एमपी पुलिस में कागजी छुट्टी का खेल खत्म: अब मोबाइल से होगा फैसला, e-HRMS पोर्टल से ही मिलेगी मंजूरी

Aman Vaishnav | Oct 27, 2026, 09:27 IST
Share
मप्र पुलिस में अब कागजी आवेदन बंद, सभी पुलिसकर्मियों को e-HRMS पोर्टल के जरिए ही ऑनलाइन छुट्टी मिलेगी।
मप्र पुलिस में अब कागजी आवेदन बंद, सभी पुलिसकर्मियों को e-HRMS पोर्टल के जरिए ही ऑनलाइन छुट्टी मिलेगी।

मध्यप्रदेश पुलिस में अब कागज पर लिखकर छुट्टी लेने का पुराना तरीका पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अब केवल e-HRMS पोर्टल के लीव मॉड्यूल से ही छुट्टी की अर्जी लगानी होगी। वहीं से मंजूरी मिलेगी। शासन के आदेश पर यह व्यवस्था 1 जुलाई 2026 से ही शुरू की गई थी, लेकिन कई इकाइयां अभी भी पुराने ढर्रे पर चल रही थीं।

मुख्यालय ने सख्त लहजे में कहा है कि अब किसी भी हाल में ऑफलाइन आवेदन मंजूर नहीं किए जाएंगे। जो भी छुट्टी स्वीकृत होगी वह सीधे इसी पोर्टल के जरिए ही होगी।

एमपी पुलिस ऑनलाइन छुट्टी नियम

प्रदेश शासन के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में 1 जुलाई 2026 से ही e-HRMS Portal के जरिए ऑनलाइन छुट्टी लेने का नियम लागू कर दिया गया था। इसके लिए पुलिसकर्मियों को बाकायदा ट्रेनिंग भी दी गई थी। साथ ही इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए थे।

इसके बावजूद कई पुलिस इकाइयां पुराने तरीके से ही काम कर रही थीं। वहीं जब 7 अक्टूबर को डीजीपी ने विभाग के कामकाज की समीक्षा की, तो पता चला कि कई इकाइयों ने अपने कर्मचारियों की बची हुई छुट्टियों का हिसाब यानी लीव बैलेंस पोर्टल पर दर्ज ही नहीं किया था। वहीं कुछ इकाइयों ने कर्मचारियों की छुट्टियों का डेटा तो पोर्टल पर अपलोड कर दिया था, लेकिन वहां से छुट्टी के आवेदन लेने और उन्हें मंजूरी देने या निपटाने की प्रक्रिया शुरू नहीं की थी।

12 लाख में पटवारी बनाने का झांसा देकर 50 लाख की ठगी, ग्वालियर में फर्जी नियुक्ति पत्र और वेरिफिकेशन का खुलासा | 50 Lakhs Duped by Promising Patwari Jobs for 12 Lakhs Each, Fake Appointment Letters and Verification Revealed in Gwalior
12 लाख में पटवारी बनाने की डील! ज्वाइनिंग लेटर थमाया, कलेक्ट्रेट में वेरिफिकेशन भी कराया, युवाओं से 50 लाख की ठगी
26 Oct 2026 ,
By Amresh Kushwaha
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए ऐंठ लिए गए हैं। हर उम्मीदवार से नौकरी के बदले 12 लाख रुपए मांगे गए थे। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने खुद को व्यापमं और एसटीएफ से जुड़ा बताया था।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। सात बेरोजगार युवाओं को पटवारी बनाने का झांसा देकर करीब 50 लाख रुपए ऐंठ लिए गए हैं। हर उम्मीदवार से नौकरी के बदले 12 लाख रुपए मांगे गए थे। भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने खुद को व्यापमं और एसटीएफ से जुड़ा बताया था।

