कैलाश विजयवर्गीय 10 दिन के अवकाश पर, गोपनीय बैठक से पहले संघ दफ्तर भी पहुंचे थे
Sanjay Gupta | Jan 27, 2026, 15:03 IST
kailash vijayvargiya leave 26 january secret meeting indore
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 10 दिन के अवकाश पर हैं। इसी बीच इंदौर रेसीडेंसी में उनकी गोपनीय बैठक और संघ दफ्तर की मुलाकात ने सियासी हलचल बढ़ा दी है।
INDORE. नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय 20 से 30 जनवरी तक छुट्टी पर हैं। यह अवकाश उन्होंने परिवार के एक करीबी सदस्य के निधन के कारण लिया है। हालांकि, इसी दौरान सोमवार 26 जनवरी की दोपहर उन्होंने गोपनीय तरीके से रेसीडेंसी में एक बैठक की। बता दें कि बैठक के एक दिन पहले वह भोपाल में संघ कार्यालय समिधा भी पहुंचे थे। इस सक्रियता के बावजूद 23 जनवरी को भोजशाला मामले और 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस आयोजन से दूरी ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
जब 21 जनवरी को यह सूचना जारी हुई कि गणतंत्र दिवस पर सभी जिलों में कौन-सा मंत्री कहां झंडा फहराएगा, तब उस सूची में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का नाम शामिल नहीं था।
सूची जारी होने के तुरंत बाद मंत्री विजयवर्गीय के कार्यालय की ओर से 20 जनवरी को एक प्रेस सूचना जारी की गई। यह सूचना उनके निज सचिव अभिमन्यु सिंह चौहान के हस्ताक्षर से जारी हुई थी।
इसमें बताया गया था कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक निकट पारिवारिक सदस्य का 20 जनवरी को निधन हो गया है। इसी कारण वे आगामी कुछ दिनों तक किसी भी आधिकारिक, सार्वजनिक अथवा सामाजिक कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाएंगे।
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रेसीडेंसी कोठी में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय सोमवार, 26 जनवरी को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक पहुंचे। वहां अलग वीआईपी लाउंज में एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के साथ एक और अधिकारी थे।
मंत्री विजयवर्गीय के साथ उनकी यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान किसी को भी वहां जाने की इजाजत नहीं थी। अवकाश के दिनों में इस मीटिंग ने सियासी हलचल मचा दी है।
इसके पहले 25 जनवरी को भोपाल में उन्होंने संघ के समिधा कार्यालय में दीपक विस्पुते से मुलाकात की थी। अचानक इंदौर से भोपाल जाकर संघ दफ्तर जाने से भी भारी हलचल हुई थी। बताया जा रहा है कि इस दौरान उनके जरिए 10 दिन की छुट्टी लेने की वजह और सियासी मामलों को लेकर लंबी चर्चा हुई थी।
भागीरथपुरा कांड के दौरान उनके एक शब्द को लेकर मीडिया से विवाद हो गया था। विवाद के बाद वह अचानक 3 जनवरी को दिल्ली गए थे। वहां से लौटने के बाद उन्होंने मीडिया में बयान देने से दूरी बना ली थी। फिर वह 8 जनवरी को भोपाल बीजेपी दफ्तर गए थे। यहां उन्होंने सुरक्षा घेरे के बीच निजता बनाए रखते हुए संगठन मंत्री हितानंद शर्मा के साथ लंबी बातचीत की थी।
वहीं हितानंद शर्मा इसके पहले भागीरथपुरा कांड पर डैमेज कंट्रोल के लिए 3 जनवरी को बीजेपी दफ्तर इंदौर आए थे। यहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा, एमआईसी मेंबर बबलू शर्मा और पार्षद कमल वाघेला के साथ बंद कमरे में बैठक ली थी। इसमें नसीहत यही थी कि शांति रखो और कोई भी बयानबाजी न की जाए। इसके बाद ही सभी नेता बयान देने में सतर्क हो गए हैं।
