2026 के अंत तक खजुराहो में छह लाख पर्यटकों के पहुंचने की उम्मीद, पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बनेगी 500 करोड़ की योजना
Kaushiki | Oct 28, 2026, 10:19 IST
खजुराहो के पर्यटन को लगेंगे पंख, दिल्ली-आगरा-जयपुर सर्किट से जोड़ने की तैयारी
मध्य प्रदेश का खजुराहो एक बार फिर पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। यहां हर साल बड़ी संख्या में देश और विदेश से पर्यटक पहुंच रहे हैं। इसी को देखते हुए खजुराहो में पर्यटन को और बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। सरकार की योजना है कि खजुराहो को दिल्ली, आगरा और जयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाए। इसके लिए करीब 500 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित की गई है।
अच्छी बात यह है कि खजुराहो में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। साल 2024 में जहां 4.89 लाख पर्यटक पहुंचे थे। वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 5.47 लाख हो गई। यानी एक साल में करीब 58 हजार पर्यटक बढ़े। साल 2026 में अब तक 5.12 लाख पर्यटक खजुराहो घूम चुके हैं।
अनुमान है कि साल खत्म होने तक यह संख्या छह लाख के पार पहुंच सकती है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां नई सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
खजुराहो अपनी खूबसूरत मंदिर वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध है। यहां के मंदिरों को देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े बताते हैं कि खजुराहो घूमने आने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है।
साल 2024 में खजुराहो में 4.89 लाख पर्यटक आए थे। इसके बाद साल 2025 में यह संख्या बढ़कर 5.47 लाख हो गई। इस तरह सिर्फ एक साल में करीब 58 हजार पर्यटक बढ़ गए। साल 2026 में भी पर्यटकों की अच्छी संख्या देखने को मिली है।
इस साल अब तक 5.12 लाख पर्यटक खजुराहो पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा छह लाख को पार कर जाएगा। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को खजुराहो के पर्यटन क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। इससे साफ है कि देश और विदेश के लोगों की इस ऐतिहासिक शहर में दिलचस्पी बनी हुई है।
खजुराहो में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की जा रही है। इसके तहत खजुराहो को दिल्ली, आगरा और जयपुर के प्रसिद्ध पर्यटन सर्किट से जोड़ने का प्रस्ताव है। दिल्ली, आगरा और जयपुर का यह पर्यटन मार्ग देश-विदेश के पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भारत आने पर इन तीन शहरों की यात्रा करते हैं।
अब प्रयास किया जा रहा है कि इस पर्यटन मार्ग में खजुराहो को भी शामिल किया जाए। इससे दिल्ली, आगरा और जयपुर घूमने वाले पर्यटकों को खजुराहो आने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकेगा। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य खजुराहो को एक बड़े पर्यटन मार्ग से जोड़ना है। ऐसा होने पर खजुराहो की पहचान और मजबूत हो सकती है।
इस पहल को Khajuraho Tourism के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना अभी प्रस्तावित है। इसके लागू होने की अंतिम तारीख सामने नहीं आई है।
खजुराहो में पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करीब 500 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और पर्यटन के क्षेत्र में विकास करना है। खजुराहो आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में उनके लिए अच्छी सुविधाएं होना भी जरूरी है। प्रस्तावित योजना में पर्यटन सुविधाओं के विकास पर जोर दिया गया है।
इसके साथ ही खजुराहो को दूसरे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इससे पर्यटकों को एक ही यात्रा में कई प्रमुख पर्यटन स्थल घूमने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, प्रस्तावित 500 करोड़ रुपए की राशि किन-किन कामों पर खर्च होगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
खजुराहो में पर्यटन बढ़ने का सीधा फायदा स्थानीय लोगों को भी मिल सकता है। यहां बड़ी संख्या में लोग पर्यटन से जुड़े व्यवसाय करते हैं। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट, स्थानीय परिवहन, गाइड सेवाओं और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों की कमाई बढ़ सकती है।
खास बात यह है कि पर्यटन विकास की प्रस्तावित योजना में स्थानीय रोजगार को भी महत्व दिया गया है। इससे छोटे कारोबारियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने के नए अवसर मिल सकते हैं। पर्यटन से जुड़ी Local Employment की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
खजुराहो को दिल्ली-आगरा-जयपुर पर्यटन सर्किट से जोड़ने की प्रस्तावित योजना के पीछे एक बड़ा उद्देश्य स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करना भी है। पर्यटन सर्किट से जुड़ने के बाद खजुराहो आने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। इसका असर यहां के छोटे और बड़े कारोबारों पर दिखाई दे सकता है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से होटल और परिवहन सेवाओं की मांग बढ़ सकती है।
स्थानीय दुकानदारों, गाइड और दूसरे व्यवसायों को भी अधिक ग्राहक मिल सकते हैं। फिलहाल यह योजना प्रस्तावित स्तर पर है। इसके लागू होने के बाद ही खजुराहो के पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर वास्तविक असर का आकलन किया जा सकेगा।
