्लाइट से बाहर आ गए थे।

पुजारी ने वीडियो में कहा...

पंडित विकास शर्मा ने दुबई से एक वीडियो जारी किया है। इसमें वह इस पूरे मामले के बारे में बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि फ्लाइट कैंसिल हो गई है। इससे उन्हें वापस उतरना पड़ा और अब वह अपने खर्चे से एक होटल में ठहरे हुए हैं। पुजारी ने वीडियो में ये भी कहा कि वह चाहते हैं कि जल्द से जल्द उज्जैन लौट आएं।

दुबई में फंसे लोगों पर सरकार की पैनी नजर

भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में रविवार1 मार्च को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई थी। बैठक के दौरान सीएम मोहन यादव ने विदेश में फंसे प्रदेशवासियों का मुद्दा भी उठाया गया था। दुबई और ईरान में फंसे मध्य प्रदेश के नागरिकों पर सरकार की पैनी नजर है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस विषय पर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृहमंत्री बेहद गंभीर हैं। साथ ही केंद्र स्तर पर निरंतर कार्रवाई जारी है। राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर आवश्यक समन्वय कर रही है।

क्या है अमेरिका, इजराइल - ईरान युद्ध

अमेरिका और इजराइल ने शनिवार, 28 फरवरी को ईरान के प्रमुख शहरों पर हमला किया था। साथ ही ईरान के सैन्य ठिकानों, परमाणु केंद्रों और मिसाइल साइटों पर भी हमला किया था। इस ऑपरेशन को इजरायल ने रोअरिंग लायन नाम दिया है। वहीं अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी का नाम दिया है। 

ईरानी सरकारी मीडिया और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ी पुष्टि की है। ईरान के सबसे बड़े नेता, अयातुल्ला अली खामेनेई इन हमलों में मारे गए हैं। ईरान ने इस दुखद घटना के बाद पूरे देश में 40 दिनों का शोक घोषित किया है। 

ईरान ने इजरायल (खासकर तेल अवीव) और इलाके में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। इस हमले को ईरान ने ट्रुथफुल प्रॉमिस 4 नाम दिया है। 

इसलिए किया था हमला

अमेरिका और इजराइल का कहना है कि, ईरान तेजी से यूरेनियम को संवर्धित कर रहा था। इससे वह परमाणु बम बनाने के बेहद करीब पहुंच गया था। इजरायल इसे अपनी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानता है। इस हमले के जरिए वह ईरान के परमाणु केंद्रों को पूरी तरह तबाह करना चाहता है। 

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी अपना तर्क दिया है। इस हमले का मुख्य मकसद ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना है। साथ ही उसकी मिसाइल इंडस्ट्री को पूरी तरह से खत्म करना है। अमेरिका का कहना है कि ईरान ऐसी मिसाइलें बना रहा था, जो यूरोप और जल्द ही अमेरिका तक पहुंच सकती थी। 

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