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INDORE. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा में मेट्रो और मास्टर प्लान, दो अहम मुद्दों पर बड़े खुलासे किए हैं। कई प्रस्तावों पर चर्चा के दौरान विपक्ष के कई सवालों के जवाब में इन पर खुलासे हुए हैं।
मेट्रो पर अधिकारियों ने कर ली प्लानिंग
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मेट्रो को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मेट्रो की जो योजना बनाई गई, उसमें जनप्रतिनिधियों से सही तरीके से बातचीत नहीं की गई थी। उन्होंने यह भी कहा कि अधिकारियों ने पहले से ही बैठकर प्लानिंग कर ली थी और फिर इसे अचानक शहर पर थोप दिया गया।
इस पर विधायक शेखावत ने भी सवाल उठाए थे। उनका कहना था कि इस मामले में कभी विधायकों से चर्चा ही नहीं की गई और न ही कभी कैलाश विजयवर्गीय से इस पर कोई बातचीत हुई थी।
बता दें कि विजयवर्गीय ने यह जवाब कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह, भंवर सिंह शेखावत व अन्य के सवालों पर दिया है।
मेट्रो तो शहर में लाना ही नहीं थी
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने यह भी कहा कि मेट्रो की प्लानिंग कभी भी शहर के लिए नहीं थी। उन्होंने बताया कि मेट्रो पर सबसे पहले मेरे हस्ताक्षर थे, लेकिन इसका उद्देश्य सिर्फ इंदौर और भोपाल को आसपास के शहरों से जोड़ना था।
विजयवर्गीय ने आगे कहा कि भोपाल मेट्रो को पहले भोपाल-विदिशा, भोपाल-रायसेन और भोपाल-होशंगाबाद के बीच चलाने की योजना थी। वहीं, इंदौर मेट्रो को इंदौर-देवास, इंदौर-महू, और इंदौर-उज्जैन के बीच चलाने का विचार था।
वहीं, बाद में कांग्रेस सरकार आई, जिन्होंने 15 महीने के अंदर योजना बनाई, भूमिपूजन किया और काम भी शुरू करवा दिया था। विजयवर्गीय ने साफ कहा कि मेट्रो की योजना कभी भी शहर के भीतर चलाने की नहीं थी।
10 साल बाद ही मेट्रो काम की
विधायक शेखावत ने कहा कि इंदौर में मेट्रो 11 किमी तक ऐसी जगह से गुजर रही है जहां कोई बस्ती नहीं है और जगह भी खाली है। इस पर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगले दस साल तक मेट्रो ऐसे ही चलेगी, क्योंकि अभी इसकी ज्यादा उपयोगिता नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो के दूसरे चरण के आने पर इसकी ज्यादा उपयोगिता होगी। दूसरे चरण में मेट्रो शहर के कई प्रमुख रास्तों से गुजरेगी, जिससे शहर में विस्तार होगा और यात्री संख्या भी बढ़ेगी।
मास्टर प्लान तो बना रखा है
वहीं इंदौर-भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह प्लान तो डेढ़ साल से तैयार पड़ा हुआ है। अब मुख्यमंत्री (मोहन यादव) इस पर विचार करेंगे और फिर इस पर आगे कदम बढ़ाए जाएंगे।
इस पर उमंग सिंघार ने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री को डेढ़ साल में समय नहीं मिला। मंत्री ने इसका जवाब देते हुए कहा कि मेट्रोपॉलिटन रीजन के मुद्दे के चलते इंदौर और भोपाल में इस पर फिर से विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री इस पर विचार करेंगे और बदलाव की जरूरत हुई तो फिर इसे नए तरीके से तैयार किया जाएगा।
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