MP में जन औषधि केंद्रों में घोटाला : निजी ब्रांड की महंगी दवाएं बेचने के आरोप में 57 केंद्र बंद

Jitendra Shrivastava | Aug 14, 2025, 22:42 IST
Share
jan-aushadhi-kendra-scandal-mp
Photograph: (THESOOTR)

मध्यप्रदेश में जन औषधि केंद्रों पर जांच में सामने आया कि यहां सस्ती जेनरिक दवाओं के बजाय महंगी निजी ब्रांड की दवाएं बेची जा रही हैं। 67 केंद्रों में से 57 बंद कर दिए गए हैं और 4 केंद्रों के दवा विक्रय लायसेंस निलंबित किए गए हैं।

मध्यप्रदेश में नागरिकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण जेनरिक दवाएं देने के लिए प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र ( Jan Aushadhi Kendra ) खोले गए थे। ये केंद्र स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए जरूरी थे। हाल ही में हुई जांच में कई केंद्रों पर महंगी निजी ब्रांडेड दवाएं बेची जाती पाई गईं।

क्या हैं गड़बड़ियां?

मध्यप्रदेश में 2024-25 के दौरान की गई एक जांच में 67 जन औषधि केंद्रों पर निजी ब्रांडेड दवाओं की बिक्री की पुष्टि हुई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, इन केंद्रों ने जेनरिक दवाओं की खरीदारी नहीं की थी और महंगे ब्रांडेड दवाओं की खरीद कर उन्हें अधिक कीमत पर बेचा। इसके बाद इन केंद्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। 57 केंद्रों पर ताले लगा दिए गए और अन्य को नोटिस जारी कर प्रोत्साहन राशि रोक दी गई।

ये खबर भी पढ़ें...

MP Top News : मध्य प्रदेश की बड़ी खबरें

जन औषधि केंद्रों का उद्देश्य

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों का मुख्य उद्देश्य लोगों को सस्ती दरों पर जेनरिक दवाएं उपलब्ध कराना था, ताकि उन्हें महंगी दवाओं का बोझ न उठाना पड़े। इन केंद्रों पर औसतन दवाएं 50% से 80% तक सस्ती मिलती हैं। यही कारण है कि सरकार ने इन केंद्रों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि भी दी है।

जन औषधि केंद्रों में मिलने वाली दवाएं...

  1. जेनरिक दवाएं
  2. सस्ती और गुणवत्ता वाली दवाएं
  3. सभी रोगों की दवाएं उपलब्ध
ये खबर भी पढ़ें...

सीएम मोहन यादव के संदेश का हर जिले में होगा लाइव प्रसारण, किए गए खास इंतजाम

जन औषधि केंद्रों की जांच में सामने आए आरोप...

  1. निजी ब्रांडेड दवाओं की बिक्री
  2. जेनरिक दवाओं की खरीद नहीं
  3. दवाओं का विक्रय रिकॉर्ड अपडेट नहीं किया गया
  4. शिड्यूल एच-1 ड्रग्स (जिनके लिए डॉक्टर का प्रिस्क्रिप्शन जरूरी है) के लिए रजिस्टर का अभाव
  5. एक्सपायर हो चुकी दवाएं भी बिक्री वाली दवाओं के साथ रखी गईं
इन गड़बड़ियों ने जन औषधि केंद्रों की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और सरकार के लिए यह एक चुनौती बन गया है।

ये खबर भी पढ़ें...

मौसम पूर्वानुमान (15 अगस्त) : देशभर में भारी बारिश से जलभराव और बाढ़ का खतरा, MP में भी अलर्ट जारी

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का उद्देश्य

प्रधानमंत्री जन औषधि योजना का उद्देश्य महंगी दवाओं की बजाय लोगों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराना है। इन केंद्रों को सरकारी सहायता मिलती है, और यह सुनिश्चित किया जाता है कि दवाएं उच्च गुणवत्ता की हों। इस योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश में 500 से अधिक केंद्रों की स्थापना की गई है।

सरकार की कार्रवाई

जांच के दौरान मिली गड़बड़ियों के बाद, सरकार ने सख्त कार्रवाई की। 57 जन औषधि केंद्रों को बंद कर दिया गया और 4 केंद्रों के दवा विक्रय लायसेंस को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा, अन्य केंद्रों को भी नोटिस जारी किए गए हैं, और उनकी प्रोत्साहन राशि को रोक दिया गया है।

ये खबर भी पढ़ें...

एमपी के 82 लाख किसानों को मिला बड़ा तोहफा, सीएम मोहन यादव ने खातों में ट्रांसफर किए 1671 करोड़

निरंतर खुल रहे हैं नए केंद्र

मध्यप्रदेश में अब तक कई जिले और अस्पतालों में जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, और यह सिलसिला जारी है। इन केंद्रों का उद्देश्य सस्ती और गुणवत्ता वाली दवाएं उपलब्ध कराना है। अब राज्य सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं कि जन औषधि केंद्रों में केवल जेनरिक दवाएं ही बेची जाएं।

thesootr links

दसूत्र की खबरें आपको कैसी लगती हैं? Google my Business पर हमें कमेंट केसाथ रिव्यू दें। कमेंट करने के लिए इसी लिंक पर क्लिक करें

अगर आपको ये खबर अच्छी लगी हो तो 👉 दूसरे ग्रुप्स, 🤝दोस्तों, परिवारजनों के साथ शेयर करें📢🔃🤝💬👩‍👦👨‍👩‍👧‍👧👩



Tags:
  • जांच रिपोर्ट
  • प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र
  • जन औषधि केंद्र
  • Jan Aushadhi Kendra
  • सस्ती दवाइयां
  • जेनरिक दवाएं
गूगल पर द सूत्र चुनें ! Add as a preferredsource on Google
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग

By Atul Dwivedi

MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री

By Ramanand Tiwari

एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा

By Ramanand Tiwari

मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन

By Jitendra Shrivastava

मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें

By Sanjay Dhiman

mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे

By Sanjay Gupta

झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा

By Arun Tiwari

बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा