राजस्थान के 11 मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की शिकायतें, जयपुर में जूनियर्स पर सीनियर्स के नियम थोपने का आरोप, कार्रवाई का हिसाब बाकी

Raghvendra Singh Rathore | Oct 28, 2026, 15:10 IST
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राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की 11 शिकायतें, NMC ने मांगी जांच रिपोर्ट
राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की 11 शिकायतें, NMC ने मांगी जांच रिपोर्ट

राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की 11 शिकायतें सामने आई हैं। जयपुर, पाली और जोधपुर से आई नई शिकायतों में जूनियर छात्रों को देर रात हॉस्टल में बुलाने, अपमानित करने और धमकाने के आरोप हैं। NMC ने जांच और छात्रों की सुरक्षा के निर्देश दिए हैं। अब सवाल है कि कितने मामलों में कार्रवाई हुई।

राजस्थान के मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग की शिकायतों ने जूनियर छात्रों की सुरक्षा और हॉस्टल की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मौजूदा शैक्षणिक सत्र में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (NMC) को प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों से रैगिंग की कुल 11 शिकायतें मिली हैं। इनमें तीन नई शिकायतें जयपुर, पाली और जोधपुर के मेडिकल कॉलेजों से सामने आई हैं।

इन शिकायतों में प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों को देर रात हॉस्टल में बुलाने, अपमानित करने, धमकाने और सीनियर छात्रों के बनाए नियमों का पालन करने के लिए मजबूर करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। कुछ शिकायतों में कपड़े उतरवाने, अशोभनीय गतिविधियां करवाने और विरोध करने वाले छात्रों का सामाजिक बहिष्कार करने की बात भी सामने आई है।

मामलों की गंभीरता को देखते हुए NMC ने संबंधित मेडिकल कॉलेजों को निष्पक्ष जांच करने, जरूरी सबूत सुरक्षित रखने और शिकायत करने वाले छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि 11 शिकायतें सामने आने के बाद अब तक किसी भी मामले में जांच पूरी नही हुई है।

जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में सीनियर्स के नियम मानने का दबाव

जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के साथ कथित रैगिंग की शिकायत सामने आई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि सीनियर छात्र जूनियर्स को हॉस्टल के कमरों में बुलाकर उन पर अपने बनाए नियमों का पालन करने का दबाव डालते थे।

जूनियर छात्रों को शारीरिक रूप से अपमानित करने, उनकी आवाजाही पर पाबंदियां लगाने और दूसरे छात्रों की ओर से उपस्थिति दर्ज कराने के लिए मजबूर करने के आरोप भी लगाए गए हैं। शिकायत में सीनियर्स की ओर से बनाए गए नियमों को छात्रों के बीच प्रसारित करने की बात भी कही गई है।

NMC ने कॉलेज प्रशासन को डिजिटल रिकॉर्ड, उपस्थिति संबंधी दस्तावेज और अन्य जरूरी सबूत सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाए। शिकायत करने वाले किसी भी छात्र को पढ़ाई या हॉस्टल से जुड़ी सुविधाओं में प्रताड़ना का सामना नहीं करना पड़े।

पाली में कपड़े उतरवाने और वीडियो कॉल पर रैगिंग के आरोप

पाली के राजकीय मेडिकल कॉलेज में जूनियर छात्रों के साथ कथित रैगिंग की शिकायत में गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार, सीनियर छात्र जूनियर्स को हॉस्टल के कमरों में बुलाते थे। वहां उनके साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया जाता था और अपमानजनक गतिविधियां करने के लिए दबाव बनाया जाता था। कुछ छात्रों को कथित तौर पर कपड़े खोलने या उतारने के लिए मजबूर करने और वीडियो कॉल के माध्यम से रैगिंग करने के आरोप भी हैं।

शिकायतकर्ता ने हॉस्टल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को भी अपर्याप्त बताया है। छात्र ने कार्रवाई के डर से अपनी पहचान गोपनीय रखने की मांग की। इस मामले में NMC ने कॉलेज प्रशासन से 24 घंटे के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट मांगी थी। आयोग ने एंटी-रैगिंग कमेटी और एंटी-रैगिंग स्क्वॉड की जांच, हॉस्टल वार्डन और सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी तथा छात्रों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का विवरण भी तलब किया।

जोधपुर में रात 10:30 से सुबह 3:30 बजे तक रैगिंग का आरोप

जोधपुर के JIET मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के बॉयज हॉस्टल को लेकर 23 अक्टूबर को एक अभिभावक ने NMC से शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रथम वर्ष के एमबीबीएस छात्रों को रात करीब 10:30 बजे से सुबह 3:30 बजे तक हॉस्टल के गलियारों में बुलाया जाता था। इस दौरान छात्रों से बार-बार अपना परिचय देने और सीनियर्स की व्यक्तिगत जानकारी याद करने के लिए कहा जाता था।

अभिभावक ने जूनियर छात्रों के साथ गाली-गलौज और अशोभनीय गतिविधियां करवाने के आरोप भी लगाए। शिकायत में यह भी कहा गया कि एक छात्र ने इन गतिविधियों में शामिल होने से इनकार किया तो कथित तौर पर पूरे बैच के स्तर पर उसका सामाजिक बहिष्कार किया गया।

पहले कोटा, बीकानेर, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ से भी शिकायतें

रैगिंग की शिकायतों का मामला केवल जयपुर, पाली और जोधपुर तक सीमित नहीं है। इससे पहले 10 से 17 अक्टूबर के बीच प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों से रैगिंग की शिकायतें सामने आई थीं। इनमें कोटा के राजकीय मेडिकल कॉलेज, जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज, भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज, चित्तौड़गढ़ मेडिकल कॉलेज, बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज और जयपुर के ESIC मेडिकल कॉलेज के मामले शामिल थे।

इन शिकायतों में जूनियर छात्रों को धमकाने, अपमानित करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए थे। इसके बाद दौसा के पंडित नवल किशोर शर्मा मेडिकल कॉलेज से भी शिकायत सामने आई। यहां प्रथम वर्ष के एक छात्र ने देर रात प्रताड़ना, मोबाइल फोन छीनने और शिकायत करने पर सामाजिक बहिष्कार तथा पढ़ाई में नुकसान पहुंचाने की धमकी देने के आरोप लगाए थे।

भीलवाड़ा में सीसीटीवी फुटेज और छह महीने की बैठकों का रिकॉर्ड तलब

भीलवाड़ा मेडिकल कॉलेज की शिकायत में जूनियर छात्रों को परीक्षा में फेल कराने, कक्षाओं में बैठने से रोकने और जबरन बाल कटवाने की धमकी देने जैसे आरोप सामने आए थे। NMC ने कॉलेज से संबंधित सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के साथ पिछले छह महीने में हुई एंटी-रैगिंग कमेटी, एंटी-रैगिंग स्क्वॉड और हॉस्टल कमेटी की बैठकों का रिकॉर्ड मांगा था।

आयोग ने हॉस्टल की निगरानी, सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटी और शिकायतों पर हुई कार्रवाई का विवरण भी तलब किया। इस मामले में कॉलेज की एंटी-रैगिंग कमेटी से जुड़े डॉ. अनुपम बंसल ने शिकायत मिलने की पुष्टि की थी। उन्होंने उस समय जांच शुरू करने के लिए बैठक नहीं होने की बात भी कही थी।

पंजाब की ₹1.44 लाख करोड़ की पानी रॉयल्टी मांग पर राजस्थान का इनकार, जल विवाद गहराया | Rajasthan Refuses Punjab's ₹1.44 Lakh Crore Water Royalty Demand, Water Dispute Deepens
राजस्थान से ₹1.44 लाख करोड़ की रॉयल्टी मांगेगा पंजाब, भगवंत मान के बयान से बढ़ा पानी विवाद
28 Oct 2026 ,
By Jyoti Mahender Bhardwaj
राजस्थान को मिलने वाले नहरी पानी पर पंजाब ने एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। पंजाब सरकार ने आजादी से पहले हुए समझौते का हवाला देकर राजस्थान से 1.44 लाख करोड़ रुपये की रॉयल्टी मांगी है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने विधानसभा के विशेष सत्र में यह मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि राजस्थान पंजाब से मुफ्त पानी लेकर आगे इस्तेमाल करता है। दूसरी तरफ, राजस्थान सरकार पहले ही इस मांग को खारिज कर चुकी है। अब विधानसभा में प्रस्ताव पेश होने के बाद दोनों राज्यों के बीच पानी को लेकर सियासी टकराव बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
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चित्तौड़गढ़ में छात्राओं की सुरक्षा पर उठे सवाल

