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रतलाम के जावरा में मंगलवार रात आईटीसी कंपाउंड में स्थित पोरवाल आइस फैक्ट्री में अमोनिया गैस का रिसाव हो गया, जिससे आस-पास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। गैस का रिसाव इतना खतरनाक था कि इससे आसपास के लोग बुरी तरह प्रभावित हुए। पुलिस लाइन के नजदीक स्थित फैक्ट्री से गैस के रिसाव के कारण क्षेत्र में रहने वाले लोग, खासकर सीएसपी दुर्गेश आर्मो के परिवार के सदस्य, गंभीर रूप से प्रभावित हुए।
कैसे हुआ गैस का रिसाव
मंगलवार रात लगभग 11 बजे, पोरवाल आइस फैक्ट्री में स्थित 50 किलो के अमोनिया गैस के टैंक का एक बोल्ट ढीला हो गया, जिससे गैस का रिसाव शुरू हो गया। यह रिसाव आसपास के लोगों के लिए परेशानी का कारण बना, क्योंकि गैस से आंखों में जलन और सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। इसके बाद आसपास के लोग तेजी से स्थिति का आकलन करने लगे और उन्हें गैस के रिसाव का पता चला।
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सीएसपी के परिवार पर असर
फैक्ट्री के पास स्थित पुलिस लाइन में सीएसपी दुर्गेश आर्मो का बंगला था, और गैस रिसाव से उनके परिवार के सदस्य, खासकर उनके माता-पिता, हुकुम सिंह आर्मो और लता आर्मो की तबीयत बिगड़ गई। परिवार के सदस्य तुरंत जानकारी मिलने पर सर्किट हाउस में शिफ्ट कर दिए गए। इस घटना के दौरान, पुलिस प्रशासन और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने तत्परता से कार्रवाई की।
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लीकेज रोकने के लिए पानी का छिड़काव
एसडीएम त्रिलोचन गौड़, एसडीओपी संदीप मालवीय और तहसीलदार संदीप इवने की अगुवाई में पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर आठ मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके अलावा, गैस के रिसाव को नियंत्रित करने के लिए पानी का छिड़काव भी शुरू किया गया। फैक्ट्री संचालक के बेटे सानिध्य को मौके पर बुलवाकर गैस के टैंक के बोल्ट को वापस टाइट किया गया, जिससे लीकेज बंद हो गया है।
अमोनिया गैस (Ammonia Gas) एक रासायनिक यौगिक है, जिसका रासायनिक सूत्र NH₃ होता है। यह एक बिना रंग की, तेज गंध वाली गैस होती है, जो सामान्य तापमान और दबाव पर गैसीय रूप में रहती है। अमोनिया गैस का मुख्य रूप से उपयोग उर्वरक, रिफ्रिजेरेटर, क्लीनिंग एजेंट्स और कुछ रासायनिक प्रक्रियाओं में किया जाता है।
अमोनिया गैस के दुष्प्रभाव:
श्वसन तंत्र पर प्रभाव:
- अमोनिया गैस का उत्सर्जन श्वसन तंत्र में जलन पैदा कर सकता है। उच्च सांद्रता में यह गले, नाक, और फेफड़ों में जलन, खांसी, श्वास की तकलीफ, और सांस लेने में कठिनाई का कारण बन सकता है।
- अत्यधिक संपर्क से श्वसन प्रणाली में सूजन या फेफड़ों में जलन हो सकती है, जो अस्थायी या दीर्घकालिक श्वसन समस्या उत्पन्न कर सकता है।
आंखों और त्वचा पर असर:
- अमोनिया गैस से आँखों में जलन और कंटीली भावना हो सकती है। उच्च सांद्रता में यह आंखों में गंभीर जलन, लालिमा और आंसू बहने का कारण बन सकती है।
- त्वचा पर संपर्क करने से जलन और घाव हो सकते हैं। यदि त्वचा पर ज्यादा समय तक अमोनिया संपर्क में रहती है, तो त्वचा में जलन, खुजली और सूजन हो सकती है।
आंतरिक अंगों पर असर:
- अमोनिया गैस का अधिक मात्रा में संपर्क होने से आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंच सकता है, जैसे कि पेट या आंतों में जलन, उल्टी और दस्त। इससे गंभीर स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।
- यदि अमोनिया गैस अधिक मात्रा में शरीर में समा जाए, तो यह शरीर के विभिन्न अंगों के कार्य को प्रभावित कर सकता है।
नर्वस सिस्टम पर प्रभाव:
- लंबे समय तक अमोनिया गैस के संपर्क में आने से मानसिक स्थिति में गड़बड़ी, सिरदर्द, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
हो सकते हैं गंभीर दुष्प्रभाव:
- यदि अत्यधिक अमोनिया गैस का श्वास में समावेश होता है, तो यह जीवन के लिए खतरे का कारण बन सकता है, जिससे श्वसन संकट, असामान्य हृदय गति, और कभी-कभी मृत्यु भी हो सकती है।
सुरक्षा के उपाय:
- वेंटिलेशन: अमोनिया गैस के संपर्क में आने से बचने के लिए अच्छी वेंटिलेशन वाले स्थानों पर काम करें।
- सुरक्षा उपकरण: जब अमोनिया गैस के साथ काम करें, तो उचित सुरक्षा उपकरण (जैसे मास्क, दस्ताने और सुरक्षा चश्मा) का उपयोग करें।
- आपातकालीन प्रतिक्रिया: यदि अमोनिया गैस के संपर्क में आ जाएं, तो तुरंत ताजे हवा में जाएं, आंखों और त्वचा को धोएं और चिकित्सा सहायता प्राप्त करें।
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