मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का खुलासा: मेट्रो शहर के लिए थी ही नहीं, यह थोपी गई, मास्टर प्लान 1.5 साल से बना रखा
Sanjay Gupta | Feb 25, 2026, 14:12 IST
kailash vijayvargiya indore bhopal metro master plan revelation
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में खुलासा किया है कि इंदौर और भोपाल में मेट्रो को शहर पर थोपा गया है। उन्होंने मास्टर प्लान के लंबित होने पर भी बड़ी जानकारी दी है। जानें विजयवर्गीय ने क्या-क्या कहा...
INDORE. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में मेट्रो और मास्टर प्लान, दो अहम मुद्दों पर बड़े खुलासे किए हैं। कई प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के कई सवालों के जवाब में इन पर खुलासे हुए हैं।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मेट्रो की जो योजना बनाई गई, उसमें जनप्रतिनिधियों से सही तरीके से बातचीत नहीं की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों ने पहले से ही बैठकर प्लानिंग कर ली थी और फिर इसे अचानक शहर पर थोप दिया गया।
इस पर विधायक शेखावत ने भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि इस मामले में कभी विधायकों से चर्चा ही नहीं की गई और न ही कभी कैलाश विजयवर्गीय से इस पर कोई बातचीत हुई थी।
बता दें कि विजयवर्गीय ने यह जवाब कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह, भंवर सिंह शेखावत व अन्य के सवालों पर दिया है।
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि मेट्रो की प्लानिंग कभी भी शहर के लिए नहीं थी। उन्होंने बताया कि मेट्रो पर सबसे पहले मेरे हस्ताक्षर थे, लेकिन इसका उद्देश्य सिर्फ इंदौर और भोपाल को आसपास के शहरों से जोड़ना था।
विजयवर्गीय ने आगे कहा कि भोपाल मेट्रो को पहले भोपाल-विदिशा, भोपाल-रायसेन और भोपाल-होशंगाबाद के बीच चलाने की योजना थी। वहीं, इंदौर मेट्रो को इंदौर-देवास, इंदौर-महू, और इंदौर-उज्जैन के बीच चलाने का विचार था।
वहीं, बाद में कांग्रेस सरकार आई, जिन्होंने 15 महीने के अंदर योजना बनाई, भूमिपूजन किया और काम भी शुरू करवा दिया था। विजयवर्गीय ने साफ कहा कि मेट्रो की योजना कभी भी शहर के भीतर चलाने की नहीं थी।
विधायक शेखावत ने कहा कि इंदौर में मेट्रो 11 किमी तक ऐसी जगह से गुजर रही है जहां कोई बस्ती नहीं है और जगह भी खाली है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगले दस साल तक मेट्रो ऐसे ही चलेगी, क्योंकि अभी इसकी ज्यादा उपयोगिता नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो के दूसरे चरण के आने पर इसकी ज्यादा उपयोगिता होगी। दूसरे चरण में मेट्रो शहर के कई प्रमुख रास्तों से गुजरेगी, जिससे शहर में विस्तार होगा और यात्री संख्या भी बढ़ेगी।
वहीं इंदौर-भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह प्लान तो डेढ़ साल से तैयार पड़ा हुआ है। अब मुख्यमंत्री (मोहन यादव) इस पर विचार करेंगे और फिर इस पर आगे कदम बढ़ाए जाएंगे।
इस पर उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री को डेढ़ साल में समय नहीं मिला। मंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा कि मेट्रोपॉलिटन रीजन के मुद्दे के चलते इंदौर और भोपाल में इस पर फिर से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस पर विचार करेंगे और बदलाव की जरूरत हुई तो फिर इसे नए तरीके से तैयार किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़िए...
खजुराहो न्यूज: महोत्सव में पर्यटन मंत्री के भाषण पर पर्यटकों की हूटिंग: "गो बैक" के लगे नारे
दिल्ली-मुंबई को पछाड़ एमपी का खजुराहो एयरपोर्ट बना देश का नंबर-1, AAI की सर्वे में टॉप पर
MP News: CAG रिपोर्ट ने खोली एमपी शिक्षा विभाग में नियुक्ति और तबादला सिस्टम की पोल
मध्यप्रदेश गजब: क्रांतिसूर्य टंट्या भील यूनिवर्सिटी में 140 पद खाली, फिर भी चल रही पढ़ाई!