चित्तौड़गढ़ के राजकीय मेडिकल कॉलेज में प्रथम वर्ष की छात्राओं के साथ कथित रैगिंग और मानसिक प्रताड़ना का मामला भी सामने आया था। शिकायत के अनुसार, सीनियर छात्राएं जूनियर छात्राओं को हॉस्टल की दूसरी मंजिलों पर बुलाकर अपमानजनक गतिविधियां करने के लिए मजबूर करती थीं। कुछ घटनाएं आधी रात के बाद तक जारी रहने का आरोप लगाया गया।

NMC ने कॉलेज से हॉस्टल वार्डन की ड्यूटी, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी फुटेज और एंटी-रैगिंग कमेटी की कार्रवाई का विवरण मांगा था। आयोग ने शिकायत करने वाली छात्राओं की पहचान गोपनीय रखने और उन्हें किसी भी तरह की प्रताड़ना से बचाने के निर्देश भी दिए।

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देश में खनिजों की कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश तांबे के उत्पादन में आगे है, छत्तीसगढ़ लौह अयस्क और टिन के लिए जाना जाता है, तो राजस्थान सीसा-जस्ता जैसे खनिजों के मामले में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसके बावजूद भारत को हर साल बड़ी मात्रा में धातुओं और अयस्कों का विदेशों से आयात करना पड़ता है।
देश में खनिजों की कोई कमी नहीं है। मध्यप्रदेश तांबे के उत्पादन में आगे है, छत्तीसगढ़ लौह अयस्क और टिन के लिए जाना जाता है, तो राजस्थान सीसा-जस्ता जैसे खनिजों के मामले में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसके बावजूद भारत को हर साल बड़ी मात्रा में धातुओं और अयस्कों का विदेशों से आयात करना पड़ता है।

डॉक्टर्स संगठन ने मुख्यमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग

मेडिकल कॉलेजों में लगातार सामने आ रही शिकायतों को लेकर यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट (UDF) ने भी चिंता जताई है। संगठन ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, चिकित्सा शिक्षा निदेशालय और पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन भेजकर मामलों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराने की मांग की।

UDF के अध्यक्ष डॉ. लक्ष्य मित्तल ने कहा था कि मेडिकल कॉलेजों में रैगिंग को सीनियर-जूनियर परिचय या कॉलेज की परंपरा बताकर उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और लापरवाही साबित होने पर डीन तथा प्रिंसिपल की जवाबदेही तय करने की मांग की

भ्रष्टाचार पर भजनलाल सरकार का कड़ा प्रहार: 17 मौजूदा और 16 रिटायर्ड अधिकारियों पर कार्रवाई, वेतन वृद्धि और पेंशन रोकी गई | Bhajanlal Government's Strong Stance Against Corruption: Action Against 17 Current and 16 Retired Officers, Salary Increments and Pensions Halted
राजस्थान में अफसरों की मनमानी पर चला सरकार का डंडा, 17 का इंक्रीमेंट रोका, 16 की पेंशन पर चली कैंची
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राजस्थान में भ्रष्टाचार, माफिया से सांठगांठ और काम में लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर भजनलाल सरकार का डंडा चला है। सरकार ने एक साथ 33 मौजूदा और रिटायर्ड अधिकारियों पर कार्रवाई की है। इनमें 17 अफसरों की सैलरी बढ़ोतरी रोक दी गई है, जबकि रिटायर हो चुके 16 अधिकारियों की पेंशन रोकने या उसमें कटौती करने का फैसला लिया गया है।
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हॉस्टल में देर रात रैगिंग के आरोप, निगरानी कौन कर रहा था?

जयपुर, पाली, जोधपुर और अन्य मेडिकल कॉलेजों की शिकायतों में एक समान बात सामने आती है। अधिकांश आरोप हॉस्टल के भीतर जूनियर छात्रों को बुलाने, देर रात गतिविधियां करवाने और सीनियर्स के दबाव से जुड़े हैं। इससे हॉस्टल वार्डन, सुरक्षाकर्मियों और एंटी-रैगिंग स्क्वॉड की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठते हैं।

पाली मेडिकल कॉलेज का अनोखा फैसला: नए MBBS बैच के आते ही सीनियर्स को 15 दिन की छुट्टी, रैगिंग रोकने का अनूठा तरीका | Pali Medical College's Unique Decision: Seniors Get 15 Days Leave Upon New MBBS Batch Arrival, A Novel Way to Prevent Ragging
पाली मेडिकल कॉलेज का अनोखा फैसला, नए MBBS बैच के आते ही सीनियर्स की 15 दिन छुट्टी
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