खजुराहो में पर्यटन को बढ़ाने के लिए फिलहाल दो महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। पहली, यहां पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। दूसरी, पर्यटन सुविधाओं को विकसित करने के लिए करीब 500 करोड़ रुपए की योजना प्रस्तावित है। इसके साथ खजुराहो को दिल्ली-आगरा-जयपुर पर्यटन सर्किट से जोड़ने की तैयारी भी की जा रही है।
इस योजना के पीछे सोच ये है कि पर्यटकों को खजुराहो आने के लिए आकर्षित किया जाए और यहां के पर्यटन कारोबार को मजबूत बनाया जाए। इसे Tourism Development के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक संभावित कदम माना जा सकता है।
खजुराहो के लिए अच्छी बात यह है कि पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी पहले से दर्ज की जा रही है। अब देखना होगा कि प्रस्तावित 500 करोड़ रुपए की योजना कब आगे बढ़ती है और इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को क्या सुविधाएं मिलती हैं। फिलहाल बढ़ते पर्यटकों के आंकड़ों ने खजुराहो में पर्यटन के बेहतर भविष्य की उम्मीद जरूर बढ़ा दी है।
खजुराहो विश्व धरोहर है और यहां आने वाले पर्यटकों की संख्या हर साल बढ़ रही है। सर्किट से जुड़ने और 500 करोड़ की योजना से सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद है। लेकिन पर्यटन बोर्ड की बात अहम है। फायदा तभी व्यापक होगा, जब स्थानीय रोजगार और छोटे कारोबारों को भी विस्तार मिले। पर्यटक बढ़ें, तो होटल, गाइड और दुकान वालों को काम मिल सकता है। इसलिए योजना की प्रगति पर नजर रखना जरूरी है।
FAQs:
अनुमान है कि साल खत्म होने तक यह संख्या छह लाख के पार पहुंच सकती है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यहां नई सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और कारोबार के नए अवसर भी खुल सकते हैं।
हर साल बढ़ रही पर्यटकों की संख्या
साल 2024 में खजुराहो में 4.89 लाख पर्यटक आए थे। इसके बाद साल 2025 में यह संख्या बढ़कर 5.47 लाख हो गई। इस तरह सिर्फ एक साल में करीब 58 हजार पर्यटक बढ़ गए। साल 2026 में भी पर्यटकों की अच्छी संख्या देखने को मिली है।
इस साल अब तक 5.12 लाख पर्यटक खजुराहो पहुंच चुके हैं। उम्मीद है कि साल के अंत तक यह आंकड़ा छह लाख को पार कर जाएगा। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को खजुराहो के पर्यटन क्षेत्र के लिए अच्छा संकेत माना जा रहा है। इससे साफ है कि देश और विदेश के लोगों की इस ऐतिहासिक शहर में दिलचस्पी बनी हुई है।
दिल्ली-आगरा-जयपुर पर्यटन सर्किट से जुड़ेगा खजुराहो
अब प्रयास किया जा रहा है कि इस पर्यटन मार्ग में खजुराहो को भी शामिल किया जाए। इससे दिल्ली, आगरा और जयपुर घूमने वाले पर्यटकों को खजुराहो आने के लिए भी प्रोत्साहित किया जा सकेगा। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य खजुराहो को एक बड़े पर्यटन मार्ग से जोड़ना है। ऐसा होने पर खजुराहो की पहचान और मजबूत हो सकती है।
इस पहल को Khajuraho Tourism के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना अभी प्रस्तावित है। इसके लागू होने की अंतिम तारीख सामने नहीं आई है।
पर्यटन सुविधाओं पर खर्च हो सकते हैं करोड़ों रुपए
इसके साथ ही खजुराहो को दूसरे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। इससे पर्यटकों को एक ही यात्रा में कई प्रमुख पर्यटन स्थल घूमने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, प्रस्तावित 500 करोड़ रुपए की राशि किन-किन कामों पर खर्च होगी, इसकी विस्तृत जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
स्थानीय लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद
खास बात यह है कि पर्यटन विकास की प्रस्तावित योजना में स्थानीय रोजगार को भी महत्व दिया गया है। इससे छोटे कारोबारियों को अपने व्यवसाय का विस्तार करने के नए अवसर मिल सकते हैं। पर्यटन से जुड़ी Local Employment की संभावनाएं भी मजबूत हो सकती हैं।
पर्यटन नेटवर्क से जुड़ने पर कारोबार को फायदा
स्थानीय दुकानदारों, गाइड और दूसरे व्यवसायों को भी अधिक ग्राहक मिल सकते हैं। फिलहाल यह योजना प्रस्तावित स्तर पर है। इसके लागू होने के बाद ही खजुराहो के पर्यटन और स्थानीय रोजगार पर वास्तविक असर का आकलन किया जा सकेगा।
खजुराहो पर्यटन के लिए आगे क्या है तैयारी?
इस योजना के पीछे सोच ये है कि पर्यटकों को खजुराहो आने के लिए आकर्षित किया जाए और यहां के पर्यटन कारोबार को मजबूत बनाया जाए। इसे Tourism Development के साथ स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक संभावित कदम माना जा सकता है।
खजुराहो के लिए अच्छी बात यह है कि पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी पहले से दर्ज की जा रही है। अब देखना होगा कि प्रस्तावित 500 करोड़ रुपए की योजना कब आगे बढ़ती है और इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को क्या सुविधाएं मिलती हैं। फिलहाल बढ़ते पर्यटकों के आंकड़ों ने खजुराहो में पर्यटन के बेहतर भविष्य की उम्मीद जरूर बढ़ा दी है।
यह खबर क्यों जरूरी है
FAQs:
- खजुराहो में 2026 में अब तक कितने पर्यटक आए?
2026 में अब तक 5.12 लाख पर्यटक खजुराहो आ चुके हैं। साल के अंत तक यह संख्या छह लाख पार होने का अनुमान है। यह 2024 के पूरे साल के 4.89 लाख से ज्यादा है। - खजुराहो को किस पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना है?
खजुराहो को दिल्ली-आगरा-जयपुर पर्यटन सर्किट से जोड़ने की योजना प्रस्तावित है। इसके साथ करीब 500 करोड़ की योजना से सुविधाएं बढ़ाने की तैयारी है। मकसद आवाजाही और कनेक्टिविटी बेहतर करना है।
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