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Photograph: (the sootr)
News in Short
- खजुराहो नृत्य महोत्सव की शुरुआत में मंत्री के भाषण से दर्शक नाराज हुए।
- समारोह में दो घंटे की देरी से पर्यटक परेशान, नृत्य का इंतजार किया।
- पर्यटन राज्य मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के भाषण के दौरान दर्शकों ने "गो बैक" के नारे लगाए।
- इटली के पर्यटकों ने कहा, "हम नृत्य देखने आए थे, भाषण नहीं।"
- समारोह के बावजूद कलाकारों ने शानदार नृत्य प्रस्तुति दी, महोत्सव जारी रहेगा।
News in Detail
Khajuraho. खजुराहो का विश्व प्रसिद्ध नृत्य महोत्सव शुक्रवार को शुरू हुआ। इस महोत्सव में नृत्य, संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति होती है। हालांकि, पहले ही दिन मंच पर कुछ ऐसा हुआ, जिसने दर्शकों को चौंका दिया। यह घटना संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के भाषण के दौरान घटी।
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समारोह में देरी और बढ़ती निराशा
महोत्सव का उद्घाटन शाम 6:30 बजे तय था, लेकिन मंत्री और मुख्य अतिथि के समय पर न पहुंचने के कारण समारोह करीब दो घंटे की देरी से शुरू हुआ। इस देरी ने दर्शकों का धैर्य समाप्त कर दिया। खासतौर पर विदेशी पर्यटक जो नृत्य देखने आए थे, वे परेशान हो गए और उनकी शिकायतें बढ़ने लगीं। इस दौरान पर्यटकों ने जमकर हूटिंग भी की।
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जब विदेशी पर्यटकों का टूटा सब्र: 'गो बैक' के लगे नारे
मंच पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने करीब 16 मिनट तक अपनी बात रखी। इसके बाद सांसद वीडी शर्मा ने भी जनता को संबोधित किया। यहां तक तो जैसे-तैसे जनता ने बर्दाश्त कर लिया। असली 'खेला' तब हुआ जब प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी माइक पर आए।
जनता पहले से ही दो घंटे की देरी से चिढ़ी हुई थी। जैसे ही मंत्री लोधी ने अपना भाषण खींचना शुरू किया, भीड़ का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया। अचानक पूरे पंडाल में 'गो बैक-गो बैक' के नारे गूंजने लगे।
मंत्री का भाषण और दर्शकों की प्रतिक्रिया
भाषण के दौरान संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने अपना संबोधन देना शुरू किया। उनके भाषण के बीच दर्शकों ने 'गो बैक' (Go Back) के नारे लगाए और 'हो-हो' (Ho Ho) की आवाजें सुनाई दीं। यह देख मंत्री लोधी ने भाषण जारी रखा। वह छह मिनट तक बोले, लेकिन शोर बढ़ने पर भी उन्होंने अपनी कविता सुनाने की जिद की।
इटालियन कपल बोला: 'हम यहां कल्चर देखने आए हैं, लेक्चर नहीं'
इस पूरे हंगामे के बीच इटली के फ्लोरेंस से आए पर्यटक एलेसांद्रो का दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बड़े ही सरल शब्दों में कहा, "हम इतनी दूर से खजुराहो का माहौल महसूस करने और यहां का क्लासिकल डांस देखने आए हैं। हमें भाषणों में कोई दिलचस्पी नहीं है। हम इस अनुभव को जीना चाहते थे, लेकिन यहाँ तो वक्त की कोई कद्र ही नहीं है।" यह बयान सीधे तौर पर हमारे सिस्टम और मैनेजमेंट पर एक बड़ा सवालिया निशान है।
महोत्सव का उत्सव और समापन
मंत्री के भाषण के बावजूद मंच पर कलाकारों ने शानदार नृत्य प्रस्तुतियों के साथ महोत्सव की भव्यता बनाए रखी। दर्शकों ने रंग-बिरंगे नृत्यों का आनंद लिया। खजुराहो महोत्सव 26 फरवरी तक चलेगा, और उम्मीद की जा रही है कि आगे के कार्यक्रम बिना किसी विवाद के होंगे।
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