जज की कॉजलिस्ट में धाराओं की गलत जानकारी , HC ने रजिस्ट्रार को दिया जांच के आदेश

Neel Tiwari | Jun 17, 2025, 20:03 IST
Share
jabalpur-hc-order
Photograph: (THESOOTR)

जबलपुर हाईकोर्ट में धारा 374 (CRPC) के मामले में इंडियन सकसेशन एक्ट लिखने पर जज ने रजिस्ट्रार को जांच के आदेश दिए। जस्टिस विवेक अग्रवाल ने इसे गंभीर गलती मानते हुए जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए।

धारा 374 (CRPC) के मामले में इंडियन सकसेशन एक्ट लिखा देखकर जज ने पूछा कि "क्या नशे में बनाते हैं कॉजलिस्ट" और उसके बाद रजिस्ट्रार को जांच के आदेश दिए।

मध्यप्रदेश केजबलपुर हाईकोर्ट में आमतौर पर ऐसे वाक्ये सामने आते रहते हैं जब सिंगल बेंच के मामले भी डिविजनल बेंच में भेज दिए जाते हैं या फिर जजों के रोस्टर से अलग मामले उनके कॉज लिस्ट में दर्शा दिये जाते हैं। अमूमन इन मामलों को वापस सही बेंच में भेज दिया जाता है लेकिन आज जस्टिस विवेक अग्रवाल की बेंच ने एक ऐसा मामला सामने आया जिसमें की गई गलती को देखते हुए कॉज लिस्ट बनाने वाले जिम्मेदारों के ऊपर जांच बैठा दी गई।

ये खबरें भी पढ़ें...

आरबीआई का नया आदेश, बैंकों को ATM में 100-200 रुपए के नोट रखना जरूरी

नेटवर्क मार्केटिंग में व्यस्त शिक्षक पर गिरी गाज, स्कूल को बताया चिड़ियाघर

पॉक्सो मामले की चल रही थी सुनवाई

जबलपुर हाईकोर्ट में जस्टिस विवेक अग्रवाल की डिविजनल बेंच में एक पोक्सो मामले की सुनवाई चल रही थी। यह अपील दोषसिद्धि के विरुद्ध की गई थी जो सीआरपीसी की धारा 374 के अंतर्गत आती है। इस मामले में तथ्यों और सबूत को देखते हुए बेंच ने आरोपी के ऊपर चल रहे मामले और पिछले आदेश को खारिज कर दिया, लेकिन तभी आर्डर देते समय जस्टिस अग्रवाल ने देखा की धारा 374 के मामले के आगे इंडियन सकसेशन एक्ट लिखा हुआ है। इसके बाद जज ने सरकारी अधिवक्ता से मौखिक टिप्पणी करते हुए पूछा कि क्या यह लोग शराब के नशे में कॉज लिस्ट बनाते हैं और उसके बाद उन्होंने अपने आदेश में ही रजिस्ट्रार को भी जांच के आदेश दे दिया।

ये खबरें भी पढ़ें...

एमपी के शिक्षा विभाग में अटैचमेंट का खेल, बिना पद शिक्षकों की नियुक्ति पर अब उठे सवाल

मानसून ने 19 राज्यों में दस्तक दी, सोमवार को बिजली गिरने से 19 लोगों की मौत

रजिस्ट्रार करे जांच और जिम्मेदार व्यक्ति पर कार्यवाही

जस्टिस अग्रवाल ने अपने आदेश में लिखा कि रजिस्ट्रार को निर्देशित किया जाता है कि वह इस बात की जांच करें कि कॉसलिस्ट में मामले की धाराओं में 374 (CRPC) के बाद कॉमा लगाकर "इंडियन सकसेशन एक्ट" कैसे लिखा गया। यह दर्शाता है कि कॉस लिस्ट बिना दिमाग का इस्तेमाल किये और बिना सोच समझ के तैयार की गई है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि रजिस्टर इस कॉज लिस्ट को बनाने वाले व्यक्ति की जांच करें और इस तरह की गलती के लिए उसके ऊपर उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧



Tags:
  • मध्यप्रदेश
  • जबलपुर हाईकोर्ट
  • CRPC
  • कॉजलिस्ट
  • इंडियन सकसेशन एक्ट
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा