करवा चौथ पर कब निकलेगा चांद? जानें व्रत खोलने के लिए कितना करना होगा इंतजार

Kaushiki | Oct 28, 2026, 14:06 IST
Share
मध्य प्रदेश के शहरों में कब निकलेगा चांद<br>
मध्य प्रदेश के शहरों में कब निकलेगा चांद

करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को सबसे ज्यादा इंतजार चांद निकलने का रहता है। 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर चांद कितने बजे निकलेगा और महिलाएं कब अपना व्रत खोल सकेंगी? इस सवाल का जवाब नेशनल अवॉर्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने दिया है।

सारिका ने बताया कि मध्यप्रदेश के अलग-अलग शहरों में चांद निकलने का समय भी अलग होगा। प्रदेश में सबसे पहले सिंगरौली और सबसे आखिर में आलीराजपुर में चांद निकलेगा। वहीं, राजधानी भोपाल में रात 8 बजकर 26 मिनट पर चंद्रोदय शुरू होगा। हालांकि, चांद निकलने और उसे आंखों से देखने के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है।

मध्यप्रदेश में चांद निकलने का समय
मध्यप्रदेश में चांद निकलने का समय

भोपाल में रात 8 बजकर 26 मिनट पर निकलेगा चांद

विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के मुताबिक, इस बार करवा चौथ पर भोपाल में रात 8 बजकर 26 मिनट पर चांद निकलना शुरू होगा। यानी इस समय चंद्रमा क्षितिज पर दिखाई देने की स्थिति में आना शुरू करेगा हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ठीक 8 बजकर 26 मिनट पर हर महिला को अपनी छत या आंगन से चांद दिखने लगेगा। चंद्रमा को पूरी तरह क्षितिज से ऊपर आने में करीब तीन मिनट का समय लगेगा।

इसके अलावा आसपास ऊंची इमारतें, पेड़ या बादल होने पर चांद देखने के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। सारिका ने बताया कि ऐसी स्थिति में तय समय से करीब 10 से 15 मिनट बाद चंद्रदर्शन हो सकता है।

करवा चौथ 2026: पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं क्या करें? शुक्र अस्त का क्या है असर? | Karwa Chauth 2026: What should first-time fasting women do? What is the effect of Venus being combust?
क्या इस बार नई दुल्हनें नहीं रख पाएंगी पहला करवा चौथ? व्रत को लेकर क्यों बनी असमंजस की स्थिति, जानें क्या करें और क्या नहीं
27 Oct 2026 ,
By Kaushiki
करवा चौथ का त्योहार शादीशुदा महिलाओं के लिए खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस साल करवा चौथ को लेकर नई शादीशुदा महिलाओं के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। इसकी वजह शुक्र ग्रह के अस्त होने से जुड़ी ज्योतिषीय मान्यताएं हैं।
करवा चौथ का त्योहार शादीशुदा महिलाओं के लिए खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस साल करवा चौथ को लेकर नई शादीशुदा महिलाओं के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। इसकी वजह शुक्र ग्रह के अस्त होने से जुड़ी ज्योतिषीय मान्यताएं हैं।

सिंगरौली में सबसे पहले और आलीराजपुर में सबसे आखिर में चंद्रोदय

सारिका घारू ने बताया कि मध्यप्रदेश के सभी शहरों में चांद एक ही समय पर नहीं निकलता है। इसकी वजह पृथ्वी का गोल आकार और उसका अपनी धुरी पर घूमना है। उनके मुताबिक, मध्यप्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित सिंगरौली में सबसे पहले चंद्रोदय होगा। यहां रात 8 बजकर 1 मिनट पर चांद निकलना शुरू होगा। वहीं, प्रदेश के पश्चिमी छोर पर बसे आलीराजपुर में सबसे आखिर में चंद्रोदय होगा।

यहां रात करीब 8 बजकर 41 मिनट पर चांद निकलेगा। राजधानी भोपाल इन दोनों शहरों के बीच स्थित है। इसलिए यहां चंद्रोदय का समय रात 8 बजकर 26 मिनट बताया गया है। सारिका के मुताबिक, अलग-अलग शहरों की भौगोलिक स्थिति के कारण चांद निकलने के समय में यह अंतर आता है।

चांद निकलने और दिखाई देने में क्यों होता है अंतर?

