क्या इस बार नई दुल्हनें नहीं रख पाएंगी पहला करवा चौथ? व्रत को लेकर क्यों बनी असमंजस की स्थिति, जानें क्या करें और क्या नहीं

Kaushiki | Oct 27, 2026, 11:16 IST
Share
करवा चौथ पर नवविवाहिताओं के पहले व्रत पर संशय, जानें क्या है मान्यता
करवा चौथ पर नवविवाहिताओं के पहले व्रत पर संशय, जानें क्या है मान्यता

करवा चौथ का त्योहार शादीशुदा महिलाओं के लिए खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। इस साल करवा चौथ को लेकर नई शादीशुदा महिलाओं के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। इसकी वजह शुक्र ग्रह के अस्त होने से जुड़ी ज्योतिषीय मान्यताएं हैं।

कुछ महिलाओं को पहला व्रत शुरू करने से बचने की सलाह दी जा रही है। वहीं पहले से नियमित व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए अलग मान्यताएं बताई जा रही हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं क्या करें?

करवाचौथ 2026 चांद निकलने का समय
करवाचौथ 2026 चांद निकलने का समय

करवा चौथ 2026 की तारीख और पूजा मुहूर्त

  • करवा चौथ की तिथि: 29 अक्टूबर
  • पूजा का मुहूर्त: शाम 5:51 बजे से 7:07 बजे तक
  • उज्जैन में चंद्रोदय: रात 8:38 बजे
  • शहरों के मुताबिक चंद्रोदय के समय में अंतर हो सकता है।
करवा चौथ के दिन चांद निकलने का समय महत्वपूर्ण माना जाता है। महिलाएं परंपरा मुताबिक चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत पूरा करती हैं।

पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का सही समय जानने के लिए अपने शहर का स्थानीय पंचांग देखें।

करवा चौथ के पहले व्रत को लेकर क्यों है संशय?

कार्तिक मास के करवा चौथ के दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। यह त्योहार उत्तर भारत में विशेष रूप से मनाया जाता है। हालांकि इस साल पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के सामने एक नई उलझन है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, शुक्र ग्रह के अस्त होने की स्थिति का असर शुभ कार्यों पर पड़ सकता है। इसी कारण कुछ महिलाएं करवा चौथ का पहला व्रत शुरू करने को लेकर असमंजस में हैं।

दरअसल, हिंदू ज्योतिष में शुक्र ग्रह को विवाह और वैवाहिक सुख से जोड़ा जाता है। इसलिए शुक्र अस्त की अवधि में कुछ शुभ कार्यों से बचने की परंपरा रही है। हालांकि इस बारे में अलग-अलग परिवारों और क्षेत्रों की धार्मिक मान्यताएं अलग हो सकती हैं।

करवा चौथ 2026: चांद कब निकलेगा, पूजा का शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम जानें | Karwa Chauth 2026: Know When the Moon Will Appear, Auspicious Puja Timing, and Important Rules
Karwa Chauth 2026: रात को कितने बजे दिखेगा करवा चौथ का चांद, भूलकर भी न करें ये गलती, वरना टूट सकता है नियम
22 Oct 2026 ,
By Kaushiki
<b>Karwa Chauth 2026:</b> हर सुहागिन महिला को करवा चौथ का बेसब्री से इंतजार रहता है। यह त्योहार पति-पत्नी के रिश्ते को बहुत मजबूत बनाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। दिनभर पानी की एक बूंद भी नहीं पीती हैं। शाम को पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। पंचांग के मुताबिक, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी 29 अक्टूबर को है। इसलिए करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को ही रखा जाएगा। आइए जानें पूजा का शुभ मुहूर्त...
<b>Karwa Chauth 2026:</b> हर सुहागिन महिला को करवा चौथ का बेसब्री से इंतजार रहता है। यह त्योहार पति-पत्नी के रिश्ते को बहुत मजबूत बनाता है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। दिनभर पानी की एक बूंद भी नहीं पीती हैं। शाम को पूजा करके चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है। पंचांग के मुताबिक, कार्तिक कृष्ण चतुर्थी 29 अक्टूबर को है। इसलिए करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर 2026 को ही रखा जाएगा। आइए जानें पूजा का शुभ मुहूर्त...

शुक्र अस्त होने से क्या बदल सकता है?

ज्योतिषीय मान्यताओं में शुक्र अस्त होने के दौरान विवाह जैसे कुछ मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। करवा चौथ के पहले व्रत को लेकर भी कुछ ज्योतिषाचार्य इसी मान्यता का हवाला दे रहे हैं।

ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि जिन महिलाओं की हाल ही में शादी हुई है और जो पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने जा रही हैं, उन्हें परिवार की परंपरा के मुताबिक निर्णय लेना चाहिए।

कुछ महिलाओं को पहले व्रत की शुरुआत न करने की सलाह भी दी जा रही है। हालांकि यह धार्मिक मान्यता का विषय है। शुक्र ग्रह के अस्त होने से व्रत रखने पर कोई वैज्ञानिक नुकसान होता है, इसका प्रमाण नहीं है।

पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं क्या करें?

पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाएं अक्सर इस दिन की तैयारियां पहले से शुरू कर देती हैं। शादी के बाद पहला करवा चौथ होने के कारण परिवार में भी उत्साह रहता है।

कई घरों में इस अवसर पर विशेष पूजा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम किए जाते हैं। लेकिन इस साल शुक्र अस्त से जुड़ी मान्यताओं के कारण कुछ परिवारों में संशय बना हुआ है।

ज्योतिषीय सलाह के मुताबिक नए व्रत का संकल्प लेने से पहले परिवार की धार्मिक परंपरा को ध्यान में रखना चाहिए। जिन घरों में शुक्र अस्त के दौरान मांगलिक कार्यों से बचने की परंपरा है, वहां परिवार के बुजुर्गों या धार्मिक जानकारों से सलाह ली जा सकती है। वहीं जिन परिवारों में ऐसी कोई परंपरा नहीं है, वहां इस विषय में अलग निर्णय लिया जा सकता है।

नियमित करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को छूट

उज्जैन के ज्योतिर्विद पंडित आनंदशंकर व्यास के मुताबिक, जो महिलाएं कई वर्षों से करवा चौथ का व्रत रख रही हैं, उन्हें इसे जारी रखने पर सामान्यतः रोक नहीं है। उन्होंने बताया कि परंपरा के अनुसार व्रत और पूजन करने की अनुमति रहती है।

यानी जो महिलाएं पहले से हर साल करवा चौथ का व्रत करती आई हैं, उनके लिए इस साल भी व्रत जारी रखने की मान्यता बताई गई है। हालांकि नए मांगलिक संकल्प और उद्यापन को लेकर अलग सलाह दी गई है।

इससे साफ है कि पहले से चले आ रहे व्रत और पहली बार शुरू किए जाने वाले व्रत को कुछ धार्मिक परंपराओं में अलग-अलग माना जाता है।

करवा चौथ 2023: लक्ष्मी नारायण राजयोग में ऐसे रखें निर्जला व्रत, पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए खास टिप्स | Karwa Chauth 2023: How to observe Nirjala Vrat in rare Lakshmi Narayan Rajyog, special tips for first-time fasting women
29 अक्टूबर का करवाचौथ क्यों है खास, क्या पूजा में पड़ेगा भद्रा का साया, जानें आपके शहर में चंद्रोदय का सही समय
25 Oct 2026 ,
By Kaushiki
करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। पंचांग के मुताबिक, यह व्रत हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आता है। इस साल यह पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस बार का करवाचौथ बेहद खास रहने वाला है।
करवाचौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बहुत पवित्र माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। पंचांग के मुताबिक, यह व्रत हर साल कार्तिक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को आता है। इस साल यह पर्व 29 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, इस बार का करवाचौथ बेहद खास रहने वाला है।

करवा चौथ पर उद्यापन करना चाहिए या नहीं?

करवा चौथ से जुड़ा एक महत्वपूर्ण धार्मिक कार्य उद्यापन भी होता है। उद्यापन का संबंध व्रत के संकल्प और उससे जुड़ी धार्मिक परंपराओं से होता है। अलग-अलग परिवारों में इसकी विधि अलग हो सकती है।

उज्जैन के ज्योतिर्विद पंडित आनंदशंकर व्यास के मुताबिक, शुक्र अस्त की अवधि में नए मांगलिक संकल्प और उद्यापन से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिनके करवा चौथ व्रत का इस वर्ष उद्यापन होना है, उन्हें शुक्र अस्त के दौरान इसे टालने की सलाह दी जाती है।

मान्यता के मुताबिक, उद्यापन शुभ तिथि पर किया जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में उद्यापन करने वाली महिलाएं अपने परिवार की परंपरा और धार्मिक मार्गदर्शन के अनुसार अगली शुभ तिथि का चयन कर सकती हैं।

करवा चौथ में चंद्रमा का क्या महत्व है?

करवा चौथ पर चंद्रमा की पूजा करने की परंपरा है। महिलाएं दिनभर व्रत रखने के बाद रात में चंद्रमा के दर्शन करती हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोला जाता है।

इस अवसर पर महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनती हैं और परिवार की परंपरा के अनुसार पूजा करती हैं। कई परिवारों में सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। कुछ क्षेत्रों में सामूहिक पूजा की भी परंपरा है।

क्या शुक्र अस्त का वैज्ञानिक असर भी होता है?

