जबलपुर में 17 पटवारी सस्पेंड, 164 को नोटिस, काम में लापरवाही पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
Sumit Kumar | Oct 09, 2026, 18:13 IST
जबलपुर में प्रशासन ने 17 पटवारियों को सस्पेंड किया है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में जिला प्रशासन ने पटवारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। सरकारी काम में लापरवाही के आरोप में 17 पटवारी निलंबित किए गए हैं। वहीं, 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इनसे काम में लापरवाही और सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करने पर जवाब मांगा गया है। इस कार्रवाई के बाद जिले के राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है।
जबलपुर जिले में सरकारी कामकाज में लापरवाही बरतना पटवारियों को भारी पड़ा है। जिला प्रशासन ने 17 पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा 164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
इन पटवारियों पर सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप है। प्रशासन ने कामकाज में लापरवाही को भी कार्रवाई का आधार बनाया है। अब नोटिस पाने वाले पटवारियों से जवाब मांगा गया है। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिला प्रशासन ने 17 पटवारियों (MP Patwari) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। इन पर सरकारी काम में लापरवाही बरतने के आरोप हैं। साथ ही प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं करने की बात सामने आई है।
प्रशासन ने राजस्व विभाग के कामकाज में सुधार के लिए कार्रवाई की है। इसका उद्देश्य सरकारी काम समय पर पूरा कराना है। साथ ही कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना भी है। हालांकि, निलंबित पटवारियों के खिलाफ लगे अलग-अलग आरोपों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
प्रशासन ने निलंबन के अलावा 164 पटवारियों को नोटिस जारी किए हैं। इनसे सरकारी काम में लापरवाही को लेकर जवाब मांगा गया है।
नोटिस में संबंधित पटवारियों से स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। प्रशासन जानना चाहता है कि सरकारी निर्देशों का पालन क्यों नहीं हुआ। साथ ही तय जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करने की वजह भी पूछी गई है।
अब संबंधित पटवारियों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। उनके जवाब की जांच के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर और कार्रवाई हो सकती है।
जबलपुर जिले की कई तहसीलों में पदस्थ पटवारी इस कार्रवाई के दायरे में आए हैं। इनमें सिहोरा, पाटन, शहपुरा, मझौली और कुंडम जैसी ग्रामीण तहसीलें शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में पटवारी जमीन और राजस्व से जुड़े काम संभालते हैं। किसानों की जमीन के रिकॉर्ड अपडेट करना भी उनकी जिम्मेदारी है। इसके अलावा नामांतरण और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में उनकी अहम भूमिका होती है।
ऐसे में उनके काम में देरी से आम लोगों को परेशानी हो सकती है। खासकर किसानों और जमीन से जुड़े मामलों में इसका असर पड़ता है।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब पटवारियों के जवाब का इंतजार है। नोटिस पाने वाले कर्मचारियों को अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। प्रशासन उनके जवाब और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच करेगा। इसके बाद तय होगा कि आगे कार्रवाई की जरूरत है या नहीं।
वहीं, निलंबित पटवारियों के मामलों में भी नियमानुसार आगे की प्रक्रिया होगी। फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है।
इस कार्रवाई के जरिए सरकारी काम में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया गया है। अब देखना होगा कि नोटिस मिलने के बाद पटवारी क्या जवाब देते हैं।
इन पटवारियों पर सरकारी निर्देशों की अनदेखी करने का आरोप है। प्रशासन ने कामकाज में लापरवाही को भी कार्रवाई का आधार बनाया है। अब नोटिस पाने वाले पटवारियों से जवाब मांगा गया है। उनके जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
17 पटवारियों पर निलंबन की कार्रवाई
प्रशासन ने राजस्व विभाग के कामकाज में सुधार के लिए कार्रवाई की है। इसका उद्देश्य सरकारी काम समय पर पूरा कराना है। साथ ही कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना भी है। हालांकि, निलंबित पटवारियों के खिलाफ लगे अलग-अलग आरोपों की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
164 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस
नोटिस में संबंधित पटवारियों से स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। प्रशासन जानना चाहता है कि सरकारी निर्देशों का पालन क्यों नहीं हुआ। साथ ही तय जिम्मेदारियों को पूरा नहीं करने की वजह भी पूछी गई है।
अब संबंधित पटवारियों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। उनके जवाब की जांच के बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर और कार्रवाई हो सकती है।
इन तहसीलों के पटवारियों पर हुई कार्रवाई
इन क्षेत्रों में पटवारी जमीन और राजस्व से जुड़े काम संभालते हैं। किसानों की जमीन के रिकॉर्ड अपडेट करना भी उनकी जिम्मेदारी है। इसके अलावा नामांतरण और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं में उनकी अहम भूमिका होती है।
ऐसे में उनके काम में देरी से आम लोगों को परेशानी हो सकती है। खासकर किसानों और जमीन से जुड़े मामलों में इसका असर पड़ता है।
नोटिस के बाद अब क्या होगा?
वहीं, निलंबित पटवारियों के मामलों में भी नियमानुसार आगे की प्रक्रिया होगी। फिलहाल प्रशासन की इस कार्रवाई से राजस्व विभाग में हलचल बढ़ गई है।
इस कार्रवाई के जरिए सरकारी काम में जवाबदेही बढ़ाने का प्रयास किया गया है। अब देखना होगा कि नोटिस मिलने के बाद पटवारी क्या जवाब देते हैं।
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