जयपुर में टोल के 20 किमी दायरे में रहने वालों को मिलेगा सालाना पास, 1 नवंबर से नई व्यवस्था
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 28, 2026, 14:14 IST
जयपुर में टोल पास के नए नियम लागू
जयपुर में टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले वाहन मालिकों को अब हर महीने टोल पास बनवाने की परेशानी से राहत मिलने वाली है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने सालाना पास की नई व्यवस्था अधिसूचित की है, जो 1 नवंबर से लागू होगी। इसके तहत टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले पात्र वाहन मालिक सालभर के लिए पास बनवा सकेंगे। टोल की लोकेशन के हिसाब से पास की फीस 1,500 या 3,000 रुपये होगी। इससे लोगों को हर महीने पास रिन्यू कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सालाना खर्च में भी बचत होगी।
1 नवंबर से मिलेगा सालाना टोल पास
मंत्रालय ने नए नियम अधिसूचित कर दिए हैं। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन मालिक एक बार फीस देकर पूरे साल के लिए पास बनवा सकेंगे। इससे हर महीने पास रिन्यू कराने की जरूरत नहीं रहेगी।
पास उन्हीं वाहन मालिकों को मिलेगा जो तय नियमों के तहत पात्र होंगे। पास की फीस इस बात पर निर्भर करेगी कि संबंधित टोल प्लाजा नगरपालिका या नगर सीमा के भीतर है या बाहर।
टोल की लोकेशन के हिसाब से तय होगी फीस
इस तरह अलग-अलग टोल प्लाजा के आसपास रहने वाले वाहन मालिकों को उनकी लोकेशन के हिसाब से पास लेना होगा। नई व्यवस्था का मकसद स्थानीय लोगों को बार-बार मासिक पास बनवाने से राहत देना है।
जयपुर के आसपास कई ऐसे इलाके हैं, जहां टोल प्लाजा के पास आवासीय कॉलोनियां और औद्योगिक क्षेत्र विकसित हो चुके हैं। ऐसे इलाकों से रोजाना शहर आने-जाने वाले लोगों के लिए सालाना पास उपयोगी साबित हो सकता है।
सालाना पास से कितनी होगी बचत?
नई व्यवस्था में बचत सालाना पास की फीस पर निर्भर करेगी।
- 1,500 रुपये वाले पास पर: सालभर में 2,820 रुपये की बचत होगी। यह मौजूदा खर्च के मुकाबले करीब 65 प्रतिशत कम है।
- 3,000 रुपये वाले पास पर: सालभर में 1,320 रुपये की बचत होगी। यह मौजूदा खर्च के मुकाबले करीब 31 प्रतिशत कम है।
कालवाड़ और लालपुरा के आसपास रहने वालों को फायदा
शहर के विस्तार के साथ कई आवासीय इलाके टोल प्लाजा के आसपास आ गए हैं। ऐसे में स्थानीय लोगों को रोजाना आवाजाही के दौरान टोल से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सालाना पास का लाभ लेने के लिए संबंधित वाहन मालिक को तय 20 किलोमीटर के दायरे और अन्य पात्रता नियमों को पूरा करना होगा। किस तरह से निवास और वाहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच होगी, इसकी विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी संबंधित नियमों के आधार पर देखनी होगी।
ठीकरिया टोल के आसपास भी बड़ी आबादी
ऐसे में टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले पात्र वाहन मालिकों को सालाना पास से राहत मिल सकती है। उन्हें हर महीने 360 रुपये खर्च करने के बजाय एक बार सालाना फीस देनी होगी।
किसी इलाके के टोल के नजदीक होने भर से पास मिलने की पुष्टि नहीं होती। संबंधित टोल की नगर सीमा की स्थिति और वाहन मालिक की पात्रता के आधार पर ही फीस और पास तय होगा।
शिवदासपुरा टोल के आसपास बसीं कॉलोनियां
ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले पात्र वाहन मालिकों के लिए सालाना पास की व्यवस्था राहत दे सकती है। हर महीने पास रिन्यू कराने की जरूरत नहीं होगी और सालभर के खर्च में भी बचत होगी।
फिर भी, शिवदासपुरा टोल के आसपास रहने वाले सभी लोगों को अपने आप पास मिलने की बात नहीं कही जा सकती। लाभ उन्हीं वाहन मालिकों को मिलेगा जो नई व्यवस्था के तहत तय शर्तों को पूरा करेंगे।
बैरियर-लेस टोलिंग की भी तैयारी
बैरियर-लेस टोलिंग को लेकर लागू होने की तारीख और पूरी प्रक्रिया का विवरण नहीं दिया गया है। इसलिए इसे सालाना पास की 1 नवंबर से शुरू होने वाली व्यवस्था से अलग समझना जरूरी है। सालाना पास को लेकर फिलहाल मुख्य बदलाव यह है कि पात्र स्थानीय वाहन मालिकों को मासिक पास के बजाय सालभर का पास लेने का विकल्प मिलेगा।
आगे क्या?
सबसे पहले यह देखना जरूरी होगा कि टोल प्लाजा नगर सीमा के भीतर है या बाहर, क्योंकि इसी आधार पर सालाना फीस 1,500 या 3,000 रुपये तय होगी। इसके बाद पास बनवाने की प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी संबंधित विभाग से लेनी होगी। नई व्यवस्था से पात्र लोगों को सालभर में करीब 31 से 65 प्रतिशत तक बचत हो सकती है। साथ ही हर महीने पास रिन्यू कराने की परेशानी भी खत्म होगी।
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