नौकरी दिलवाने के नाम रूममेट ने की ठगी, डेढ़ लाख में दिया फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर, ऐसे हुआ खुलासा

सीहोर जिले में एक युवक के साथ उसके रूममेट ने नौकरी के नाम पर डेढ़ लाख रुपए की ठगी की है। आरोपी रूममेट ने पीडब्ल्यूडी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से पैसे ले लिए।

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Aman Vaishnav
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मध्य प्रदेश के सीहोर जिले से नौकरी दिलवाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पीडब्ल्यूडी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और बदले में पीड़ित से डेढ़ लाख रुपए ले लिए। इसके बाद उसने फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिया, जो अब इंटरनेट पर खूब वायरल हो रहा है।

सुनवाई के दाैरान हैरान रह गए अधिकारी

कलेक्टर ऑफिस में जनसुनवाई के दौरान पीड़ित ने अपनी कहानी सुनाई। इस दौरान ऑफिस में मौजूद सभी अधिकारी  हैरान रह गए। पीड़ित ने बताया कि उसने रूम पार्टनर पर भरोसा कर अपनी पूरी जमा-पूंजी उसे दे दी थी। रूम पार्टनर ने धोखाधड़ी करते हुए उसका पैसा हजम कर लिया। इस घटना की जानकारी मंगलवार 3 फरवरी को मीडिया के सामने आई। 

कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का दिया झांसा

रूममेट ने लोक निर्माण विभाग (PWD) में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी दिलवाने का झांसा दिया था। आरोपी ने पीड़ित को फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था। ये मामला ग्राम बमुलिया का है, जहां पीड़ित विशाल परमार अपने रूम पार्टनर अरविंद वर्मा के साथ किराए के कमरे में रहता था। पीड़ित विशाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में उसने बताया कि अरविंद खुद को बैंक कर्मचारी बताकर उसे ठगने की कोशिश कर रहा था।

आरोपी रूममेट था इसलिए भरोसे में आकर जब-जब आरोपी पैसे की मांग करता विशाल उसे पैसे देता रहा ताकि एक दिन वो सरकारी नौकरी पा सके। पीड़ित के मुताबिक, 5 जनवरी 2025 को उसने 70 हजार रुपए नकद दिए और 7 फरवरी को यूपीआई से 9 हजार रुपए ट्रांसफर किए थे।

25 अप्रैल 2025 को जालसाज अरविंद ने विशाल के मोबाइल नंबर पर लोक निर्माण विभाग में कंप्यूटर ऑपरेटर की नौकरी का फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर भेजा। इस लेटर पर अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण विभाग मध्यप्रदेश की सील भी लगी हुई थी। विशाल ने यह लेटर देखकर अप्रैल महीने में बाकी के पैसेभी चुकता कर दिए थे।

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