इसी दौरान मंत्री पुत्र और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय का एक ट्वीट (X) भी खासा चर्चा में रहा था। इसे 10 जनवरी को ट्वीट किया गया था। इसमें उन्होंने एक तरह से विरोधियों को चेतावनी दी थी।
इसमें कहा गया था कि एक बात साफ करना चाहता हूं। मैदान में खड़े हैं। सेवा में लगे हैं। इसका मतलब यह कतई नहीं कि दोषी हैं। बुरे वक्त में साथ देने की पुरानी आदत है। एक बार स्थिति सामान्य हो जाए, फिर इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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10 दिन के अवकाश की ऐसे दी थी सूचना
सूची जारी होने के तुरंत बाद मंत्री विजयवर्गीय के कार्यालय की ओर से 20 जनवरी को एक प्रेस सूचना जारी की गई। यह सूचना उनके निज सचिव अभिमन्यु सिंह चौहान के हस्ताक्षर से जारी हुई थी।
इसमें बताया गया था कि मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक निकट पारिवारिक सदस्य का 20 जनवरी को निधन हो गया है। इसी कारण वे आगामी कुछ दिनों तक किसी भी आधिकारिक, सार्वजनिक अथवा सामाजिक कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो पाएंगे।
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इधर, रेसीडेंसी में की एक घंटे बैठक
मंत्री विजयवर्गीय के साथ उनकी यह बैठक करीब एक घंटे तक चली। इस दौरान किसी को भी वहां जाने की इजाजत नहीं थी। अवकाश के दिनों में इस मीटिंग ने सियासी हलचल मचा दी है।
द सूत्र ने आईएएस क्षितिज सिंघल से चर्चा की तो उन्होंने मीटिंग की बात को माना है। साथ ही, उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर ही मंत्रीजी के साथ चर्चा हुई थी। शहर के विकास के कई मुद्दे इस चर्चा में थे। गौरतलब है कि इस विकास कार्यों की बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा, संभागायुक्त सुदाम पी खाड़े व अन्य अधिकारी कोई भी नहीं था। माना जा रहा है कि यह बैठक पूरी तरह से भागीरथपुरा की स्थितियों को लेकर थी।
एक दिन पहले संघ के दफ्तर गए थे मंत्री
इन दो अहम आयोजनों में नहीं दिखे मंत्री इसके पहले मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दो अहम मौकों पर नजर नहीं आए थे। एक, 23 जनवरी को भोजशाला का संवेदनशील मुद्दा था। वह धार जिले के प्रभारी मंत्री हैं, लेकिन इस दौरान न तो उनका कोई बयान सामने आया और ना ही वह धार गए थे। वहीं 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस से भी उन्होंने दूरी बनाकर रखी थी।
इसके पहले दिल्ली और भोपाल की यह बैठक अहम थी
वहीं हितानंद शर्मा इसके पहले भागीरथपुरा कांड पर डैमेज कंट्रोल के लिए 3 जनवरी को बीजेपी दफ्तर इंदौर आए थे। यहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव, नगराध्यक्ष सुमित मिश्रा, एमआईसी मेंबर बबलू शर्मा और पार्षद कमल वाघेला के साथ बंद कमरे में बैठक ली थी। इसमें नसीहत यही थी कि शांति रखो और कोई भी बयानबाजी न की जाए। इसके बाद ही सभी नेता बयान देने में सतर्क हो गए हैं।
मंत्री पुत्र का यह ट्वीट भी आया था चर्चा में
इसमें कहा गया था कि एक बात साफ करना चाहता हूं। मैदान में खड़े हैं। सेवा में लगे हैं। इसका मतलब यह कतई नहीं कि दोषी हैं। बुरे वक्त में साथ देने की पुरानी आदत है। एक बार स्थिति सामान्य हो जाए, फिर इस पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
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