डीजीपी ने जताई नाराजगी

समीक्षा बैठक में ये खामियां सामने आने के बाद डीजीपी ने कड़ी नाराजगी जताई। इसके तुरंत बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया और सभी इकाइयों को अल्टीमेटम जारी कर दिया। मुख्यालय ने साफ निर्देश दिए हैं कि बची हुई छुट्टियों का डेटा तुरंत पोर्टल पर अपलोड किया जाए। साथ ही, मध्यप्रदेश पुलिस छुट्टी नियम (MP Police Leave Rules) के तहत लागू ऑनलाइन व्यवस्था को पूरी तरह शुरू किया जाए।

पुलिस मुख्यालय की कार्मिक शाखा ने इस संबंध में सख्त आदेश जारी किया है। इस आदेश को स्पेशल डीजी ने मंजूरी दी है। प्रदेश की सभी पुलिस इकाइयों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।

ऑनलाइन व्यवस्था से क्या-क्या बड़े फायदे होंगे?

  • रिकॉर्ड में गड़बड़ी करना होगा मुश्किल: छुट्टियों और हाजिरी का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। इससे बाद में रिकॉर्ड में बदलाव करके गड़बड़ी करने की गुंजाइश कम हो जाएगी।
  • मोबाइल पर ही देख सकेंगे छुट्टियों का हिसाब: सिपाही से लेकर बड़े अधिकारी तक, सभी अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर देख सकेंगे कि उनके खाते में कितनी छुट्टियां बची हैं। साथ ही, छुट्टी के लिए दिए गए आवेदन का स्टेटस भी आसानी से पता कर सकेंगे।
  • दफ्तरों की दौड़ से मुक्ति: पुलिसकर्मियों को छुट्टी मंजूर कराने के लिए बाबू या रक्षित केंद्र के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
  • ड्यूटी मैनेजमेंट में आसानी: त्योहारों, वीआईपी ड्यूटी और कानून-व्यवस्था के मौकों पर पुलिस मुख्यालय एक क्लिक में यह देख सकेगा कि मैदान में असल में कितना पुलिस बल उपलब्ध है।

यह खबर क्यों जरूरी है?

यह खबर इसलिए अहम है, क्योंकि इससे पुलिस विभाग के काम करने का पुराना तरीका बदल जाएगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से कामकाज में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। पहले सिपाहियों को अपनी बची हुई छुट्टियों का हिसाब जानने या एक दिन की छुट्टी मंजूर कराने के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते थे। इससे उनका काफी समय भी बर्बाद होता था।

अब नए सिस्टम के जरिए पुलिसकर्मी अपने मोबाइल से ही छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। वे अपने आवेदन का स्टेटस भी आसानी से देख सकेंगे। इसके अलावा, छुट्टियों के रिकॉर्ड में गड़बड़ी होने की आशंका भी कम होगी।

इसका एक और बड़ा फायदा त्योहारों और वीआईपी ड्यूटी के दौरान मिलेगा। ऐसे मौकों पर पुलिस मुख्यालय को यह पता रहेगा कि मैदान में कितने जवान ड्यूटी के लिए उपलब्ध हैं। इससे पुलिस की तैनाती बेहतर तरीके से की जा सकेगी। साथ ही, प्रदेश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद मिलेगी।