करवा चौथ पर अक्सर महिलाएं इंटरनेट या पंचांग में दिए गए समय के अनुसार चांद का इंतजार करती हैं। लेकिन कई बार तय समय बीतने के बाद भी चांद दिखाई नहीं देता। सारिका घारू ने इसके पीछे की वैज्ञानिक वजह समझाई है।

उन्होंने बताया कि Moonrise Time यानी चंद्रोदय का समय वह होता है, जब चंद्रमा क्षितिज से ऊपर आना शुरू करता है। क्षितिज वह जगह है, जहां दूर से देखने पर धरती और आसमान मिलते हुए दिखाई देते हैं।

जब चांद क्षितिज पर निकलना शुरू करता है, तब जरूरी नहीं कि वह तुरंत हमारी आंखों के सामने भी आ जाए। अगर सामने कोई ऊंची इमारत, पेड़ या दूसरी रुकावट है तो चंद्रमा को देखने में अतिरिक्त समय लग सकता है। इसी तरह बादल होने पर भी चांद देर से दिखाई दे सकता है।

इंटरनेट पर दिया समय हर शहर के लिए सही नहीं होता

सारिका घारू ने बताया कि इंटरनेट या पंचांग पर मिलने वाले चंद्रोदय के समय को लेकर भी लोगों को एक बात समझनी चाहिए। कई बार किसी पंचांग में दिया गया समय उस स्थान के अनुसार होता है, जहां से उसका प्रकाशन किया गया है।

ऐसे में जरूरी नहीं कि वही समय दूसरे शहर के लिए भी सही हो। मसलन, भोपाल में चंद्रोदय रात 8 बजकर 26 मिनट पर शुरू होगा, लेकिन सिंगरौली में यह समय 8 बजकर 1 मिनट है।

इसी तरह आलीराजपुर में चांद निकलने के लिए रात 8 बजकर 41 मिनट तक इंतजार करना होगा। इसलिए सारिका ने महिलाओं को अपने शहर के अनुसार Moonrise Timing देखने की सलाह दी है।

पूर्वी जिलों में पहले क्यों दिखाई देता है चांद?

सारिका घारू ने बताया कि पृथ्वी अपनी धुरी पर पश्चिम से पूर्व दिशा में घूमती है। इसी वजह से पूर्व दिशा में स्थित स्थानों पर आकाशीय पिंडों का उदय पश्चिमी स्थानों की तुलना में पहले होता है। मध्यप्रदेश में भी यही स्थिति देखने को मिलती है।

प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित सिंगरौली में चंद्रोदय पहले होगा, जबकि पश्चिमी हिस्से में स्थित आलीराजपुर में बाद में होगा। सारिका के मुताबिक, शहरों की देशांतर रेखाओं में अंतर होने के कारण चंद्रोदय के समय में बदलाव आता है। यही वजह है कि एक ही प्रदेश में चांद निकलने के समय में करीब 40 मिनट का अंतर देखने को मिल रहा है।

क्या अविवाहित लड़कियां भी रख सकती हैं करवा चौथ का व्रत? जानें पूरी मान्यता | Can unmarried girls also observe Karwa Chauth fast? Know the complete belief
क्या कुंवारी लड़कियां भी रख सकती हैं करवा चौथ का व्रत? जानें धार्मिक मान्यताएं, पूजा की परंपरा और व्रत के नियम
28 Oct 2026 ,
By Kaushiki
करवा चौथ हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। खासकर उत्तर भारत में यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में इसकी खास मान्यता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन आजकल एक सवाल अक्सर पूछा जाता है।
करवा चौथ हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। खासकर उत्तर भारत में यह पर्व बड़े उत्साह से मनाया जाता है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में इसकी खास मान्यता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए व्रत रखती हैं। लेकिन आजकल एक सवाल अक्सर पूछा जाता है।

भोपाल में कितने बजे तैयार रखें पूजा की थाली?

सारिका घारू के मुताबिक, भोपाल में करवा चौथ पर रात 8 बजकर 26 मिनट से चंद्रोदय शुरू होगा। चंद्रमा को क्षितिज से पूरी तरह ऊपर आने में करीब तीन मिनट लगेंगे। इसके बाद भी यदि सामने इमारतें, पेड़ या बादल हैं तो चांद देखने में करीब 10 से 15 मिनट की अतिरिक्त देरी हो सकती है।

ऐसे में भोपाल में व्रत रखने वाली महिलाएं रात 8 बजकर 26 मिनट तक अपनी पूजा की थाली तैयार रख सकती हैं। हालांकि, चांद का वास्तविक Moon Visibility समय आसपास की परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।

सारिका ने बताया कि चंद्रोदय के समय और आंखों से चांद दिखाई देने के समय में अंतर को समझना जरूरी है। इससे महिलाओं को चंद्रदर्शन का इंतजार करते समय सही जानकारी मिल सकेगी।

करवा चौथ पर चंद्रदर्शन का इतना महत्व क्यों?

