कोर्ट की अनदेखी झाबुआ एसपी को पड़ी भारी, FIR के आदेश, थाना प्रभारी भी लपेटे में
Sourabh Bhatnagar | Aug 17, 2026, 11:54 IST
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गुजरात की दाहोद फैमिली कोर्ट ने झाबुआ एसपी और मेघनगर थाना प्रभारी पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। पारिवारिक विवाद में समन तामील न कराने पर पुलिस को पक्षपाती बताया गया है।
समझें क्या है पूरा मामला
- गुजरात की दाहोद फैमिली कोर्ट ने झाबुआ पुलिस पर सख्त आदेश दिया है।
- कोर्ट ने jhabua spऔर मेघनगर थाना प्रभारी पर एफआईआर दर्ज करने को कहा है।
- एक पारिवारिक विवाद में समन तामील कराने में पुलिस ने लापरवाही की है।
- 10 महीने से समन भेजे जाने पर भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
- कोर्ट ने इसे जानबूझकर विपक्षी को फायदा पहुंचाने की कोशिश बताया है।
क्या है पूरा विवाद
कोर्ट बीते 10 महीने से भूरसिंह के खिलाफ समन जारी कर रहा था। कोर्ट लगातार मेघनगर थाने को ई-मेल और पत्र भेजकर सूचना दे रहा था। इसके बावजूद पुलिस ने समन तामील कराने की कोई कार्रवाई नहीं की। इतने महीनों तक कोई जवाब नहीं मिला। आखिरकार इस लापरवाही से नाराज कोर्ट ने सख्त आदेश जारी कर दिया।
पुलिस की भारी लापरवाही
इतने लंबे समय तक समन तामील न होना गंभीर सवाल खड़े करता है। एक पारिवारिक विवाद में भी पुलिस अगर लापरवाही करती है, तो पीड़ित पक्ष को इंसाफ मिलना मुश्किल हो जाता है।
कोर्ट ने अपने आदेश में इस पूरी प्रक्रिया का विस्तार से जिक्र किया है। कोर्ट के दस्तावेजों में हर पत्र और ई-मेल की तारीख भी दर्ज है।
कोर्ट का सख्त रुख
कोर्ट ने आदेश दिया है कि दोनों अधिकारियों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही इस कार्रवाई की जानकारी भी कोर्ट को जल्द भेजने को कहा गया है।
पुलिस विभाग के लिए यह आदेश बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज करने के ऐसे आदेश कम ही देखने को मिलते हैं। यही वजह है कि यह मामला अब काफी चर्चा में है।
किन धाराओं में मामला
दूसरी धारा 223 और 255 है। यह धारा तब लगती है जब कोई अधिकारी अदालत के आदेश की अवहेलना करे। आरोपी को बचाने के लिए जानबूझकर न पकड़ना भी इसी दायरे में आता है। तीसरा प्रावधान बॉम्बे पुलिस एक्ट की धारा 145(3) है। इसके तहत पुलिस अधिकारी अगर अपने कर्तव्य में घोर उपेक्षा बरतता है। या फिर लापरवाही करता है तो केस बनता है। इन तीनों प्रावधानों को मिलाकर ही एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया गया है।
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