कैलाश विजयवर्गीय ने महू से चुनाव लड़े शुक्ला को बीजेपी में आने से रोका था, उषा ठाकुर ने दिलवा दी सदस्यता
Sandeep Kumar | Apr 06, 2024, 15:17 IST
रामकिशोर शुक्ला फिर से बीजेपी में वापसी
विधानसभा चुनाव में हार के बाद एक बार फिर बीजेपी में लौट आए हैं। बीजेपी स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को महू विधायक उषा ठाकुर ने उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलवाई।
संजय गुप्ता @ INDORE. विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस से टिकट पर चुनाव लड़े रामकिशोर शुक्ला ( Ramkishore Shukla ) चुनाव में हार के बाद एक बार फिर बीजेपी में लौट गए हैं। बीजेपी स्थापना दिवस के अवसर पर शनिवार को महू विधायक उषा ठाकुर ने उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलवाई। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि उन्हें बीजेपी में आने से नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ( Kailash Vijayvargiya ) ने रोका हुआ था, लेकिन अब ठाकुर ने सदस्यता दिलवा दी है।
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कैलाश विजयवर्गीय ने कुछ समय पहले ही बीजेपी दफ्तर में बैठक में कहा था कि कांग्रेस से लगातार लोग बीजेपी में आ रहे हैं। रामकिशोर शुक्ला भी आना चाहते हैं, मैंने कहा अभी रूको यार, कुछ तो लोग कांग्रेस में रहो। लेकिन अब ठाकुर ने उन्हें सदस्यता दिलवा दी।
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कुछ समय पहले ही कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा एक में उन्हीं के विभाग नगरीय प्रशासन के अधीन आने वाले नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई को मारवाड़ी अग्रवाल नगर में उषा ठाकुर ने जाकर रूकवाया था। अधिकारियों को खुलेआम धमकियां दी गई थी। इस बात ने तूल पकड़ा तो फिर निगम अधिकारियों ने थाने में जाकर उषा पर तो नहीं लेकिन उनके समर्थकों पर शासकीय काम में बाधा का केस दर्ज करा दिया। एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने भी हमला बोला और कहा कि यह अवैध कॉलोनी उषा के भाई जंबू ठाकुर ने ही हटवाई है और भाई मोह में यह वह विरोध कर रही है। माना जा रहा है कि इसी विवाद में अब ठाकुर ने शुक्ला को बीजेपी में इंट्री दिलवा कर एक संदेश देने की कोशिश की है।
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शुक्ला पहले सालों तक बीजेपी में रहे और फिर वह विधानसभा चुनाव 2023 के पहले कांग्रेस में आ गए और टिकट भी महू विधानसभा से मिल गया था। उनके चलते कांग्रेस के टिकट कटने पर अंतर सिंह दरबार ने निर्दलीय पर्चा भर दिया । चुनाव में उषा ठाकुर को 1.02 लाख वोट मिले तो निर्दलीय लड़े दरबार को 68 हजार से ज्यादा वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस के शुक्ला तीसरे पायदान पर रहे और मात्र 29 हजार वोट मिले थे।
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धार लोकसभा सीट में आने वाली महू विधानसभा से इस बार बीजेपी ने एक लाख से ज्यादा लीड का लक्ष्य रखा हुआ है। इस लोकसभा की आठ में से पांच विधानसभा पर कांग्रेस विधायक है। ऐसे में बीजेपी ने धार और महू विधानसभा से ही बहुत अधिक लक्ष्य रखा हुआ है। अब जिस तरह से पहले दरबार और फिर अब शुक्ला बीजेपी में गए हैं। ऐसे में महू विधानसभा में कांग्रेस को यही खतरा है कि वहां उनकी पार्टी को देखेगा कौन? उषा ठाकुर को यह राहत है कि वह यहां से बड़ी जीत दर्ज कराकर अपना राजनीतिक रूतबा बनाने में मदद मिलेगी, अब महू में विरोधी पक्ष में नेता का ही टोटा हो गया है।
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विजयवर्गीय ने कहा था अभी रूको शुक्ला जी
कैलाश विजयवर्गीय ने कुछ समय पहले ही बीजेपी दफ्तर में बैठक में कहा था कि कांग्रेस से लगातार लोग बीजेपी में आ रहे हैं। रामकिशोर शुक्ला भी आना चाहते हैं, मैंने कहा अभी रूको यार, कुछ तो लोग कांग्रेस में रहो। लेकिन अब ठाकुर ने उन्हें सदस्यता दिलवा दी।
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हाल ही में विजयवर्गीय की विधानसभा में ठाकुर ने किया था विरोध
कुछ समय पहले ही कैलाश विजयवर्गीय की विधानसभा एक में उन्हीं के विभाग नगरीय प्रशासन के अधीन आने वाले नगर निगम की रिमूवल कार्रवाई को मारवाड़ी अग्रवाल नगर में उषा ठाकुर ने जाकर रूकवाया था। अधिकारियों को खुलेआम धमकियां दी गई थी। इस बात ने तूल पकड़ा तो फिर निगम अधिकारियों ने थाने में जाकर उषा पर तो नहीं लेकिन उनके समर्थकों पर शासकीय काम में बाधा का केस दर्ज करा दिया। एमआईसी सदस्य अश्विनी शुक्ला ने भी हमला बोला और कहा कि यह अवैध कॉलोनी उषा के भाई जंबू ठाकुर ने ही हटवाई है और भाई मोह में यह वह विरोध कर रही है। माना जा रहा है कि इसी विवाद में अब ठाकुर ने शुक्ला को बीजेपी में इंट्री दिलवा कर एक संदेश देने की कोशिश की है।
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चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे थे शुक्ला
शुक्ला पहले सालों तक बीजेपी में रहे और फिर वह विधानसभा चुनाव 2023 के पहले कांग्रेस में आ गए और टिकट भी महू विधानसभा से मिल गया था। उनके चलते कांग्रेस के टिकट कटने पर अंतर सिंह दरबार ने निर्दलीय पर्चा भर दिया । चुनाव में उषा ठाकुर को 1.02 लाख वोट मिले तो निर्दलीय लड़े दरबार को 68 हजार से ज्यादा वोट मिले थे, वहीं कांग्रेस के शुक्ला तीसरे पायदान पर रहे और मात्र 29 हजार वोट मिले थे।
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दरबार, शुक्ला के बाद महू में कांग्रेस कौन देखेगा
धार लोकसभा सीट में आने वाली महू विधानसभा से इस बार बीजेपी ने एक लाख से ज्यादा लीड का लक्ष्य रखा हुआ है। इस लोकसभा की आठ में से पांच विधानसभा पर कांग्रेस विधायक है। ऐसे में बीजेपी ने धार और महू विधानसभा से ही बहुत अधिक लक्ष्य रखा हुआ है। अब जिस तरह से पहले दरबार और फिर अब शुक्ला बीजेपी में गए हैं। ऐसे में महू विधानसभा में कांग्रेस को यही खतरा है कि वहां उनकी पार्टी को देखेगा कौन? उषा ठाकुर को यह राहत है कि वह यहां से बड़ी जीत दर्ज कराकर अपना राजनीतिक रूतबा बनाने में मदद मिलेगी, अब महू में विरोधी पक्ष में नेता का ही टोटा हो गया है।
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