करवा चौथ पर विवाहित महिलाएं पारंपरिक रूप से अपने पति की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखती हैं। इस पर्व में चंद्रदर्शन का विशेष महत्व होता है।

महिलाएं चांद निकलने का इंतजार करती हैं और चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद परंपरा के अनुसार अपना व्रत खोलती हैं। यही वजह है कि करवा चौथ के दिन चंद्रोदय का समय जानने को लेकर लोगों में खास उत्सुकता रहती है। सारिका घारू ने चंद्रदर्शन से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी देकर बताया है कि चांद के क्षितिज पर निकलने और वास्तव में दिखाई देने में अंतर क्यों आता है।

इस बार 29 अक्टूबर को भोपाल में रात 8 बजकर 26 मिनट, सिंगरौली में रात 8 बजकर 1 मिनट और आलीराजपुर में रात करीब 8 बजकर 41 मिनट पर चंद्रोदय शुरू होने का समय बताया गया है। ये समय सारिका घारू की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक हैं।

चंद्रमा का मन पर असर: धार्मिक मान्यताएं और वैज्ञानिक तथ्य जानें | Effect of Moon on Mind: Know Religious Beliefs and Scientific Facts
क्या चंद्रमा को केवल निहारने से शांत होता है मन? जानें आपकी मानसिक स्थिति पर चांद का अनदेखा असर
28 Oct 2026 ,
By Kaushiki
हिंदू धर्म में चंद्रमा को विशेष महत्व दिया जाता है। करवा चौथ, शरद पूर्णिमा और कई दूसरे व्रत-त्योहार चंद्रमा से जुड़े हैं। इन अवसरों पर चांद निकलने का इंतजार किया जाता है। कहीं चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है तो कहीं चांदनी में खीर रखने की परंपरा है।
हिंदू धर्म में चंद्रमा को विशेष महत्व दिया जाता है। करवा चौथ, शरद पूर्णिमा और कई दूसरे व्रत-त्योहार चंद्रमा से जुड़े हैं। इन अवसरों पर चांद निकलने का इंतजार किया जाता है। कहीं चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है तो कहीं चांदनी में खीर रखने की परंपरा है।
Tags:
  • करवा चौथ 2026
  • Karwa Chauth 2026
  • मध्य प्रदेश करवा चौथ चंद्रोदय
  • भोपाल में चांद निकलने का समय
  • सिंगरौली में चंद्रोदय समय
  • मध्य प्रदेश के शहरों में चंद्रोदय
  • Bhopal Moonrise Time
  • सारिका घारू
  • Sarika Gharu
राजस्थान में 9,643 पटवार भवनों की मरम्मत के लिए सिर्फ 37 लाख, एक भवन के हिस्से में महज ₹384

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में 9,643 पटवार भवनों की मरम्मत के लिए सिर्फ 37 लाख, एक भवन के हिस्से में महज ₹384
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की एसीएस संजय दुबे की तरीफ, बोले- रिटायरमेंट के बाद बहुत अच्छे नेता हो सकते हैं

By Sanjay Gupta

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने की एसीएस संजय दुबे की तरीफ, बोले- रिटायरमेंट के बाद बहुत अच्छे नेता हो सकते हैं
Cyclone Arnab को लेकर रेलवे ने जारी किया अलर्ट, यात्री तुरंत पढ़ लें यह जरूरी एडवाइजरी

By Harrison Masih

Cyclone Arnab को लेकर रेलवे ने जारी किया अलर्ट, यात्री तुरंत पढ़ लें यह जरूरी एडवाइजरी
छत्तीसगढ़ स्कूल छुट्टी : चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण कहां बंद रहेंगे स्कूल, 29 अक्टूबर का क्या है अपडेट?

By Umeshwari Baghel

छत्तीसगढ़ स्कूल छुट्टी : चक्रवाती तूफान अर्नब के कारण कहां बंद रहेंगे स्कूल, 29 अक्टूबर का क्या है अपडेट?
राजस्थान के 11 मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की शिकायतें, जयपुर में जूनियर्स पर सीनियर्स के नियम थोपने का आरोप, कार्रवाई का हिसाब बाकी

By Raghvendra Singh Rathore

राजस्थान के 11 मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की शिकायतें, जयपुर में जूनियर्स पर सीनियर्स के नियम थोपने का आरोप, कार्रवाई का हिसाब बाकी
करवा चौथ को धीरेंद्र शास्त्री ने बताया खसम पूजन दिवस, बोले- एक दिन व्रत रखकर सालभर ताने मारती हैं पत्नियां

By Manya Jain

करवा चौथ को धीरेंद्र शास्त्री ने बताया खसम पूजन दिवस, बोले- एक दिन व्रत रखकर सालभर ताने मारती हैं पत्नियां
राजस्थान में अफसरों की मनमानी पर चला सरकार का डंडा, 17 का इंक्रीमेंट रोका, 16 की पेंशन पर चली कैंची

By Jageshwar Prasad

राजस्थान में अफसरों की मनमानी पर चला सरकार का डंडा, 17 का इंक्रीमेंट रोका, 16 की पेंशन पर चली कैंची