आयुष विभाग में फर्जी सर्टिफिकेट पर नियुक्तियां: जांच कमेटी की रिपोर्ट को मंत्री ने किया खारिज, मचा बवाल | Appointments on Fake Certificates in AYUSH Department: Minister Rejects Investigation Committee's Report, Controversy Erupts
एमपी आयुष विभाग में नियुक्तियों पर उठे सवाल, जांच कमेटी ने प्रमाण पत्रों में गड़बड़ी बताई, मंत्री ने कहा- सब सही
26 Oct 2026 ,
By Atul Dwivedi
मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर आप आराम से नौकरी कर सकते हैं। यकीन न हो तो मध्यप्रदेश के आयुष विभाग को देख लीजिए। यहां परीक्षा के बाद जॉइन हुए अधिकारियों के दस्तावेजों और अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच हुई। जांच कमेटी ने पाया कि कुछ अधिकारियों के सर्टिफिकेट सही नहीं हैं। यानी मामला गड़बड़ है, कार्रवाई होनी चाहिए।
मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर आप आराम से नौकरी कर सकते हैं। यकीन न हो तो मध्यप्रदेश के आयुष विभाग को देख लीजिए। यहां परीक्षा के बाद जॉइन हुए अधिकारियों के दस्तावेजों और अनुभव प्रमाण पत्रों की जांच हुई। जांच कमेटी ने पाया कि कुछ अधिकारियों के सर्टिफिकेट सही नहीं हैं। यानी मामला गड़बड़ है, कार्रवाई होनी चाहिए।
Tags:
  • मध्यप्रदेश पुलिस विभाग
  • मध्यप्रदेश पुलिस
  • मध्यप्रदेश पुलिस छुट्टी नियम
  • MP Police Leave Rules
  • e-HRMS Portal
  • एमपी पुलिस ऑनलाइन छुट्टी नियम
क्रिएटर्स सावधान! सिर्फ 36 रुपए में सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बना रहे सुपारी किलर, वेबसाइटों की जांच में चौंकाने वाले दावे

By Amresh Kushwaha

क्रिएटर्स सावधान! सिर्फ 36 रुपए में सोशल मीडिया अकाउंट को निशाना बना रहे सुपारी किलर, वेबसाइटों की जांच में चौंकाने वाले दावे
आज भोपाल में ही रहेंगे सीएम मोहन यादव, कैबिनेट बैठक के बाद छात्रों से करेंगे संवाद, जानें सीएम का पूरा शेड्यूल

By Kaushiki

आज भोपाल में ही रहेंगे सीएम मोहन यादव, कैबिनेट बैठक के बाद छात्रों से करेंगे संवाद, जानें सीएम का पूरा शेड्यूल
मोहन कैबिनेट में आज 21 प्रस्तावों पर चर्चा, 6 साल पुराने गेहूं के मामले और नए पदों पर हो सकता है फैसला

By Sourabh Bhatnagar

मोहन कैबिनेट में आज 21 प्रस्तावों पर चर्चा, 6 साल पुराने गेहूं के मामले और नए पदों पर हो सकता है फैसला
भोपाल मेट्रो का 7 दिन का खर्च निकालने में लग रहे 100 दिन, यात्रियों की कमी से बिगड़ा कमाई का गणित

By Sandeep Kumar

भोपाल मेट्रो का 7 दिन का खर्च निकालने में लग रहे 100 दिन, यात्रियों की कमी से बिगड़ा कमाई का गणित
12 लाख में पटवारी बनाने की डील! ज्वाइनिंग लेटर थमाया, कलेक्ट्रेट में वेरिफिकेशन भी कराया, युवाओं से 50 लाख की ठगी

By Amresh Kushwaha

12 लाख में पटवारी बनाने की डील! ज्वाइनिंग लेटर थमाया, कलेक्ट्रेट में वेरिफिकेशन भी कराया, युवाओं से 50 लाख की ठगी
28 साल पुराने शिक्षाकर्मी भर्ती मामले में बड़ा खुलासा,22 आरोपियों ने की 320 पदों की भर्ती में गड़बड़ी,

By Arun Tiwari

28 साल पुराने शिक्षाकर्मी भर्ती मामले में बड़ा खुलासा,22 आरोपियों ने की 320 पदों की भर्ती में गड़बड़ी,
नर्मदा नदी में मिले वोटर कार्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट इंदौर कलेक्टर ने चुनाव आयोग को भेजी

By Sanjay Gupta

नर्मदा नदी में मिले वोटर कार्ड की प्रारंभिक रिपोर्ट इंदौर कलेक्टर ने चुनाव आयोग को भेजी