मेट्रो पर अधिकारियों ने कर ली प्लानिंग
इस पर विधायक शेखावत ने भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि इस मामले में कभी विधायकों से चर्चा ही नहीं की गई और न ही कभी कैलाश विजयवर्गीय से इस पर कोई बातचीत हुई थी।
बता दें कि विजयवर्गीय ने यह जवाब कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह, भंवर सिंह शेखावत व अन्य के सवालों पर दिया है।
मेट्रो तो शहर में लाना ही नहीं थी
विजयवर्गीय ने आगे कहा कि भोपाल मेट्रो को पहले भोपाल-विदिशा, भोपाल-रायसेन और भोपाल-होशंगाबाद के बीच चलाने की योजना थी। वहीं, इंदौर मेट्रो को इंदौर-देवास, इंदौर-महू, और इंदौर-उज्जैन के बीच चलाने का विचार था।
वहीं, बाद में कांग्रेस सरकार आई, जिन्होंने 15 महीने के अंदर योजना बनाई, भूमिपूजन किया और काम भी शुरू करवा दिया था। विजयवर्गीय ने साफ कहा कि मेट्रो की योजना कभी भी शहर के भीतर चलाने की नहीं थी।
10 साल बाद ही मेट्रो काम की
उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो के दूसरे चरण के आने पर इसकी ज्यादा उपयोगिता होगी। दूसरे चरण में मेट्रो शहर के कई प्रमुख रास्तों से गुजरेगी, जिससे शहर में विस्तार होगा और यात्री संख्या भी बढ़ेगी।
मास्टर प्लान तो बना रखा है
इस पर उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री को डेढ़ साल में समय नहीं मिला। मंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा कि मेट्रोपॉलिटन रीजन के मुद्दे के चलते इंदौर और भोपाल में इस पर फिर से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस पर विचार करेंगे और बदलाव की जरूरत हुई तो फिर इसे नए तरीके से तैयार किया जाएगा।
ये खबर भी पढ़िए...
खजुराहो न्यूज: महोत्सव में पर्यटन मंत्री के भाषण पर पर्यटकों की हूटिंग: "गो बैक" के लगे नारे
दिल्ली-मुंबई को पछाड़ एमपी का खजुराहो एयरपोर्ट बना देश का नंबर-1, AAI की सर्वे में टॉप पर
MP News: CAG रिपोर्ट ने खोली एमपी शिक्षा विभाग में नियुक्ति और तबादला सिस्टम की पोल
मध्यप्रदेश गजब: क्रांतिसूर्य टंट्या भील यूनिवर्सिटी में 140 पद खाली, फिर भी चल रही पढ़ाई!
MP कर्मचारी प्रमोशन: 10 साल बाद पदोन्नति, अब 4 साल की छूट पर अटका मामला, राज्य कर्मचारी संघ ने सीएम मोहन यादव से की मांग
By Atul Dwivedi
एमपी भाजपा में 30 सितंबर को तीन दिग्गजों की एकसाथ आमद, 236 दिन बाद मिला प्रदेश संगठन महामंत्री
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश भाजपा में अब लक्ष्मण रेखा कौन खींचेगा? चंद्रशेखर की होगी असली परीक्षा
By Ramanand Tiwari
मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत: मिनी ट्रैक्टर पर मिलेगी 50 प्रतिशत तक सब्सिडी, ऑनलाइन पोर्टल पर ऐसे करें आवेदन
By Jitendra Shrivastava
mp-top-news: खबरें काम की... ब्राह्मणों ने कभी शासन नहीं किया, नरोत्तम मिश्रा बोले खामोशी को कमजोरी न समझें
By Sanjay Dhiman
झाबुआ संयुक्त कलेक्टर अक्षय सिंह की नौकरी खतरे में, फर्जी जाति प्रमाणपत्र में ऐसे घिरे
By Sanjay Gupta
बस्तर में बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे CM साय, प्रभावित परिवारों से मिले, 10 हजार रुपए अतिरिक्त सहायता की घोषणा
By Arun Tiwari