IAS-IPS परिवार की संपत्तियों का मामला, ढाई साल में एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदे
Jyoti Mahender Bhardwaj | Oct 27, 2026, 10:26 IST
40 विला-कॉटेज की खरीद और IPR में अंतर का दावा
IAS शिखर अग्रवाल और IPS प्रशाखा माथुर के परिवार ने उदयपुर और अलवर में 40 विला-कॉटेज खरीदे।सभी संपत्तियां उसी कंपनी को लीज पर देने से सालाना 1.80 करोड़ रुपये की आय होने का दावा है।रिपोर्ट में IPR में दर्ज संपत्तियों को लेकर अंतर बताया गया है, लेकिन अधिकारियों का पक्ष और आधिकारिक पुष्टि सामने आना बाकी है।
राजस्थान कैडर के सीनियर आईएएस अधिकारी शिखर अग्रवाल और उनकी आईपीएस पत्नी प्रशाखा माथुर के परिवार की संपत्ति को लेकर एक रिपोर्ट में कई सवाल उठाए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दंपती, उनके दोनों बेटों और सास-ससुर ने करीब ढाई साल के भीतर एक ही कंपनी से 40 विला-कॉटेज खरीदे। इनकी कुल खरीद कीमत 6 करोड़ 16.5 लाख रुपये बताई गई है। खास बात यह है कि खरीदी गई सभी संपत्तियां उसी कंपनी को लीज पर दे दी गईं, जिससे हर साल 1.80 करोड़ रुपये मिलने का दावा है। संपत्तियों के रिकॉर्ड और अधिकारियों के सालाना प्रॉपर्टी रिटर्न के बीच भी अंतर सामने आने की बात कही गई है।
परिवार ने उदयपुर के बुझड़ा स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 कॉटेज सितंबर 2023 में खरीदे। इसके बाद मार्च 2026 में अलवर जिले के अजबगढ़ स्थित अनंता रिसॉर्ट में 20 विला की खरीद हुई। दोनों जगहों पर संपत्तियां गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड से खरीदी गईं। कंपनी देशभर में अनंता नाम से रिसॉर्ट और होटल संचालित करती है।
सभी 40 विला-कॉटेज की कुल कीमत 6 करोड़ 16.5 लाख रुपये बताई गई है। बुझड़ा के 20 कॉटेज की रजिस्ट्री 29 सितंबर 2023 को उप पंजीयक कार्यालय बारापाल में हुई, जबकि अजबगढ़ के 20 विला की रजिस्ट्री 27 मार्च 2026 को उप पंजीयक कार्यालय प्रतापगढ़ में कराई गई।
शिखर अग्रवाल, प्रशाखा माथुर, उनकी सास मंजुला और ससुर रघुवंश नारायण माथुर ने रजिस्ट्री कराई। दोनों बेटों की ओर से रजिस्ट्री प्रशाखा माथुर ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए कराई।
विला-कॉटेज की खरीद के साथ ही उन्हें गोयल फैशंस प्राइवेट लिमिटेड को लीज पर देने के दस्तावेज भी रजिस्टर्ड कराए गए। बुझड़ा के प्रत्येक कॉटेज के लिए सालाना 4 लाख रुपये और अजबगढ़ के प्रत्येक विला के लिए 5 लाख रुपये लीज राशि तय होने की जानकारी दी गई है। इस हिसाब से कंपनी से हर साल कुल 1.80 करोड़ रुपये की लीज आय होने का दावा है।
शिखर अग्रवाल और प्रशाखा माथुर के नाम कुल 28 विला-कॉटेज हैं। इनमें से शिखर अग्रवाल ने 7 जनवरी 2026 को दाखिल अपने सालाना इम्मूवेबल प्रॉपर्टी रिटर्न (IPR) में 14 संपत्तियों का उल्लेख किया था। वहीं, प्रशाखा माथुर के 8 जनवरी 2026 के IPR में संपत्ति की जानकारी शून्य बताई गई है, जबकि उनके नाम भी 14 विला-कॉटेज हैं।
शिखर अग्रवाल राजस्थान सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव हैं। उनके पास उद्योग, एमएसएमई, सरकारी उपक्रम, दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर और निवेश एवं प्रवासी राजस्थानी मामलों से जुड़े विभाग हैं। वे रीको और राजसिको से जुड़े पदों की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। उनकी पत्नी प्रशाखा माथुर प्रदेश में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हैं और योजना, आधुनिकीकरण एवं कल्याण का काम देख रही हैं।
इस मामले में संपत्तियों की खरीद, लीज समझौतों और दोनों अधिकारियों के IPR में दर्ज जानकारी के बीच बताए गए अंतर पर स्पष्टीकरण महत्वपूर्ण होगा। उपलब्ध विवरण में अधिकारियों का पक्ष शामिल नहीं है। इसलिए इन तथ्यों के आधार पर किसी अनियमितता को साबित हुआ नहीं माना जा सकता। मामले में संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया और दस्तावेजों का आधिकारिक सत्यापन अहम रहेगा।
अलवर और उदयपुर में खरीदे गए विला-कॉटेज
खरीद पर 6.16 करोड़ से ज्यादा खर्च
शिखर अग्रवाल, प्रशाखा माथुर, उनकी सास मंजुला और ससुर रघुवंश नारायण माथुर ने रजिस्ट्री कराई। दोनों बेटों की ओर से रजिस्ट्री प्रशाखा माथुर ने पावर ऑफ अटॉर्नी के जरिए कराई।
कंपनी को लीज पर दीं सभी संपत्तियां
शिखर अग्रवाल के IPR में 14 संपत्तियां दर्ज
अहम पदों पर तैनात हैं दोनों अधिकारी
आगे क्या?
देवास शराब कांड: 9 दिन से फरार मुख्य आरोपी विनोद समेत 10 गिरफ्तार, आज देवास कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेगी कांग्रेस
By Aman Vaishnav
सीएम विष्णुदेव साय का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम: नियुक्ति पत्र वितरण और समीक्षा बैठकों पर रहेगा खास जोर
By Harrison Masih
एमपी पुलिस में कागजी छुट्टी का खेल खत्म: अब मोबाइल से होगा फैसला, e-HRMS पोर्टल से ही मिलेगी मंजूरी
By Aman Vaishnav
क्रिएटर्स सावधान! सिर्फ 36 रुपए में सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बना रहे सुपारी किलर, वेबसाइटों की जांच में चौंकाने वाले दावे
By Amresh Kushwaha
आज भोपाल में ही रहेंगे सीएम मोहन यादव, कैबिनेट बैठक के बाद छात्रों से करेंगे संवाद, जानें सीएम का पूरा शेड्यूल
By Kaushiki
मोहन कैबिनेट में आज 21 प्रस्तावों पर चर्चा, 6 साल पुराने गेहूं के मामले और नए पदों पर हो सकता है फैसला
By Sourabh Bhatnagar
भोपाल मेट्रो का 7 दिन का खर्च निकालने में लग रहे 100 दिन, यात्रियों की कमी से बिगड़ा कमाई का गणित
By Sandeep Kumar