ज्योतिष में शुक्र अस्त को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। लेकिन खगोल विज्ञान में शुक्र अस्त होने का अर्थ ग्रह की सूर्य के सापेक्ष दिखाई देने की स्थिति से जुड़ा है। इसका विवाह या व्रत के शुभ-अशुभ परिणामों से संबंध वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित नहीं है।

इसलिए करवा चौथ का पहला व्रत रखने या उद्यापन करने का फैसला धार्मिक आस्था और पारिवारिक परंपरा के आधार पर लिया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं को लेकर अलग-अलग ज्योतिषाचार्यों की राय भी भिन्न हो सकती है।

फिलहाल शुक्र अस्त की मान्यता के कारण पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं के बीच संशय है। दूसरी ओर नियमित व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए परंपरा मुताबिक व्रत जारी रखने की छूट बताई गई है। ऐसे में नई शादीशुदा महिलाएं परिवार की परंपरा और अपनी आस्था के मुताबिक निर्णय ले सकती हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी पूरी तरह से सही या सटीक होने का हम कोई दावा नहीं करते हैं। ज्यादा और सही डिटेल्स के लिए, हमेशा उस फील्ड के एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।

FAQs:

  1. पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को क्या करना चाहिए?
    पहली बार करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं को परिवार की धार्मिक परंपरा के अनुसार निर्णय लेना चाहिए। यदि परिवार में शुक्र अस्त के दौरान मांगलिक कार्यों से बचने की परंपरा है, तो परिवार के बुजुर्गों या धार्मिक जानकारों से सलाह लेने की सिफारिश की जाती है।
  2. करवा चौथ 2026 के लिए पूजा मुहूर्त और चंद्रोदय का समय क्या है?
    करवा चौथ 2026 की तिथि 29 अक्टूबर है। पूजा का मुहूर्त शाम 5:51 बजे से 7:07 बजे तक रहेगा और उज्जैन में चंद्रोदय रात 8:38 बजे होगा।
  3. शुक्र अस्त होने का व्रतों पर क्या प्रभाव होता है?
    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र ग्रह के अस्त होने पर कुछ मांगलिक कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसके वैज्ञानिक प्रभाव का कोई प्रमाण नहीं है, और महिलाओं को अपने परिवार की परंपरा और आस्था के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।
Tags:
  • करवा चौथ 2026
  • करवा चौथ व्रत
  • शुक्र अस्त
  • नवविवाहित महिलाएं
  • करवा चौथ पूजा मुहूर्त
  • करवा चौथ चंद्रोदय
  • Karwa Chauth 2026
  • Shukra Ast
  • First Karwa Chauth
  • Karwa Chauth Vrat Rules
राजस्थान के सरकारी बालिका छात्रावास में 40 छात्राओं ने लगाए छेड़छाड़ के आरोप, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल

By Raghvendra Singh Rathore

राजस्थान के सरकारी बालिका छात्रावास में 40 छात्राओं ने लगाए छेड़छाड़ के आरोप, पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
राजस्थान में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, 29-30 अक्टूबर को 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट

By Jyoti Mahender Bhardwaj

राजस्थान में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर, 29-30 अक्टूबर को 18 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
GST अफसर की कमाई एक करोड़, खर्च पौने चार करोड़! लोकायुक्त के छापे में निकली संपत्तियों की कुंडली

By Neel Tiwari

GST अफसर की कमाई एक करोड़, खर्च पौने चार करोड़! लोकायुक्त के छापे में निकली संपत्तियों की कुंडली
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को मिलेंगे 7 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी, जानें कौन-कौन हैं लिस्ट में

By Kaushiki

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को मिलेंगे 7 नए जज, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने दी मंजूरी, जानें कौन-कौन हैं लिस्ट में
हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन में ब्यूरोक्रेसी का दखल: डॉक्टरों के पदों पर अफसरों की तैनाती से IMA भड़का, आर-पार की जंग का ऐलान

By VINAY VERMA

हेल्थ एडमिनिस्ट्रेशन में ब्यूरोक्रेसी का दखल: डॉक्टरों के पदों पर अफसरों की तैनाती से IMA भड़का, आर-पार की जंग का ऐलान
IAS-IPS परिवार की संपत्तियों का मामला, ढाई साल में एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदे

By Jyoti Mahender Bhardwaj

IAS-IPS परिवार की संपत्तियों का मामला, ढाई साल में एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदे
देवास शराब कांड: 9 दिन से फरार मुख्य आरोपी विनोद समेत 10 गिरफ्तार, आज देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस

By Aman Vaishnav

देवास शराब कांड: 9 दिन से फरार मुख्य आरोपी विनोद समेत 10 गिरफ्तार, आज देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस