साइबर ठगी में करोड़ों की हेराफेरी कर दुबई भेजने वाला आरोपी हाईकोर्ट से भी नहीं पा सका जमानत
Neel Tiwari | Jan 31, 2025, 17:17 IST
जबलपुर हाईकोर्ट
जबलपुर हाईकोर्ट ने साइबर ठगी के आरोपी अब्दुल रहमान की जमानत याचिका खारिज की। आरोपी ने धोखाधड़ी से करोड़ों रुपये जुटा कर दुबई भेजे थे, जांच जारी है।
Jabalpur : साइबर ठगी के जरिए करोड़ों रुपए की हेराफेरी कर विदेश भेजने वाले एक शातिर अपराधी अब्दुल रहमान की जमानत याचिका जबलपुर हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। आरोपी के खिलाफ ठोस सबूत होने के चलते न्यायालय ने उसे किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया। यह मामला डिजिटल धोखाधड़ी के उस संगठित नेटवर्क से जुड़ा है, जो भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी गाढ़ी कमाई को विदेशों में ट्रांसफर कर देता है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी अब्दुल ने साइबर फ्रॉड के जरिए भारी रकम इकट्ठा कर उसे दुबई भेजा था। अधिकारियों के अनुसार, यह रैकेट सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों को आकर्षक निवेश और लॉटरी जैसी योजनाओं के झांसे में फंसाता था। जब पीड़ित बड़ी रकम जमा कर देते, तो यह पैसा हवाला और अन्य अवैध माध्यमों से दुबई भेज दिया जाता।
ये खबर भी पढ़ें...
ATS कस्टडी में मौत: साइबर ठगी गैंग का खुलासा, बैंक भी शक के घेरे में
कमिश्नर के नाम से साइबर ठगी की कोशिश, ननि अधिकारियों में मचा हड़कंप
जबलपुर पुलिस और साइबर क्राइम टीम की संयुक्त कार्रवाई में इस संगठित ठगी गिरोह का पर्दाफाश हुआ था। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी ने फर्जी कंपनियों और बैंक खातों का इस्तेमाल कर रकम को ट्रांसफर किया था। पुलिस ने आरोपी के पास से कई फर्जी दस्तावेज और मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें धोखाधड़ी से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिले।
आरोपी ने हाईकोर्ट में जमानत की गुहार लगाते हुए कहा था कि उसके खिलाफ आरोप निराधार हैं और जांच अब पूरी हो चुकी है, इसलिए उसे रिहा किया जाए। लेकिन, राज्य सरकार के अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि आरोपी के खिलाफ पुख्ता सबूत मौजूद हैं और यदि उसे जमानत दी जाती है, तो वह फरार हो सकता है या सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद पाया कि मामला गंभीर है और आरोपी का सीधा संबंध साइबर ठगी से जुड़े बड़े नेटवर्क से हो सकता है। अदालत ने कहा कि डिजिटल अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं और ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई जरूरी है।
ये खबर भी पढ़ें...
बड़ी साइबर ठगी का खुलासा, 2000 करोड़ की धोखाधड़ी की आशंका, 23 गिरफ्तार
साइबर ठगी: ग्वालियर में डॉ. से 21 लाख की ठगी, इतने घंटा रखा अरेस्ट
विशेष जांच दल (SIT) इस मामले में आरोपी से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह गिरोह सिर्फ जबलपुर या मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं, बल्कि इसका नेटवर्क राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला हो सकता है। साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए पुलिस लगातार नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दे रही है। यदि कोई अनजान व्यक्ति फोन, व्हाट्सएप या सोशल मीडिया पर निवेश, लॉटरी या अन्य किसी आकर्षक योजना का लालच दे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं और इसकी सूचना साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें।
दुबई तक पहुंची ठगी की रकम
ये खबर भी पढ़ें...
ATS कस्टडी में मौत: साइबर ठगी गैंग का खुलासा, बैंक भी शक के घेरे में
कमिश्नर के नाम से साइबर ठगी की कोशिश, ननि अधिकारियों में मचा हड़कंप
पुलिस ने किया था खुलासा
हाईकोर्ट ने ठुकराई जमानत
ये खबर भी पढ़ें...
बड़ी साइबर ठगी का खुलासा, 2000 करोड़ की धोखाधड़ी की आशंका, 23 गिरफ्तार
साइबर ठगी: ग्वालियर में डॉ. से 21 लाख की ठगी, इतने घंटा रखा अरेस्ट
संदिग्धों की तलाश में जुटी है SIT
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari